Last Updated:
US Force Deployment in Middle East: जब से अमेरिका की ओर से ग्राउंड ट्रूप्स भेजे जाने की खबरें आने शुरू हुई हैं, तब से हर तरफ चर्चा अमेरिका के उस 82वें एयरबोर्न डिवीजन की हो रही है, जिसे ईरान से दो-दो हाथ करने अमेरिका की ओर से भेजा जा रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि इसकी खासियत क्या है.
डोनाल्ड ट्रंप भेज रहे अमेरिका की घातक सेनाएं.
Iran US War News: ईरान-अमेरिका युद्ध में अब परिस्थितियां इशारा कर रही हैं कि ट्रंप की ताकतवर सेनाएं जमीन पर उतर ईरान को धूल चटाएंगी. हालांकि ईरान भी इसके लिए तैयार बैठा है और वो 20 साल से उससे लड़ने की तैयारी कर रहा है. खबरें आ रही हैं कि पेंटागन जल्द ही अमेरिकी सेना की प्रतिष्ठित 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को मध्य पूर्व भेजने की योजना बना रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये कदम अमेरिकी सैन्य तैनाती को और बढ़ाएगा, वो भी तब, जब ट्रंप इस युद्ध में शांति और समझौते की बात कर रहे हैं.
अमेरिका अपनी जो डिवीजन ईरान में भेज रहा है, वो कोई ऐसी-वैसी सेना नहीं है. ये वही सेना है, जो दुनियाभर में अपनी तेजी, सटीक ऑपरेशन और घातक तैयारी के लिए जानी जाती है. इस डिवीजन ने अमेरिका के बड़े-बड़े युद्धों में हिस्सा लिया है. इसमें द्वितीय विश्व युद्ध और कोरिया में इसकी तैनाती सबसे अहम रही है लेकिन दिलचस्प ये भी है ये डिवीजन अफगानिस्तान, ईराक और वियतनाम युद्धों में भी गई थी, जहां अमेरिका की नाकामी ने उसकी साख को बड़ा धक्का पहुंचाया.
ईरान में आएंगे अमेरिका के कितने सैनिक?
इस तैनाती में लगभग 3000 से 4000 सैनिक शामिल होंगे. ये सैनिक नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में तैनात हैं और किसी भी समय आदेश मिलने पर 18 घंटे में तैनात किए जा सकते हैं. अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि तैनाती के सभी फैसले पेंटागन के माध्यम से ही सार्वजनिक किए जाएंगे. तैनाती 20 मार्च की रिपोर्ट के बाद आ रही है, जिसमें अमेरिका ने USS बॉक्सर और उसके मरीन एक्सडिशनरी यूनिट के साथ हजारों मरीन और नौसैनिकों को भेजने का निर्णय लिया था.
क्या है अमेरिका की 82वीं डिवीजन?
82वीं एयरबोर्न डिवीजन अमेरिकी सेना की एक विशेष पैराशूट यूनिट है, जिसे तेजी से तैनात होने और दुश्मन के इलाके में अग्रिम हमला करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है. इसे दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली एयरबोर्न डिवीजनों में से एक माना जाता है. ये किसी भी क्षेत्र में तेजी से तैनाती, पैराशूट के जरिए दुश्मन के पीछे या अग्रिम मोर्चे पर हमले, एसीमिट्रिक वॉर और यु्द्ध में तत्काल प्रतिक्रिया के लिए जाने जाते हैं. 82वीं एयरबोर्न डिविजन अमेरिकी सेना की तुरंत प्रतिक्रिया और विशेष लड़ाकू क्षमता का प्रतीक है. यह डिविजन किसी भी संकट या युद्ध क्षेत्र में सबसे पहले भेजी जाने वाली इकाई है. इसकी विशेषज्ञता उसे अमेरिका की सबसे भरोसेमंद और खतरनाक फोर्स बनाती है.
कैसा होता है स्ट्रक्चर?
- एयरबोर्न इन्फैंट्री ब्रिगेड्स: पैराशूट सैनिक, जो हवाई या हेली से जमीन पर उतार कर हमला करते हैं.
- सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स यूनिट्स: इंजीनियरिंग, चिकित्सा और आपूर्ति, संचार और इंटेलिजेंस.
- फायर सपोर्ट यूनिट्स: हॉवित्जर और तोप, मिसाइल और ग्रेनेड सपोर्ट.
- कमांड-कंट्रोल यूनिट: रेडियो, सेंसर और युद्ध संचालन नियंत्रण.
क्या-क्या हथियार होते हैं?
- M4 कार्बाइन, M249 SAW, M240 मशीन गन
- ग्रेनेड, स्नाइपर राइफल और मिसाइल
- हॉवित्जर और हल्के तोप
- हवाई और जमीन आधारित संचार उपकरण
82वीं डिवीजन की खासियत क्या है?
- इमीडिएट रिस्पांस फोर्स: 18 घंटे के भीतर दुनिया के किसी भी हिस्से में तैनात होने की क्षमता, इलाके की जानकारी और छोटे, तेज हमलों पर ध्यान.
- पैराशूट ऑपरेशन: सैनिक विमान या हेलिकॉप्टर से पैराशूट से उतर सकते हैं
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: दुनिया के कई युद्धक्षेत्रों में मिशन, जैसे द्वितीय विश्व युद्ध, कोरिया, वियतनाम, अफगानिस्तान, इराक.
क्या है अमेरिका का मिशन?
- अमेरिका के इस ऑपरेशन के कई उद्देश्य हैं, जिसमें सबसे अहम है होर्मुज स्ट्रेट के पास द्वीपों को अमेरिका कब्जा करना चाहते हैं. ये छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण आईलैंड ईरान इनका इस्तेमाल तेल और गैस की नौवहन लाइनों को नियंत्रित करने के लिए करता है. अमेरिकी विशेष सेनाएं इन्हें जल्दी कब्जा करके होर्मुज को फिर से खोल सकती हैं.
- अमेरिका के दूसरे उद्देश्य की बात करें तो ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग इसके निशाने पर है. इसे कब्जा करने या नुकसान पहुंचाने से ईरान की तेल आय पर बड़ा असर पड़ेगा.
- ईरानी परमाणु और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी अमेरिका की नजर है. इन पर हमले का उद्देश्य संवर्धित यूरेनियम भंडार या संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करना हो सकता है.
About the Author
News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





