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TikTok to Sell US Unit to Avoid Ban: ByteDance Signs Deal with American Investors; 17 Crore Users Relieved, Data Control to Stay in US | टिकटॉक अमेरिका में बैन नहीं होगा: बैन से बचने के लिए बाइटडांस ने डील साइन की, अमेरिकी ग्रुप के पास होगा डेटा का कंट्रोल

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  • प्रतिबंध से बचने के लिए टिकटॉक अमेरिकी इकाई बेचेगी: बाइटडांस ने अमेरिकी निवेशकों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए; 17 करोड़ यूजर्स को राहत, डेटा कंट्रोल अमेरिका में ही रहेगा
अन्य2 मिनट पहले

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क्लासिक शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक ने अमेरिका में अपना बिजनेस बिजनेस के लिए डिल साइन की है। टिकटॉक की मूल कंपनी चाइना की बेबडांस ने अमेरिका में ऐप पर बैन से बचने के लिए यह फैसला लिया है।

इस बंद के तहत टिकटॉक की अमेरिकी इकाई अब अमेरिकी युवाओं के नेतृत्व वाले एक वेंचर (समूह) के पास होगी। भारत सरकार ने 2020 में गलवान घाटी में हुई अमेरिकियों के बारे में बताते हुए कहा कि टिकटॉक में 59 डोज एप्स को बेन कर दिया गया था।

डिलर सिने की ओर भागने से रोकें

अमेरिकी सरकार लंबे समय से टिकटॉक को सुरक्षा के दावों से खतरा बता रही थी। बिडेन प्रशासन ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत जनवरी 2025 में मध्य अमेरिका में अपने अमेरिकी व्यवसाय को किसी गैर-चीनी कंपनी को शुरू करने का निर्देश दिया गया था।

ऐसा न करने पर अमेरिका में टिकटॉक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस टिकट के बाद अब अमेरिका में टिकटॉक के करीब 17 करोड़ ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अमेरिकी उद्यमियों का समूह खरीदेगा

एथलिट के अनुसार, टिकटॉक शेयरिंग वाले ग्रुप में अमेरिका के कई बड़े निवेशक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इस डिजिटल डिवाइस के तहत, ऐप का डेटा पंजीकृत और मोबाइल पर नियंत्रण अब अमेरिका स्थित यूनिट के पास ही रहेगा। इससे पहले अमेरिकी वैज्ञानिकों ने चिंता व्यक्त की थी कि चीनी सरकार के टिकटॉक के जरिए अमेरिकी नागरिकों के डेटा तक पहुंच बनाई जा सकती है।

जो बिडेन ने बिक्री से संबंधित कानून पर हस्ताक्षर किए थे

अमेरिका में राजनीतिक रूप से बैन का टिकटॉक पर काफी चर्चा हो रही है। जहां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने इस बिक्री से संबंधित कानून पर हस्ताक्षर किए थे।

वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने रुख में बदलाव करते हुए कहा था कि टिकटॉक पर बैन से फेसबुक को फायदा होगा, जिसे वह ‘जनता के दुश्मन’ मानते हैं। हालाँकि, सिक्योरिटी एडोब का दबाव बेबडेंस पर लगातार बना हुआ था।

बेडांस के पास अभी भी साथी

भले ही टिकटों की बिक्री के लिए दस्तावेज़ पर दस्तखत कर दिए गए हैं, लेकिन इस टिकट को अभी भी अमेरिकियों और संभावित चीनी शेयरधारकों (नियामकों) की मंजूरी बाकी है।

चीन ने पहले कहा था कि वह अपने समर्थकों के साथ विपक्ष का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में यह देखने को मिलेगा कि चीन की सरकार को इस डील का अंतिम रूप क्या है या नहीं।

भारत में 500 से अधिक लोगों पर प्रतिबंध

भारत ने 2020 में गलवान घाटी में हुई टिकटों के बाद टिकटॉक, वीचैट और हेलो जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 59 चीनी मोबाइल उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया था। कुछ महीने पहले ही भारत ने उद्योगपतियों के निवेश पर भी रोक लगा दी थी।

भारत सरकार का कहना था कि ये ऐप उपभोक्ता का डेटा चीनी सरकार के साथ साझा कर सकते हैं, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। भारत में अब तक 500 से अधिक लोगों ने एप पर प्रतिबंध लगाया है।

ये 59 ज़ायकेदार ऐप भारत में बैन

एपी श्रेणी

प्रतिबंधित चीनी एप

इंटरटेनमेंट वीडियो-म्यूजिक एप

1. टिक-टॉक (टिकटॉक)

2. लाइकी

3. क्वाई (क्वाई)

4. क्यूक्यू म्यूजिक (क्यूक्यू म्यूजिक)

सोशल मीडिया एप

5. हेलो (हेलो)

6. इसे शेयर करें (Shareit)

7. नेटवर्क समुदाय (Mi समुदाय)

8. वीबो (वीबो)

चैट – डेटिंग एप

9. वी चैट (वीचैट)

10. वी मीट (हम मिलते हैं)

11. वीडियोमेट (विडमेट)

वेब ब्राउजर एप

12. यूसी ब्राउज़र (यूसी ब्राउज़र)

13. सीएम ब्राउज़र (सीएम ब्राउज़र)

14. एपस ब्राउज़र (APUS ब्राउज़र)

15. डीयू ब्राउज़र (डीयू ब्राउज़र)

उपयोगिता एप

16. पैरेलल स्पेस (समानांतर अंतरिक्ष)

17. ब्यूटी प्लस (ब्यूटी प्लस)

18. शेंडर (Xender)

19. कैम स्कैनर (कैम स्कैनर)

20. बैदू मैप वंडर कैमरा (Baidu मैप वंडर कैमरा)

21. बैदू अनुवाद (Baidu Translate)

22. डीयू बैटरी सेवर (डीयू बैटरी सेवर)

23. डीयू क्लीनर (डीयू क्लीनर)

24. डीयू प्राइवेटसी (डीयू गोपनीयता)

25. डीयू रिकॉर्डर (डीयू रिकॉर्डर)

26. यूकैम मेकअप (यूकैम मेकअप)

27. वायरस वायरस (वायरस क्लीनर)

28. वी सिंक (WeSync)

29. ईएस फाइल एक्सप्लोरर (ईएस फाइल एक्सप्लोरर)

30. वॉल्ट- हाइड (तिजोरी- छिपाना)

31. कैश क्लीनर डीयू ऐप स्टूडियो (कैश क्लीनर डीयू ऐप स्टूडियो)

32. क्लीन मास्टर (क्लीन मास्टर) – चीता मोबाइल (चीता मोबाइल)

33. क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर (क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर)

34. क्यूक्यू इंटरनेशनल (क्यूक्यू इंटरनेशनल)

35. क्यूक्यू लॉन्चर (QQ लॉन्चर)

36. क्यूक्यू मेल (क्यूक्यू मेल)

37. मेल मास्टर (मेल मास्टर)

गेमिंग एप

38. क्लैश ऑफ किंग्स (किंग्स ऑफ किंग्स)

39. हबो प्ले विथ न्यू फ्रैनहबो प्ले विद न्यू फ्रेंड्स

40. मोबाइल लीजेंड्स (मोबाइल लीजेंड्स)

ई-कॉमर्स ऐप

41. क्लब फैक्ट्री (क्लब फैक्ट्री)

42. शीन (शीन)

43. रोमवी (ROMWE)

वीडियो-लाइव स्ट्रीमिंग और एडिटिंग ऐप

44. वीबो लाइव (वीबो लाइव)

45. विगो वीडियो (विगो वीडियो)

46. ​​ग्रैंड वीडियो कॉल-शाओमी (Mi वीडियो कॉल-Xiaomi)

47. वीवा वीडियो (वीवावीडियो) – क्यूयू वीडियो इंक (क्यूयू वीडियो इंक)

48. नए वीडियो स्टेटस (नए वीडियो स्टेटस)

49. क्यूक्यू प्लेयर (क्यूक्यू प्लेयर)

50. यू वीडियो (यू वीडियो)

51. वी फ्लाई स्टेटस वीडियो (वी फ्लाई स्टेटस वीडियो)

न्यूज एग्रीगेटर

52. यूसी न्यूज (यूसी न्यूज)

53.न्यूज़ डॉग (न्यूज़डॉग)

54. क्यूक्यू न्यूज चैनल (क्यूक्यू न्यूजफीड)

फोटो संपादन

55. मीटू (Meitu)

56. सेल्फी सिटी (सेल्फी सिटी)

57. वंडर कैमरा (वंडर कैमरा)

58. फोटो वंडर (फोटो वंडर)

59. स्वीट सेल्फी (स्वीट सेल्फी)

टिकट्सॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने का आरोप

प्रोफेशनल कंपनी के वीडियो एप टिकट्सॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने का आरोप था। इसके अलावा उस पर भारतीयों का डेटा चोरी करने का आरोप भी लगाया गया था। सबसे पहले मद्रास उच्च न्यायालय ने इस पर प्रतिबंध लगाया था। हाईकोर्ट से बैन होने के बाद बेबडांस ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। वह भी मद्रास उच्च न्यायालय के पद पर बहाल थे।

पेरेंट कंपनी को रोजाना 3.50 करोड़ रुपए का नुकसान

भारत में बैन की वजह से इसकी मूल कंपनी बेटडांस को रोजाना 5 लाख (3.50 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है। मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाई जाए, इसके अलावा पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके बाद सूचना एवं परामर्श मंत्रालय ने एप्पल को गूगल से अपने ऑफलाइन स्टोर से टिकटॉक निकालने के लिए कहा था। दोनों कर्मचारियों को हटा दिया गया। उस वक्त देश में टिकटॉक के 24 करोड़ लोग थे।

टिकटॉक इंडिया के सीईओ निखिल गांधी ने कहा- हम भारतीय कानून का पालन कर रहे हैं। हम भारतीय कानून के तहत डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के बारे में जानकारी का पालन कर रहे हैं।

हम चीन सहित किसी भी विदेशी सरकार के साथ भारतीय उपभोक्ताओं की जानकारी साझा नहीं करते हैं। अगर भविष्य में भी हमसे संपर्क किया जाए तो हम ऐसा नहीं करेंगे। हम अविश्वासियों के अवशेष हैं।

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