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काजू पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन अत्यधिक सेवन से वजन बढ़ना, पेट संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है. एलर्जी या माइग्रेन जैसी संवेदनशीलता वाले लोग भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करें. संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह से काजू का सुरक्षित लाभ उठाया जा सकता है.
काजू पोषक तत्वों से भरपूर होता है. लेकिन अधिक मात्रा (प्रतिदिन 4-5 से ज्यादा) में सेवन करने से वजन बढ़ना, पेट खराब होना, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है. यह वसा और सोडियम में उच्च होता है, जो अधिकता में शरीर को नुकसान पहुंचाता है.

डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया कि काजू में कैलोरी और फैट अधिक होता है, जो असंतुलित मात्रा में खाने पर वजन बढ़ा सकता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाएं और संतुलित आहार लें. काजू के साथ हेल्दी विकल्प जैसे फल और सब्जियां भी शामिल करें और वजन को नियंत्रित रखें.

काजू में ऑक्सलेट होता है, जो अधिक मात्रा में लेने पर कैल्शियम ऑक्सालेट की पथरी बना सकता है. इससे किडनी की समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए काजू का सीमित सेवन करें और पर्याप्त पानी पिएं. किडनी की सेहत का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.
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काजू का अत्यधिक सेवन पाचन संबंधी समस्याओं जैसे पेट फूलना, गैस, दस्त और पेट में ऐंठन का कारण बन सकता है. उच्च वसा और फाइबर के कारण यह पेट पर दबाव डालता है, विशेषकर संवेदनशील पेट वाले लोगों के लिए. इसलिए प्रतिदिन एक मुट्ठी (लगभग 30 ग्राम) से अधिक न खाएं और पाचन को आसान बनाने के लिए इन्हें भिगोकर या भूनकर खाएं.

काजू में टायरामाइन और हिस्टामाइन जैसे यौगिक होते हैं, जो कुछ संवेदनशील लोगों में माइग्रेन और सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं. हालांकि, काजू मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत हैं, जो सिरदर्द को रोकने में मदद कर सकते हैं. लेकिन माइग्रेन पीड़ितों को इनके सीमित सेवन की सलाह दी जाती है.

काजू से एलर्जी बेहद खतरनाक हो सकती है, जो सांस लेने में तकलीफ, गले में सूजन, पित्ती, उल्टी और जानलेवा एनाफिलेक्सिस (अचानक रक्तचाप कम होना) जैसी गंभीर प्रतिक्रियाएं पैदा कर सकती है. इसके लक्षण काजू के संपर्क में आने के तुरंत बाद दिखाई दे सकते हैं. एलर्जी से बचने का एकमात्र तरीका काजू और उससे बने उत्पादों का सेवन न करना है.

नमकीन या तले हुए काजू में सोडियम अधिक होता है, जो उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है. इसलिए काजू सीमित मात्रा में खाएं और हेल्दी विकल्प चुनें. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हृदय को स्वस्थ रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.





