8 मिनट पहले
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20 मई को राष्ट्रीय चुनाव के पांचवें चरण के मतदान पूरे होंगे। पांचवें चरण में 6 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों की 49 सीटों पर मतदान हुआ। इसके बाद सोशल मीडिया पर 13 सेकेंड की एक वीडियो क्लिप लगातार वायरल हो रही है। इस वीडियो में दो पैरों के बीच टकराव देखा जा सकता है।
- दावा किया जा रहा है कि बीजेपी को वोट न देने पर भी बीजेपी को वोट नहीं दिया गया। इस वीडियो को एक्स पर कई वेरी पिरामिड और नॉन वेरी फोटोग्राफर ने शेयर किया है।
- समाजवादी पार्टी के नेता राघवेंद्र यादव ने लिखा- लोगों ने वोट नहीं दिया तो कौशांबी में भाजपा के लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। भाजपा संविधान चाहती है लेकिन छोटे भाई आरक्षण खत्म करने वाली भाजपा को वोट नहीं देगा।
- भारत समाचार ने भी इसी दावे के साथ वीडियो ट्वीट किया। भारत समाचार ने लिखा- कौशाम्बी, उन्नत समाज के लोगों पर हमला। भाजपा को वोट न करने पर हमला, भाजपा कार्यकर्ताओं ने घर में घुसकर पीटा। हमले का वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद, सपा सुप्रियो ने चुनाव आयोग से शिकायत की। कौशाम्बी के मानिकपुर मीरगढ़वा का मामला।
- आलोक यादव ने लिखा- विपक्ष ने वोट नहीं दिया, तो कौशांबी में बीजेपी के लोगों ने घर पर ही घर बना लिया. मनुवादी हम बाबा साहेब का संविधान परिवर्तन की सोच रखते हुए लोगों को वोट नहीं देंगे।
- प्रशांत कनौजिया नाम के वेरी सम्राट सम्राट ने भी इसी तरह के दावे और दावे के साथ वीडियो ट्वीट किया।
वायरल वीडियो का सच…
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमसे जुड़े की-वर्ड्स सर्च करें। सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक पोस्ट, पुलिस के लिए सर्च एक्स डाउनलोड पर मिली। इस पोस्ट में अपर पुलिस कप्तान संजय राय की पत्नी हैं।
- पुलिस अधीक्षक ने कहा- थाना मानिकपुर पर 18 मई को अरविंद पटेल और राम नरेश के बीच तीन पेड़ काटने का सौदा हुआ था। जब दो पेड़ कट चुके थे और एक गुलर का पेड़ कट कर पास में खंभे के तार पर गिर गया, तार टूट गया और खंभा क्षतिग्रस्त हो गया। खंभा उदय प्रकाश शुक्ला के घर के पास था।
- उन्होंने आगे कहा- अरविंद केजरीवाल ने रामाधीन सोनकर (लकड़ी काटने वाली मशीन के मालिक) को बुलवाया और इसमें यह तय हुआ कि लाइनमैन को 10 हजार रुपये का तार और खंभा ठीक-ठाक मिलेगा। अवास्तविक के बाद दोनों पक्ष चले गए।
- आज 20 मई को उदय प्रकाश शुक्ला, रामधीन सोनकर के घर के पास कथा करने गए थे। उसी बात को जन्मों में फिर से कहासुनी और मारपीट हुई। दोनों पक्षों को अवशेष पर लाया गया और कार्रवाई की जा रही है। किसी को मतदान से रोका नहीं गया है। मतदान से रोके जाने का दावा गलत है।
पंडाल के दौरान हमें इस मामले से जुड़ी प्रतापगढ़ पुलिस की एक अन्य पोस्ट भी मिली। इस पोस्ट में भी प्रतापगढ़ पुलिस ने वायरल वीडियो के साथ दावे का खुलासा किया है।
साफ है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं दावा पूरी तरह गलत है.
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