हेयर एक्सटेंशन का सच आया सामने! खूबसूरती के चक्कर में बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर का खतरा!


आजकल तेजी से बढ़ रहे हेयर एक्सटेंशन के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई है. दुनियाभर में लाखों महिलाएं अपने लुक को बेहतर बनाने के लिए हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक स्टडी में पाया गया कि इन प्रोडक्ट्स में कई ऐसे खतरनाक रसायन मौजूद हो सकते हैं, जो लंबे समय में सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं. खासतौर पर इन रसायनों को ब्रेस्ट कैंसर, हार्मोन में गड़बड़ी और प्रजनन से जुड़ी समस्याओं से जोड़ा जा रहा है.

BBC की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह स्टडी अमेरिकन केमिकल सोसाइटी की पत्रिका में प्रकाशित है, जिसमें वैज्ञानिकों ने अलग-अलग तरह के हेयर एक्सटेंशन जैसे विग, ब्रेडिंग हेयर, वीव्स और क्लिप-इन एक्सटेंशन की जांच की. जांच के दौरान लगभग हर सैंपल में कई हानिकारक केमिकल पाए गए. कुल मिलाकर 40 से ज्यादा सैंपल में करीब 170 तरह के रसायन मिले, जिनमें से कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरनाक माने जाते हैं. इनमें कुछ ऐसे तत्व भी शामिल थे, जो हार्मोन को प्रभावित करते हैं और शरीर के सामान्य कामकाज में दखल दे सकते हैं.

इस स्टडी की सबसे जरूरी बात यह भी रही कि सिर्फ सिंथेटिक ही नहीं, बल्कि असली मानव बालों से बने एक्सटेंशन में भी खतरनाक केमिकल पाए गए. कुछ मामलों में तो प्राकृतिक बालों वाले एक्सटेंशन में सिंथेटिक से ज्यादा हानिकारक पदार्थ मिले. इससे यह साफ हो गया कि सिर्फ “नेचुरल” या “रॉ हेयर” लिखा होना पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है. कई बार इन बालों को प्रोसेस करते समय उनमें अलग-अलग केमिकल मिलाए जाते हैं, ताकि वे ज्यादा चमकदार, टिकाऊ और इस्तेमाल में आसान बन सकें.

वैज्ञानिकों का कहना है कि हेयर एक्सटेंशन लंबे समय तक सिर, गर्दन और त्वचा के संपर्क में रहते हैं, जिससे इन रसायनों का असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ सकता है. इतना ही नहीं, कई बार इन्हें गर्म करके या उबालकर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जहरीली गैसें निकल सकती हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकती हैं. इसके अलावा त्वचा के जरिए भी ये केमिकल शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे एलर्जी, खुजली, जलन और सूजन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. कुछ सैंपल में ऐसे रसायन पाए गए, जो पहले से ही ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े माने जाते हैं. हालांकि इनकी मात्रा हर प्रोडक्ट में कितनी है, यह साफ नहीं किया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ केमिकल बहुत कम मात्रा में भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. यही वजह है कि इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है.

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि हेयर एक्सटेंशन इंडस्ट्री के लिए अब तक सख्त नियम नहीं बनाए गए हैं. कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की तरह इनकी नियमित जांच नहीं होती, जिससे कंपनियां बिना पूरी जानकारी दिए प्रोडक्ट बेचती रहती हैं. “नॉन-टॉक्सिक” या “केमिकल-फ्री” जैसे दावे भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माने जा सकते, क्योंकि इन्हें नियंत्रित करने के लिए कोई सख्त नियम नहीं है, इसलिए हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. यह सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ा मामला भी बन सकता है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img