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Screen Impact on Your Vision: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में ड्राइनेस, जलन और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो स्क्रीन देखते वक्त लोग पलकें कम झपकाते हैं, जिससे ड्राइनेस की परेशानी पैदा होती है. काम के दौरान 20-20-20 नियम अपनाकर और सही आदतों से आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है.
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आई स्ट्रेन और ड्राइनेस की समस्या हो सकती है.
Screen and Digital Eye Strain: आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन हमारी प्रोफेशनल लाइफ का अहम हिस्सा बन चुके हैं. इन सभी डिवाइस के बिना काम करना भी संभव नहीं रहा है. ऑफिस में घंटों स्क्रीन के सामने बैठना अब कॉमन बात है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से हमारी आंखों पर बुरा असर पड़ता है और इससे जुड़ी कई समस्याएं पैदा होने लगती हैं. शुरुआत में यह समस्या मामूली थकान या जलन के रूप में दिखती है, लेकिन समय के साथ यह आंखों की बड़ी समस्या बन सकती है. इसलिए समय रहते इसके संकेतों को समझना और बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है.
डॉक्टर ने बताया कि आंखों की समस्याएं अक्सर धीरे-धीरे सामने आती हैं, इसलिए उनके शुरुआती संकेतों को पहचानना जरूरी है. जैसे आंखों में लगातार लालिमा या जलन, ड्राइनेस, ब्लर विजन, सिरदर्द, रोशनी से चुभन और पास-दूर की चीजों पर फोकस करने में दिक्कत. अगर इनमें से तीन या उससे ज्यादा लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. हालांकि अच्छी बात यह है कि इन समस्याओं से बचाव संभव है. इसके लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीका है 20-20-20 नियम. हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें. इसके अलावा काम करते समय बार-बार पलक झपकाना, स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखना और उसकी ऊंचाई सही रखना भी जरूरी है.
एक्सपर्ट की मानें तो आंखों की सेहत बेहतर बनाए रखने के लिए सही खान-पान भी जरूरी है. ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A, विटामिन C और विटामिन E से भरपूर डाइट आंखों को मजबूत बनाती है. अच्छा खानपान आंखों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके अलावा साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए, क्योंकि कई समस्याएं बिना लक्षण के भी विकसित हो सकती हैं. सही आदतें अपनाकर आप अपनी आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





