हाइब्रिड वॉरफेयर के जरिए ईरान को तोड़ना चाहते थे ट्रंप, लेकिन ‘चौधरी’ बन रहे अमेरिका को कुर्दों ने दिया धोखा


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हथियारों के जरिए ईरान को तोड़ना चाहते थे ट्रंप, लेकिन कुर्दों ने दिया धोखा

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डोनाल्ड ट्रंप का सीक्रेट प्लान पूरी तरह से उनके ही गले पड़ गया है. इस पूरे खुफिया खेल में कुर्दों ने अमेरिका को भारी धोखा दिया है. भेजे गए हथियारों का एक बड़ा हिस्सा कुर्दों ने अपने पास रख लिया. इससे ट्रंप का ईरान में आग लगाने वाला प्लान बुरी तरह फेल हो गया. ये लूटे गए हथियार अब नई क्षेत्रीय जंग की बड़ी वजह बन सकते हैं.

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ईरान जंग में डोनाल्ड ट्रंप को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन. पश्चिम एशिया में भड़कती जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सनसनीखेज खुलासे ने पूरे क्षेत्र में भूचाल ला दिया है. ट्रंप ने खुलकर दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजे और वो भी गुप्त रास्तों से. फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हमने उन्हें बहुत सारे हथियार भेजे… कुर्दों के जरिए भेजे.” इस बयान ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे चल रहा एक बड़ा ‘शैडो ऑपरेशन’ है.

कुर्द के जरिए हथियार भेजने की बात इस पूरे खेल को और भी पेचीदा बना देती है. ट्रंप के मुताबिक, इन हथियारों का एक बड़ा हिस्सा खुद कुर्दों के पास ही रह गया. यानी जो हथियार ईरान के अंदर विरोध को भड़काने के लिए भेजे गए थे, वही अब क्षेत्रीय ताकतों के बीच नई टकराव की वजह बन सकते हैं. इससे यह भी साफ हो गया कि कुर्दों ने ट्रंप को ठग लिया.

यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है. पहले से ही जंग जैसे हालात में अब अंदरूनी अस्थिरता को हवा देने की बात ने हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है. यह कदम सीधे-सीधे किसी देश के अंदरूनी मामलों में दखल के तौर पर देखा जा रहा है. रणनीतिक नजरिए से देखें तो यह ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का साफ उदाहरण है, जहां सीधे युद्ध के बजाय विरोध, हथियार और प्रॉक्सी के जरिए दुश्मन को कमजोर किया जाता है.

लेकिन इसका जोखिम भी उतना ही बड़ा है क्योंकि इससे पूरा पश्चिम एशिया एक बड़े संघर्ष की आग में झोंका जा सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ बयानबाजी है या फिर वाकई अमेरिका ने ईरान के भीतर आग भड़काने के लिए हथियारों का खेल खेला? अगर हां, तो इसके नतीजे सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को हिला सकते हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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