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अमेरिका लगातार नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है. इसी सिलसिले में एक बार फिर से अमेरिकी सेना ने प्रशांत महासागर में एक जहाज पर हमला किया और दावा किया कि ये ड्रग्स की तस्करी कर रहा था. इस घना में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है.
अमेरिका ने प्रशांत महासागर में नाव को बनाया निशाना.
वाशिंगटन: अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को बताया कि उसने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक जहाज पर हमला किया, जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही थी. अमेरिकी सदर्न कमान ने सोशल मीडिया पर कहा कि जहाज पूर्वी प्रशांत महासागर में तस्करी के रास्तों से गुजर रहा था और मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था. कमान ने बताया कि इस हमले में तीन लोग मारे गए. पोस्ट के साथ एक वीडियो भी था जिसमें जहाज जलक्षेत्र से गुजरता दिख रहा है और हमले के बाद उसमें आग लग जाती है.
आपको बता दें कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के तहत ऐसे जहाजों को निशाना बना रही है, जो तस्करी से जुड़े होते हैं. अब तक इन हमलों में मरने वालों की संख्या 148 हो गई है. सितंबर की शुरुआत से कैरेबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ऐसे कम से कम 43 हमले हुए हैं. अमेरिकी सदर्न कमांड ने शुक्रवार को बताया कि निर्धारित आतंकी संगठन की ओर से चलाए जा रहे जहाज पर काइनेटिक स्ट्राइक यानि घातक हमला किया गया है. सोशल मीडिया पर इसका 16 सेकंड का वीडियो भी जारी किया गया.
जहाज पर क्यों हुआ घातक हमला?
दक्षिणी कमान के बयान के मुताबिक यह हमला पूर्वी प्रशांत महासागर में एक कथित ड्रग तस्करी करने वाली नाव पर किया गया. इस हमले में तीन नार्को-आतंकवादी मारे गए. यह कार्रवाई साउथकॉम के कमांडर जनरल फ्रांसिस एल डोनोवन के निर्देश पर की गई. साउथकॉम ने अपने पोस्ट में लिखा- ’20 फरवरी को जॉइंट टास्क फोर्स साउदर्न स्पीयर ने यह घातक हमला किया. खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह नाव पूर्वी प्रशांत में उन रास्तों से गुजर रही थी, जो ड्रग तस्करी के लिए जाने जाते हैं और वह नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थी. इस कार्रवाई में तीन पुरुष तस्कर मारे गए और किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा.’ हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जिस नाव पर हमला किया गया, वह किस आतंकी संगठन से जुड़ी थी.
अब तक कितनी जहाजों पर हमला?
- 2 सितंबर से अब तक अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में कम से कम 43 हमले किए हैं. इन अभियानों में 147 से ज्यादा सो कॉल्ड नार्को-आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया गया है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करना और क्षेत्र में नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकना है.
- हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकते हैं. सोमवार को भी अमेरिकी सेना ने तीन नावों को नष्ट किया था, यह कहते हुए कि वे ड्रग तस्करी में इस्तेमाल हो रही थीं. इनमें से दो नावें पूर्वी प्रशांत में और एक कैरेबियन क्षेत्र में थीं. उस कार्रवाई में 11 कथित तस्कर मारे गए थे और तब भी कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ था.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





