यूपी-बिहार, दिल्ली, एमपी, राजस्थान समेत देशभर में मौसम का यू-टर्न, बारिश-आंधी और तापमान में गिरावट


पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर से यूपी, बिहार, दिल्ली, एमपी और राजस्थान समेत देशभर में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

फोटो: AI Generated

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देश के कई हिस्सों में मौसम ने फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरणों के सक्रिय होने के कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल तक राजधानी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बनी रहेगी।

उत्तर भारत में बारिश और ठंड का असर

दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी। उत्तर प्रदेश में भी 31 मार्च को बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले 7-8 दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।

पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम

पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक जारी रहने की संभावना है, जिससे नदियों के जलस्तर में बदलाव हो सकता है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 31 मार्च और 2 अप्रैल को बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

वहीं, दक्षिण और पश्चिम भारत के विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी हल्की बारिश हो सकती है।

कई सिस्टम सक्रिय, 2 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ

मौसम में इस बदलाव के पीछे कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तरी ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिम राजस्थान में बना चक्रवाती परिसंचरण, बिहार से झारखंड होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल तक फैली ट्रफ रेखा और उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में बने परिसंचरण इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा असम और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी परिसंचरण सक्रिय हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम और ज्यादा अस्थिर हो सकता है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश से सड़क और यातायात प्रभावित हो सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक और बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है।




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