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चैत्र नवरात्रि के पूरे नौ दिन लोग मां दुर्गा की भक्ति में डूबे रहते हैं. हर दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है और आज के दिन मां कूष्मांडा की पूजा हो रही है. पूजा के साथ ही लोग नौ दिनों का उपवास भी रखते हैं. इस दौरान सात्विक भोजन किया जाता है. व्रत में आप फिट रहें, एनर्जी से भरपूर रहें, उसके लिए कुछ ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए, जो आपको ताकत भी दे. व्रत में साबूदाना खाना भी काफी फायदेमंद होता है. काफी लोग साबूदाना की खिचड़ी, खीर, पकोड़े आदि बनाकर खाते हैं. साबूदाना व्रत में खाया जाने वाला हेल्दी ऑप्शन है. जानिए, इसे व्रत में खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं.
चैत्र नवरात्रि का व्रत रखा है तो इस दौरान शरीर को सही पोषण और ऊर्जा मिलना जरूरी होता है. ऐसे में अपने खान-पान का ध्यान अच्छी तरह से करना चाहिए. आप मां दुर्गा की पूजा श्रद्धा भाव और पूरी एनर्जी के साथ तभी कर सकेंगे, जब आप खुद स्वस्थ महसूस करेंगे. ऐसे में साबूदाना व्रत में खाया जाने वाला एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बन जाता है. यह हल्का, जल्दी पचने वाला और स्वादिष्ट होता है. साबूदाना खाने से व्रत में थकान दूर होती है. पूरे दिन तरोताजा महसूस करते हैं.

साबूदाने में मौजद पोषक तत्व- साबूदाना में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को हेल्दी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, विटामिंस आदि भरपूर होते हैं. व्रत में यह तुरंत ऊर्जा देता है. शारीरिक कमजोरी दूर करता है. फाइबर से पाचन मजबूत होता है. इसके सेवन से व्रत के दिनों में कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट हल्का महसूस होता है. व्रत में अक्सर गैस या अपच की शिकायत होती है. साबूदाना इसे रोकता है. साबूदाना वजन भी कंट्रोल करने में सहायक है.

साबूदाना कसावा (टैपिओका) के कंद से बनता है. यह छोटे-छोटे दानों का रूप लेता है, जो पानी या दूध में उबालने पर पारदर्शी हो जाता है. व्रत में लोग साबूदाना की खिचड़ी, खीर, पकोड़े आदि बनाकर खाते हैं. साबूदाने की खिचड़ी में हरी सब्जियों को मिलाकर बनाने से यह और भी अधिक पौष्टिक बन जाती है. व्रत वाले दिन आप नाश्ते में साबूदाना खाएंगे, तो दिन भर आप ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे.
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साबूदाने में कैलोरी कम होती है. ऐसे में आप इसे व्रत के समय बेफिक्र होकर खा सकते हैं. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि फाइबर और प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं. इसमें कैल्शियम की मौजूदगी हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होती है.

पोटैशियम और मैग्नीशियम होने के कारण साबूदाना हार्ट को हेल्दी रखता है. पोटैशियम ब्लड प्रेशर कंट्रोल में बनाए रखता है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन्स और सेलेनियम त्वचा और बालों को चमकदार बनाते हैं. व्रत में साबूदाना खाने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है.

साबूदाना को इस्तेमाल करने का सही तरीका- साबूदाना 1 से 2 घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें. सब्जियां जैसे आलू, मटर, मूंगफली, हरी धनिया पत्ती, गाजर, बीन्स, मिर्च, मटर आदि मिलाकर पैन में तेल डालकर फ्राई करें. मसाले डालें. अब साबूदाना को पानी से निकालकर कड़ाही में डालें. इसे अच्छी तरह से पकने दें. चलाते रहें. स्वादानुसार सेंधा नमक डालें. साबूदाना की खिचड़ी व्रत के दौरान खाने से इंस्टेंट एनर्जी देती है. इसमें भरपूर कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. यह आसानी से पच भी जाता है. मूंगफली, आलू, मटर या अन्य हरी सब्जियों को डालकर इसकी पौष्टिकता को बढ़ा सकते हैं.





