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uttarakhand chardham yatra updates kedarnath badrinath gangotri yamunotri | चारधाम यात्रा- रिकॉर्ड श्रद्धालुओं से सिस्टम की सांसें फूलीं: 45 किमी का जाम, लोग 25 घंटे से फंसे; दर्शन के इंतजार में 10 की मौत

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उत्तरकाशी4 मिनट पहलेलेखक: मनमीत

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यह तस्वीर गंगोत्री से 52 किमी पहले गंगनानी पर लंबे जाम की है।  - दैनिक भास्कर

यह तस्वीर गंगोत्री से 52 किमी पहले गंगनानी पर लंबे जाम की है।

यदि आप अभी भी उत्तराखंड में चार यात्रा धामों के लिए योजना बना रहे हैं, तो इसे अवश्य देखें, क्योंकि गंगोत्री-यमुनोत्री धामों पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ के सरकारी व्यवस्थाएं शुरू हो गई हैं। दोनों धामों के लिए जब आप हरिद्वार से आगे बढ़ेंगे तो 170 किमी दूर बरकोट से 45 किमी लंबा जाम दिखेगा।

बरकोट से आगे यमुनोत्री और गंगोत्री के रास्ते हैं। सब जाम हैं। यहां से उत्तरकाशी का 30 किमी का रूट वन-वे है, इसलिए मंदिर से लौटती फिरती फिरती जा रही हैं। मंदिर जाने वाले पत्थर का नंबर 20-25 घंटे बाद आ रहा है।

इसी इंतजार में 4 दिन में यमुनोत्री-गंगोत्री जा रहे 10 लोग रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। इनमें से 5 जनवरी मंगलवार को। तीन ऐसे हैं,गाड़ी में दम तोड़ दिया। जिन 10 उद्यमियों की मृत्यु हुई, उन सभी की आयु 50 वर्ष से अधिक थी। इनमें से 4 को वर्कर्स के साथ-साथ ब्लड वॉल्यूम की भी शिकायत थी।

ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से ली गई है।  कथित तौर पर यमुनोत्री मार्ग में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से ली गई है। कथित तौर पर यमुनोत्री मार्ग में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

लोगों के लिए न तो प्रभावितों का, न खाने-पीने की व्यवस्था
गंगोत्री स्थित वक्त उत्तरकाशी से 20 किमी आगे बढ़ती ही सड़क किनारे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग आराम से देखते हैं। यहां न किसी का सलाहकार है और न ही किसी का। आसपास के लोग पानी की बोतल 30 से 50 रु. तो शौचालय उपयोग का 100 रु. तक ले रहे हैं।

गंगोत्री रूट पर छह दिन से जाम में फंसे महाराष्ट्र, मप्र, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और दिल्ली के 7 हजार यात्रियों ने आगे की यात्रा की यात्रा कर वापसी ही मुनासिब समझा।​​​ हांलाकी, ​दारनाथ और बद्रीनाथ के जाम पर कम है. मंगलवार को यहां 23 हजार लोगों ने दर्शन किए।

गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों ने चारधाम यात्रा की मान्यताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों ने चारधाम यात्रा की मान्यताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

आपबीती: स्ट्रीट पर गुजरात रह रही ठिठुरती रातें

  • नासिक के इस दल ने बताया कि हम गंगोत्री जा रहे थे, लेकिन कई चौथाई जाम में फंसे हैं। इसलिए अब गंगोत्री यात्रा कर धार्मिक धाम जा रहे हैं। हमारा पैसा बर्बाद हो गया है। सड़क का सुपरमार्केट भी लगभग डबल बिक गया है।
  • मप्र के सेंधवा की रजनी ठाकुर कथाएं शाम 7 बजे से बंद हैं। अब सुबह हो गई है लेकिन रास्ता नहीं खुला है। हमारे साथ कई बुजुर्ग हैं, जो बीमार हो रहे हैं। पुलिस ने दो बार पूछताछ की, लेकिन खाने-पीने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
  • महाराष्ट्र से आए विनय देशमुख ने बताया कि 14 घंटे से गंगोत्री जाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन गाड़ी में कब तक इंतज़ार रहेगा। आसपास न गांव है, न ढेबा। खाना-पीने को भी कुछ नहीं। पीने का पानी भी 50 रु. का मिल रहा है.

अब तक 26 लाख की हो चुकी है बुकिंग
के अभिनव कुमार के अनुसार पिछले वर्ष 28 मई तक यमुनोत्री में 12045 तो गंगोत्री में 13670 यात्री पहुंचे थे, लेकिन उत्तराखंड में मंगलवार को 27 हजार लोग यमुनोत्री पहुंचे। उद्यमियों पर बहुत दबाव है।

इस बार अब तक करीब 26 लाख अपॉइंटमेंट हो चुके हैं। अभी कपाट ओपन 4 दिन ही हुए हैं, जबकि यात्रा नवंबर तक। 2023 में मई से नवंबर तक रिकॉर्ड 55 लाख राजस्व थे। कई लोग बिना नौकरी के हैं। सरकारी कंपनी 2023 के यात्रियों की संख्या के आधार पर थे।

उत्तराखंड के अनमोल अभिनव कुमार ने मंगलवार को सभी पुर्तगालियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की और चारधामों के ठेकेदारों के बीच बातचीत की।

उत्तराखंड के अनमोल अभिनव कुमार ने मंगलवार को सभी पुर्तगालियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की और चारधामों के ठेकेदारों के बीच बातचीत की।

4 दिन में 1.30 लाख से अधिक लोग, पिछले साल 16 दिन में इतने लोग गये थे
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार उत्तराखंड में 1200 साल से चार धाम की यात्रा हो रही है, लेकिन पहली बार यहां इतने अवशेष हैं। पिछले साल यमुनोत्री, गंगोत्री के कपाट 22 अप्रैल तो भगवान के कपाट 25 अप्रैल और बद्रीनाथ के 27 अप्रैल को खुले थे। टैब यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में 52 हजार लोग ही थे। इस बार चार दिन में 1.30 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। 2023 में तीन लोग 16 दिन में पहुंच पाए थे।

गुजरात सरकार ने गांधीनगर में इलेक्ट्रानिक ऑपरेशन सेंटर बनाया है। केंद्र ने उत्तराखंड सरकार से बात कर गुजराती व्यापारियों की मदद के लिए कहा है।

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चार धाम यात्रा शुरू: पहले दिन का रिकॉर्ड 32 हजार शिष्यों ने किए भगवान के दर्शन, सीएम धामी ने भी की पूजा

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 10 मई से शुरू हो गई है। भगवान के कपाट सुबह 6:55 बजे और यमुनोत्री के कपाट सुबह 10:29 बजे रवाना हुए। दोपहर 12:25 बजे गंगोत्री धाम के कपाट खुले। जबकि बद्रीनाथ मंदिर के दर्शन 12 मई से होंगे।

भगवान के कपाट के बाद सीएम पुष्यर सिंह धामी अपनी पत्नी के साथ दर्शन के लिए पहुंचे। यहां सबसे पहले एक ही दिन में हजारों लोगों की भीड़ के कारण झांकी देखने को मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

यमुनोत्री धाम में 15 किमी तक जाम:9 हजार लोगों के दर्शनों से लेकर 7 घंटे की बंद रही यात्रा

उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम में रविवार सुबह भी दर्शन हो रहे हैं। एक साथ 9 हजार से अधिक लंबा रास्ता समुद्री तल से 10,797 फीट ऊपर जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक का 5-6 फीट लंबा रास्ता और 4 किमी लंबा रास्ता बेहिसाब भीड़ में जाम हो गया।

यात्रा एक दिन में शुरू करने की भी योजना बनी, लेकिन बदलाव पेश किया गया। इसके बाद आश्रम को 45 किमी दूर बरकोट से आगे नहीं बढ़ाया गया। फिर जानकी चाटी एक से पहले दमता धरासू में भी राक्षसी रोके चले गए। इससे 15 किमी लंबा जाम लग गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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