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रिपब्लिकन नेताओं की राय सीनेटर वॉर्नर से एकदम अलग और बहुत सख्त है. सीनेटर रॉन जॉनसन ने एबीसी न्यूज पर बयान दिया है. जॉनसन ने कहा कि अमेरिका को अपना काम हर हाल में पूरा करना होगा. ईरान किसी भी हालत में अपना परमाणु हथियार बिल्कुल न बना सके. जनरल जोसेफ वोटेल ने भी युद्ध के खौफनाक हालात पर अपनी अहम बात कही. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ताकत को बहुत कमजोर किया है.
ईरान-अमेरिका में वार्ता फेल होने के बाद हालात और खराब हो सकते हैं. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन. अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्तता में इस्लामाबाद में हुई समझौता वार्ता के विफल होने के बाद डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने रविवार को चेतावनी दी कि अमेरिका का ईरान के साथ संघर्ष लंबा और अनिश्चित हो सकता है.
सीएनएस को दिए इंटरव्यू में वॉर्नर ने कहा कि बातचीत के फेल होने के बाद वॉशिंगटन में आगे की रणनीति को लेकर मतभेद और बढ़ गए हैं. वॉर्नर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस युद्ध के 40 से ज्यादा दिन बाद हम पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं.” उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाए और साफ रणनीति की मांग की.
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के वाइस चेयरमैन वॉर्नर ने ईरान के समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करने की योजना पर भी शक जताया. उनका कहना था कि इसके लिए करीब 10,000 सैनिकों को जमीन पर तैनात करना पड़ेगा और साथ में विशेष बलों की भी जरूरत होगी. उन्होंने युद्ध की बढ़ती लागत पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि अमेरिकी सेना सस्ते ईरानी ड्रोन को गिराने के लिए महंगे इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर रही है, जबकि बड़े खतरे अब भी बने हुए हैं.
हॉर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने के प्रस्ताव पर भी वॉर्नर ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि इसे बंद करने से ईरान इसे खोलने के लिए कैसे मजबूर होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुनिया भर के तेल बाजार पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है.
दूसरी तरफ रिपब्लिकन नेताओं की राय अलग है. एबीसी न्यूज पर बोलते हुए सीनेटर रॉन जॉनसन ने कहा कि अमेरिका को हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके. उन्होंने कहा कि काम पूरा करना जरूरी है, भले ही इसमें लंबा समय लगे. सैन्य अधिकारियों का रुख थोड़ा संतुलित रहा. उन्होंने कुछ सैन्य सफलताओं का जिक्र किया, लेकिन ज्यादा उम्मीदें न बांधने की सलाह दी.
एबीसी न्यूज पर यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख रह चुके रिटायर्ड जनरल जोसेफ वोटेल ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की युद्ध क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया है, लेकिन अंतिम नतीजा राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगा.
उन्होंने कहा कि युद्ध सिर्फ लड़ाई नहीं होता, यह एक राजनीतिक स्थिति भी होती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ सैन्य कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक पूरी रणनीति की जरूरत है. वोटेल ने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु सामग्री को कब्जे में लेना एक ‘बहुत बड़ा ऑपरेशन’ होगा, जिसमें कई दिनों तक सैनिक, एयर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की जरूरत पड़ेगी.
हॉर्मुज स्ट्रेट इस पूरे संघर्ष का केंद्र बना हुआ है. अमेरिकी नौसेना वहां से माइंस हटाने का काम कर रही है ताकि जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो सके, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि व्यापारिक जहाजों का भरोसा वापस आने में समय लगेगा. यह युद्ध अब सातवें हफ्ते में पहुंच चुका है. इससे पहले ही वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





