लाख मुंह बजा लें ट्रंप, ईरान युद्ध से अमेरिकियों का निकल रहा है तेल, ऑनलाइन समान मंगाने पर लग रहा फ्यूल चार्ज


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लाख मुंह बजाएं ट्रंप, जंग का असर अमेरिकियों पर भी, ऑनलाइन समान पर फ्यूल चार्ज

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ईरान के साथ जारी संघर्ष का असर अब सीधे तौर पर अमेरिकी नागरिकों की जेब पर दिखने लगा है. ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन और अमेरिकी डाक सेवा ने ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के कारण फ्यूल सरचार्ज लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. पेट्रोल के दाम $4.09 प्रति गैलन के पार पहुंच गए हैं, जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में एक डॉलर से भी अधिक हैं. अब ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर चिट्ठी भेजने तक, हर चीज के लिए अमेरिकियों को भारी कीमत चुकानी होगी.

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डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

Fuel Surcharge On Online Marketing: डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान को जंग में हरा चुके हैं, मगर कहीं ना कहीं इस जंग की वजह से उनके नागरिकों में अविश्वास पैदा हो गया है. पूरी दुनिया पर जंग का असर दिख रहा है. इससे अमेरिका भी अछूता नहीं है. ये अमेरिकी नागरिकों के घरेलू बजट को बिगाड़ना शुरू कर दिया है. भले ही वाशिंगटन से कड़े बयानों का दौर जारी हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिका में अब ऑनलाइन सामान मंगाना या डाक सेवा का उपयोग करना एक महंगा सौदा साबित होने वाला है. ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन और अमेरिकी डाक सेवा ने अपनी डिलीवरी पर ईंधन अधिभार की घोषणा कर दी है.

ई-कॉमर्स क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 17 अप्रैल से तीसरे पक्ष के सेलर्स को 3.5 प्रतिशत का ईंधन अधिभार जोड़ने की योजना बना रही है. जाहिर है, विक्रेता इस बोझ को ग्राहकों पर ही डालेंगे.

डाक सेवा पर भी सर-चार्ज

दूसरी ओर, अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने भी कमर कस ली है. डाक सेवा विभाग ने अस्थायी रूप से 8.5 प्रतिशत का भारी-भरकम ईंधन अधिभार लगाने की सिफारिश रेगुलेटरी बॉडी को भेज दी है. यदि डाक नियामक आयोग इसे मंजूरी दे देता है, तो यह अधिभार 26 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा और 17 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा. यानी अमेरिकियों को अगले साल की शुरुआत तक महंगी डिलीवरी का सामना करना पड़ेगा.

ईंधन की कीमतों में आग

इस अधिभार के पीछे मुख्य कारण पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें हैं. शुक्रवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.09 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई. यह कीमत युद्ध शुरू होने से ठीक पहले की तुलना में 1 डॉलर प्रति गैलन अधिक है.यह अगस्त 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है. डीजल की हालत और भी खराब है; पिछले साल के 3.64 डॉलर के मुकाबले डीजल अब 5.53 डॉलर प्रति गैलन पर बिक रहा है.

महंगाई का डोमिनो इफेक्ट

शिकागो के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि यह केवल डिलीवरी चार्ज तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर परिवहन लागत बढ़ती है, तो इसका असर अन्य सभी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा.’ जब माल ढोने वाले ट्रक और विमान महंगे ईंधन पर चलेंगे, तो ग्रोसरी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक सब कुछ महंगा हो जाएगा.

ट्रंप प्रशासन के लिए यह स्थिति किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. एक तरफ युद्ध का मोर्चा खुला है, तो दूसरी तरफ घरेलू मोर्चे पर जनता महंगाई से त्रस्त हो रही है. अब देखना यह है कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ का नारा देने वाले नेता अपने ही नागरिकों को इस आर्थिक ‘तेल’ से कैसे बचाते हैं.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



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