Freedom Shield Military Drill: अमेरिका के राष्ट्रपति की जिद्द ने ईरान में जंग छेड़ रखा है. वह लगातार ईरान को सरेंडर करने की धमकी दे रहे हैं. इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ईरान के साथ 10 दिन भी युद्ध में बम और मिसाइल बरसा रहा है. लेकिन इस बीच खबर है कि ट्रंप ने साउथ कोरिया में अचानकर अमेरिकी फौज उतार दी है. हालांकि यह कोई युद्ध की तैयारी नहीं है और ही ना ही ट्रंप के डायरेक्ट टारगेट पर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन हैं. हालांकि इसे किम पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में जरूर देखी जा रही है. तनाव के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है. हजारों सैनिकों की भागीदारी वाला यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं. ‘फ्रीडम शील्ड’ नाम के इस सैन्य अभ्यास ने एक बार फिर एशिया में रणनीतिक हलचल बढ़ा दी है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अचानक इतने बड़े स्तर पर अमेरिकी सैन्य गतिविधि क्यों तेज हुई है. क्या यह सिर्फ नियमित सैन्य अभ्यास है या इसके पीछे कोई बड़ा संदेश छिपा है?
हाल के सालों में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है. (फोटो AP)
क्या है ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास और क्यों बढ़ी हलचल
- अमेरिका और दक्षिण कोरिया का यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 19 मार्च तक चलेगा. दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक इस अभ्यास में करीब 18 हजार दक्षिण कोरियाई सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. हालांकि अमेरिका की ओर से भाग लेने वाले सैनिकों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है. यह अभ्यास मुख्य रूप से दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमताओं को परखने और संभावित युद्ध परिस्थितियों में रणनीति तैयार करने के लिए किया जाता है.
- यह अभ्यास मुख्य रूप से कमांड पोस्ट एक्सरसाइज के रूप में होता है. इसमें कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए युद्ध जैसे हालात तैयार किए जाते हैं. इसके साथ ही ‘वॉरियर शील्ड’ नाम का फील्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलता है. इसमें जमीन पर सैन्य अभ्यास किए जाते हैं. हालांकि इस साल फील्ड अभ्यासों की संख्या पिछले साल के मुकाबले कम कर दी गई है.
- अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है. लेकिन उत्तर कोरिया इसे हमेशा संभावित हमले की तैयारी के रूप में देखता रहा है.
फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास क्या है?
फ्रीडम शील्ड अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हर साल होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास है. इसका उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त सैन्य रणनीति और संचालन क्षमता को बेहतर बनाना है. इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध परिस्थितियों की सिमुलेशन के जरिए तैयारी की जाती है. इसके साथ ही जमीन पर भी कुछ सैन्य अभ्यास किए जाते हैं.
इस अभ्यास से उत्तर कोरिया क्यों नाराज रहता है?
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है. किम जोंग उन की सरकार का मानना है कि यह अभ्यास वास्तव में उत्तर कोरिया पर हमले की तैयारी का हिस्सा है. इसलिए जब भी ऐसा अभ्यास होता है, तब उत्तर कोरिया अक्सर मिसाइल परीक्षण या सैन्य प्रदर्शन करके जवाब देता है.
क्या अमेरिका अपनी सैन्य ताकत मध्य पूर्व में भेज रहा है?
कुछ दक्षिण कोरियाई मीडिया रिपोर्टों में यह अटकलें लगाई गई हैं कि अमेरिका अपने कुछ सैन्य संसाधनों को मिडिल ईस्ट की ओर भेज सकता है. हालांकि अमेरिकी सेना ने इन खबरों पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है. दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा होता भी है तो इससे दोनों देशों की संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
क्या इससे अमेरिका-उत्तर कोरिया तनाव और बढ़ सकता है?
संभावना है कि इस सैन्य अभ्यास के कारण उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और तीखी हो सकती है. पहले भी ऐसे अभ्यासों के बाद प्योंगयांग ने मिसाइल परीक्षण किए हैं. साल 2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत टूटने के बाद दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.
कूटनीति और तनाव के बीच संतुलन की कोशिश
हाल के सालों में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है. वहीं दक्षिण कोरिया की सरकार कूटनीति के रास्ते को भी खुला रखना चाहती है. ऐसे में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लिए यह चुनौती है कि वे सुरक्षा सहयोग मजबूत करें, लेकिन साथ ही क्षेत्रीय तनाव को भी नियंत्रित रखें.





