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आजकल Vitamin D की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है. कई रिसर्च में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कम Vitamin D का स्तर Thyroid Cancer के खतरे को बढ़ा सकता है. इस विषय पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि Vitamin D और Thyroid हेल्थ के बीच गहरा संबंध हो सकता है.
Vitamin D की कमी Thyroid से जुड़ी.
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में विटामिन-डी की कमी एक बड़ी हेल्थ समस्या बनती जा रही है. ज्यादातर लोग दिनभर घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती. विटामिन-डी को अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से सूरज की रोशनी से शरीर में बनता है. लेकिन जब शरीर में इसका स्तर कम हो जाता है, तो यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ सकता है. हाल के वर्षों में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या विटामिन-डी की कमी थायरॉइड से जुड़ी गंभीर बीमारियों, यहां तक कि थायरॉइड कैंसर के खतरे को भी बढ़ा सकती है.
बोरीवली के एचसीजी कैंसर सेंटर के सीनियर डॉक्टर डॉ. यश माथुर का कहना है कि, थायरॉइड शरीर की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो हार्मोन बनाकर मेटाबॉलिज्म, एनर्जी और शरीर के कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करती है. जब थायरॉइड ठीक से काम नहीं करता तो शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन-डी का शरीर के इम्यून सिस्टम और हार्मोन संतुलन से गहरा संबंध होता है. यही कारण है कि इसकी कमी कई हार्मोनल समस्याओं से जुड़ सकती है.
कुछ रिसर्च में यह पाया गया है कि जिन लोगों को थायरॉइड कैंसर होता है, उनमें अक्सर विटामिन-डी का स्तर कम पाया जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन-डी शरीर की कोशिकाओं के विकास और इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है. जब इसकी मात्रा कम होती है तो शरीर में सूजन और इम्यून असंतुलन बढ़ सकता है, जो कई बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है.
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि विटामिन-डी की कमी सीधे तौर पर थायरॉइड कैंसर का कारण नहीं मानी जाती. लेकिन यह कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकती है जो Thyroid से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दें. इसलिए डॉक्टर अक्सर थायरॉइड से जुड़ी परेशानी वाले मरीजों में Vitamin D के स्तर की जांच कराने की सलाह देते हैं. विटामिन-डी की कमी के कुछ सामान्य लक्षण भी होते हैं जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. जैसे लगातार थकान रहना, हड्डियों में दर्द, कमजोरी महसूस होना, मूड में बदलाव और बाल झड़ना. दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई लक्षण थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं. यही वजह है कि कई बार दोनों स्थितियों की जांच साथ-साथ करने की जरूरत पड़ती है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन-डी के स्तर को बनाए रखने के लिए रोजाना थोड़ी देर धूप में समय बिताना जरूरी है. इसके अलावा डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जिनमें विटामिन-डी अच्छी मात्रा में मिलता हो. जैसे फैटी फिश, अंडे, फोर्टिफाइड दूध और कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स. अगर शरीर में विटामिन-डी का स्तर बहुत कम हो तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें





