UPSC Social Media Advisory for Selected Candidates: आईएएस-आईपीएस को ट्रेनिंग से पहले मिल गई वॉर्निंग, अब सोशल मीडिया पर नहीं झाड़ सकेंगे अफसरशाही


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UPSC Social Media Advisory 2025: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा 2025 के सफल अभ्यर्थियों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है. इसमें अधिकारियों को सोशल मीडिया पर ‘इन्फ्लुएंसर’ बनने और कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन से बचने की सलाह दी गई है. जानिए नई गाइडलाइंस.

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UPSC Social Media Advisory: यूपीएससी ने इस बार के सफल गाइडलाइंस के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं

नई दिल्ली (UPSC Social Media Advisory 2025). संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों की घोषणा के बाद सफल उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है. आमतौर पर हर साल ऐसी सलाह दी जाती है, लेकिन इस बार का निर्देश ज्यादा सख्त और स्पष्ट है. आयोग ने 958 सफल अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया पर सेल्फ प्रमोशन और व्यावसायिक विज्ञापनों से दूर रहें. यह कदम उन बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें सरकारी अधिकारी सोशल मीडिया का इस्तेमाल निजी ब्रांडिंग और इन्फ्लुएंसर के तौर पर करते पाए गए थे.

संघ लोक सेवा आयोग का मानना है कि अधिकारियों को दिखावे से बचकर ईमानदारी और अनुशासन के साथ जनता की सेवा करनी चाहिए. जैसे ही यूपीएससी के परिणाम आते हैं, विभिन्न कोचिंग संस्थानों के बीच सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें लगाकर श्रेय लेने की होड़ मच जाती है. इस बार आयोग ने उम्मीदवारों को सचेत किया है कि वे अपनी सफलता का इस्तेमाल किसी निजी लाभ या संस्थान के व्यावसायिक प्रचार के लिए न होने दें. अब सिलेक्शन के साथ ही अफसरों की सोशल मीडिया पर निगरानी शुरू हो जाती है. मकसद सिर्फ एक है- अधिकारी का व्यवहार सरकारी सेवा की बदनामी का कारण न बने.

यूपीएससी 2025: सोशल मीडिया पर ‘नो इन्फ्लुएंसर’ पॉलिसी

यूपीएससी की तरफ से जारी नई एडवाइजरी में इस बात पर जोर दिया गया है कि सफल अभ्यर्थी अब एक ऐसी सेवा का हिस्सा बनने जा रहे हैं, जहां प्रोफेशनल दूरी बनाए रखना जरूरी है. अफसरों के मुताबिक, कई बार ट्रेनी और पुराने अधिकारी सोशल मीडिया पर ऐसी चीजें शेयर करते हैं, जिससे उनके पद की गरिमा गिरती है और इसी वजह से अब सख्ती बढ़ाई गई है. संघ लोक सेवा आयोग ने साफ कहा है कि सरकारी अधिकारी ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ के तौर पर काम नहीं कर सकते और न ही वे किसी ब्रांड को प्रमोट कर सकते हैं.

आईएएस कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन पर रोक

यूपीएससी रिजल्ट घोषित होने के बाद अक्सर देखा जाता है कि कई कोचिंग सेंटर एक ही टॉपर को अपने यहां का छात्र बताते हैं. इस बार यूपीएससी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे व्यावसायिक या संस्थागत एंडोर्समेंट से उचित दूरी बनाकर रखें. उम्मीदवारों को सुनिश्चित करना होगा कि उनकी उपलब्धियों का इस्तेमाल निजी लाभ या पब्लिसिटी के लिए न किया जाए. यह निर्देश उन संस्थानों पर भी लगाम कसने के लिए है जो भ्रामक विज्ञापनों के जरिए नए अभ्यर्थियों को लुभाते हैं.

नई सोशल मीडिया पॉलिसी और डिजिटल अनुशासन

यूपीएससी की सोशल मीडिया पॉलिसी में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन खुद को प्रमोट करने वाली पोस्ट को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता है. उम्मीदवारों को नीचे लिखी बातों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है:

  • सोच-समझकर करें पोस्ट: कोई भी बयान या फोटो शेयर करने से पहले उसके प्रभाव पर विचार करें.
  • प्रोफेशनल गरिमा: ऐसे किसी भी कॉन्टेंट से बचें, जो सिविल सर्विस या उसके सदस्यों की छवि खराब कर सकती हो.
  • भ्रामक व्याख्या: किसी भी ऐसी पोस्ट से बचें जिसकी गलत व्याख्या व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर पर की जा सके.

यूपीएससी सीएसई 2025 रिजल्ट

यूपीएससी ने साल 2025 रिजल्ट के तहत, 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की है. इनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं. यह आंकड़ा पिछले 2 सालों (2024 में 1009 और 2023 में 1016) की तुलना में थोड़ा कम है. इस बार 9.37 लाख से अधिक आवेदकों में से लगभग 5.76 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से इन 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. अब ये उम्मीदवार विभिन्न अकादमियों में ट्रेनिंग के लिए जाएंगे, जहां उन्हें इन नए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें



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