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वेनेजुएला और ईरान में सैन्य आक्रामकताओं के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अहंकार अब सातवें आसमान पर है, जहां वे खुद को ‘ईश्वर’ के समान पेश कर रहे हैं और जीसस की तस्वीरों में अपना चेहरा लगाकर ‘अपुनइच भगवान है’ का नैरेटिव सेट कर रहे हैं. ट्रंप ने वेटिकन के धर्मगुरु पोप लियो XIV को ‘कमजोर’ और ‘अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा’ बताते हुए दावा किया कि पोप आज उनकी बदौलत उस कुर्सी पर बैठे हैं.
ट्रंप और पोप लियो के बीच बवाल
वॉशिंगटन: दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने का ख्वाब देख रहे डोनाल्ड ट्रंप अब उस रास्ते पर निकल पड़े हैं, जहां वो खुद को किसी ‘ईश्वर’ से कम नहीं समझ रहे. वेनेजुएला के राष्ट्रपति के कथित किडनैपिंग और ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद ट्रंप का आत्मविश्वास अब अहंकार की उस सीमा को पार कर गया है, जहां वे धर्मगुरुओं को भी अपनी उंगलियों पर नचाना चाहते हैं लेकिन ईसाई धर्म के सबसे बड़े केंद्र वेटिकन ने उन्हें आईना दिखा दिया है. पोप लियो XIV ने ट्रंप के ‘अपुनइच भगवान है’ के भ्रम को एक झटके में तोड़ दिया है.
ट्रंप Vs पोप लिया के बीच बवाल
‘मैं बहस नहीं चाहता, लेकिन सच बोलूंगा’ : पोप लियो
अल्जीरिया की उड़ान के दौरान पोप लियो ने पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप के हमले पर सधा हुआ जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वो इस बहस में नहीं उलझना चाहते, लेकिन ईसाई धर्म के संदेश का गलत इस्तेमाल उन्हें मंजूर नहीं है. पोप ने कहा, ‘दुनिया में बहुत लोग दुखी हैं. किसी को तो खड़े होकर कहना होगा कि युद्ध के अलावा भी एक बेहतर रास्ता है’. शिकागो से ताल्लुक रखने वाले पोप लियो ईरान पर अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के कड़े आलोचक रहे हैं. उन्होंने युद्ध को ‘पागलपन’ करार दिया है.
ट्रंप का तीखा हमला: ‘लियो कमजोर हैं’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोप के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. ट्रंप ने लिखा कि ‘पोप लियो अपराध पर नरम और विदेश नीति के मामले में भयानक हैं’. ट्रंप ने याद दिलाया कि कैसे कोविड के दौरान चर्च के पादरियों को गिरफ्तार किया जा रहा था, तब चर्च डरा हुआ था. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर वो व्हाइट हाउस में नहीं होते, तो लियो आज वेटिकन में पोप के पद पर नहीं होते.
क्या दांव पर है अमेरिकी चुनाव?
ये टकराव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका की करीब 20-22% आबादी कैथोलिक है. पिछले चुनावों में इस आबादी के बड़े हिस्से ने ट्रंप को वोट दिया था. अब ट्रंप द्वारा अपने ही धर्मगुरु पर सीधा हमला करने से कैथोलिक समुदाय में भारी नाराजगी देखी जा रही है. अमेरिकी बिशप्स ने भी बयान जारी कर कहा है कि पोप कोई राजनेता नहीं, बल्कि ‘मसीह के प्रतिनिधि’ हैं.
‘गैर-ईसाई ट्रंप’ : पोप
ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप का किसी पोप से झगड़ा हुआ हो. इससे पहले पोप फ्रांसिस ने भी ट्रंप की नीतियों की आलोचना की थी, तब ट्रंप ने उन्हें ‘गैर-ईसाई’ तक कह दिया था. लेकिन इस बार मामला इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि पोप लियो खुद अमेरिकी हैं और सीधे तौर पर ट्रंप की युद्ध नीति को चुनौती दे रहे हैं.
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Utkarsha Shrivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 11 years of extensive experience in digital media, she has…और पढ़ें





