US-Cuba war : America Oil Blockade | US-Cuba Speedboat Clash | Cuba Terror Plot | अमेरिका क्यूबा जंग


हवाना: क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. हाल ही में हुई स्पीडबोट वाली घटना, ने दशकों पुरानी दुश्मनी की आग में घी डालने का काम किया है. क्यूबा ने अमेरिका की ओर से आ रही एक अमेरिकी नाव पर हमला बोल दिया था. क्यूबा मूल के 10 अमेरिकी नागरिक इस स्पीड बोट पर सवार थे, जिसमें से 4 मार दिए गए हैं और 6 बच गए हैं. क्यूबा का दावा है कि उसने ये एक्शन आतंकी हमले की आशंका में लिया है जबकि अमेरिका आग बबूला हो गया है. इस घटना के बाद सवाल उठ रहे है कि पहले से ही सुलग रही युद्ध की चिंगारी क्या अब आग बन जाएगी?

US-Cuba के बीच जंग के हालात

क्यूबा ने बताया कि जिस अमेरिकी स्पीडबोट पर अटैक किया था, उसमें से हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं. क्यूबा ने इसे आंतकी हमले की कोशिश मानते हुए एक्शन लिया. उधर अमेरिका आग बबूला हो गया है और क्यूबा के दावों को झूठा बताते हुए जांच की बात कह रहा है. आगे जानें इस बवाल के बाद दोनों देशों के बीच जंग के हालात क्यों बन सकते हैं.

हथियारों वाली नाव का रहस्य: क्यूबा का दावा है कि अमेरिका से आई नाव पर भारी हथियार और आईईडी (IED) थे, जो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे. क्यूबा एक तरह से अमेरिका पर शक कर रहा है और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है.

ट्रंप की धमकी: राष्ट्रपति ट्रंप ने साल की शुरुआत में ही क्यूबा को साफ चेतावनी दे दी थी. वो क्यूबा को अपने तरीके से चलाना चाहते हैं. उन्होंने राजनैतिक सुधार और चुनाव और अमेरिकी कंपनियों की एंट्री जैसी कई डिमांड्स रहती हैं और कहा है कि या तो डील कर लो या फिर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो.

तेल और आर्थिक नाकाबंदी: अमेरिका ने क्यूबा की तेल सप्लाई पूरी तरह काट दी है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. इसे लेकर भी क्यूबा में बहुत गुस्सा है.

क्या वाकई युद्ध होगा?

फिलहाल फुल स्केल वॉर की संभावना तो कम लह रही है लेकिन लेकिन ‘कोल्ड वॉर’ जैसे हालात फिर से बन गए हैं. आगे जानें कैसे-

  • मार्को रुबियो का सख्त रुख: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो खुद क्यूबाई मूल के हैं, वहां की कम्युनिस्ट सरकार के कट्टर विरोधी हैं और वे किसी भी कीमत पर वहां राजनीतिक बदलाव चाहते हैं.
  • मानवीय संकट: अमेरिका ने कुछ निजी तेल सौदों में ढील दी है ताकि वहां की जनता को पूरी तरह भूखा न मरना पड़े, जो संकेत देता है कि अमेरिका अभी सीधे सैन्य हमले के बजाय आर्थिक दबाव बनाना चाहता है.
  • पुराने जख्म: यह घटना ठीक 1996 के उस हादसे की याद दिलाती है जब क्यूबा ने अमेरिकी विमानों को गिराया था. तब भी दुनिया को लग रहा था कि दोनों देशों में जंग हो सकती है.

 अमेरिका को क्यूबा से मिला पुराना जख्म

क्यूबा और अमेरिका के बीच हवाई टकराव का किस्सा 24 फरवरी 1996 का है, जब क्यूबा के लड़ाकू विमानों ने ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ संगठन के दो निहत्थे नागरिक विमानों को बीच आसमान में मिसाइलों से उड़ा दिया था. इस हमले में तीन अमेरिकी नागरिकों सहित चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया और अमेरिका गुस्से से लाल हो गया था.

क्यूबा का दावा था कि ये विमान उसकी सीमा में घुसकर भड़काऊ पर्चे गिरा रहे थे, जबकि अंतरराष्ट्रीय जांच में पता चला कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में ही निशाना बनाया गया था. आज 2026 में हुई स्पीडबोट वाली घटना ने ठीक 30 साल पुराने उसी जख्म को हरा कर दिया है, जिससे एक बार फिर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है.



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