1-1 रुपये के लिए दिनभर करते थे फोन बूथ की रखवाली, आज अरबपति भी लेते हैं सलाह, लाखों लोगों ने दे रखे हैं 1000 करोड़


Prashant Shah Success Story : ‘सफलता एक दिन में नहीं मिलती लेकिन एक दिन जरूर मिलती है.’ महाराष्‍ट्र में जन्‍में प्रशांत शाह ने इस बात को 20 साल की उम्र में ही गांठ बांध लिया था. जब उनका परिवार दो वक्‍त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा था, तब उन्‍होंने पिता का हाथ बंटाने के लिए टेलीफोन बूथ पर काम करने से लेकर क्रेडिट कार्ड बेचने और सड़क किनारे कैंप लगाकर डीमैट खाते खोलने तक का काम किया. इन संघर्षों में भी उन्‍होंने कभी धैर्य और जिज्ञासा का दामन नहीं छोड़ा. जितनी बड़ी चुनौती, उतना ही भरोसा बढ़ता गया और कभी 1-1 रुपये के लिए टेलीफोन बूथ की रखवाली करने वाले युवक की कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट आज 1,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा है. आज उनका एक ही मकसद है कि लोगों को रूल बेस्‍ड निवेशक बनाया जाए, जो बाजार को समझकर अपने पैसे लगाएं.

हम बात कर रहे हैं Definedge Securities के को-फाउंडर और सीईओ प्रशांत शाह की. न्‍यूज 18 से बातचीत में उन्‍होंने बताया कि जिंदगी की मुश्किलों से एक ही सबक सीखा, सफलता का कोई शॉर्ट नहीं होता. अगर आपको आगे बढ़ना है तो सीखना और धैर्य रखना ही इसका मूलमंत्र है. इसी मूलमंत्र को खुद पर अप्‍लाई किया और पूरा फोकस सिर्फ सीखने पर लगाया. जितना सीखता, उससे ज्‍यादा खोजता. इन्‍हीं दो पटरियों पर अपनी जिंदगी की गाड़ी दौड़ाता रहा और सफलता की मंजिल खुद आती गई.

एक घटना ने बदल दी जिंदगी
प्रशांत शाह ने बताया कि उनके पिता एक फैक्‍ट्री में काम करते थे. किसी कारणवश उनका काम छूट गया और परिवार गहरे आर्थिक संकट में फंस गया. यह बात साल 2000 के आसपास की है और यहीं से उनकी जिंदगी ने संघर्ष का दामन थाम लिया. चंद पैसे कमाने के लिए लाल बक्‍से वाले टेलीफोन बूथ पर बैठना शुरू किया, जहां दिनभर दर्जनों नए लोगों से बातचीत का अनुभव मिलता. यही अनुभव उन्‍हें लोगों के साथ संवाद बनाने की कला सिखाने लगा. कुछ समय बाद यह काम छोड़कर बैंक के क्रेडिट कार्ड बेचे. साल 2005 में शेयर बाजार का नया-नया बोलबाला शुरू हुआ. तब एक सरकारी कंपनी के स्‍टॉक ने निवेशकों को अपनी तरफ खींचा और लाखों लोग डीमैट खाते खुलवाने लगे. प्रशांत को भी सड़क किनारे खड़े होकर डीमैट खाते खोलने का काम मिला, जो पूरी तरह कमीशन पर आधारित था.

मन की ईमानदारी ने सीखना सिखाया
प्रशांत बताते हैं कि डीमैट खाते खोलने का काम कमीशन पर आधारित था, तो हमारे सभी साथी ज्‍यादा से ज्‍यादा खाते खोलने पर ध्‍यान देते थे. लेकिन, मेरे मन में हमेशा एक सवाल उठता कि जो चीज मैं खुद नहीं जानता, उसे दूसरों को कैसे बताएं. इसी सवाल का जवाब खोजने के लिए शेयर बाजार के बारे में पढ़ना और जानना शुरू किया. धीरे-धीरे यह काम इतना अच्‍छा लगने लगा कि जुनून की तरह मन में छा गया. हालांकि, तब तक अकाउंटिंग की पढ़ाई पूरी करके ऑफिस में काम करना शुरू कर दिया था और अच्‍छी पगार से परिवार भी ठीकठाक चलने लगा था. लेकिन, जिज्ञासा खत्‍म नहीं होती और सिर्फ रात के 9 बजने का इंतजार रहता. जैसे ही घर पहुंचने, खाना खाकर शेयर बाजार पर रिसर्च करने बैठ जाते. यह जिंदगी का अहम रूटीन बन चुका था.

जिद, जुनून और जानकारी ने दिलाई उपलब्धि
प्रशांत ने शेयर बाजार पर रिसर्च में पूरा जुनून लगा दिया. अपनी इस जानकारी को लोगों के बीच शेयर करना शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी और लोग उनसे सलाह लेने आने लगे. यह स‍िलसिला ऐसा आगे बढ़ा जो कुछ ही समय बाद दुनियाभर में उन्‍हें मशहूर कर दिया. उन्‍होंने अमेरिका के Chartered Market Technician से पढ़ाई पूरी की जिसके बाद Certified Financial Technician का खिताब मिला. प्रशांत आज Member of Society of Technical Analysts, London के सदस्‍य हैं. स्विंग ट्रेडिंग की नई तकनीक खोजने के लिए प्रशांत को इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक्निकल एसोसिएशन (IFTA) की ओर से मास्‍टर ऑफ फाइनेंशियल टेक्निकल एनालिसिसस (MFTA) की उपाधि मिली. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह उपाधि पाने वाले प्रशांत पहले भारतीय हैं.

2015 में बनाई खुद की कंपनी
यह साल 2015 का समय था, जब 1-1 रुपये के लिए मोहताज रहने वाले प्रशांत शाह ने डिफाइनएज (Definedge) नाम से अपनी सिक्‍योरिटीज कंपनी बनाई. यह कंपनी शेयर बाजार को लेकर किए गए उनके शोध और विश्‍लेषणों के आधार पर निवेशकों को फाइनेशियल सलाह देती थी. उनकी जानकारियां दूसरों के काम आने लगीं और निवेशकों के बीच उनका भरोसा तेजी से बढ़ना शुरू हो गया. साल 2021 में उन्‍होंने अपनी कंपनी को सेबी से रजिस्‍टर कराया और इसे तकनीकी रूप से ज्‍यादा सक्षम किया.

खुद के डाटा पर आधारित एआई सिस्‍टम बनाया
प्रशांत ने बाजार पर शोध के बाद खुद की 4 किताबें भी लिखी. उन्‍हें Renko, Point & Figure और Line-break चार्टिंग विधियों का विशेषज्ञ माना जाता है. रिटेल निवेशकों के लिए प्रशांत ने एल्‍गोस्‍ट्रा (Algostra) नाम से प्‍लेटफॉर्म पेश किया है. जब उनसे यह पूछा किया कि एल्‍गो ट्रेडिंग और एआई का इस्‍तेमाल तो आज सभी प्‍लेटफॉर्म करते हैं तो उनका प्‍लेटफॉर्म इससे अलग किन मायनों में है. इस पर प्रशांत ने बताया कि उनके प्‍लेटफॉर्म पर सारी जानकारियां उनके खुद के रिसर्च और डाटा पर आधारित हैं. यह गूगल पर मौजूद डाटा का इस्‍तेमाल नहीं करतीं, जिससे अन्‍य प्‍लेटफॉर्म के मुकाबले उन्‍हें बढ़त मिलती है.

कंपनी के पास 10 लाख से ज्‍यादा यूजर
अब तक तो आपको प्रशांत के संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी पता चल गई होगी, लेकिन कामयाबी का असली आंकड़ा उनके प्‍लेटफॉर्म पर मौजूद ग्राहकों में दिखता है. आज उनकी कंपनी 10 लाख से ज्‍यादा ग्राहकों का भरोसा संभालती है और इन ग्राहकों की ओर नियम के अनुसार निवेश किए गए करीब 1,000 करोड़ रुपये की देखरेख करती है. उनका मानना है कि अगर सही जानकारी के साथ बाजार में पैसे लगाए जाएं तो विषम परिस्थिति में भी नुकसान से बचा जा सकता है. आज जब बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव दिख रहा है तो उन्‍होंने निवेशकों को सिर्फ एक ही मूलमंत्र पर काम करने का संदेश दिया है, ‘धैर्य और सही जानकारी जोखिम से बचाती है’. .



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