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Midterm elections in America: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है. टेक्सास, नॉर्थ कैरोलाइना और अर्कांसास में प्राइमरी वोटिंग हो रही है. चुनावों की शुरुआत ईरान पर हमले के समय हुई है. ऐसे में यह डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ी परीक्षा है.
अमेरिका में हो रहे मिड टर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक तरह लिटमस टेस्ट बन गया है.
Midterm Elections in America: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है. टेक्सास, नॉर्थ कैरोलाइना और अर्कांसास में पहले प्राइमरी वोटिंग हो रही है. ये वोटर तय करेंगे कि नवंबर में कौन-कौन से उम्मीदवार कांग्रेस के लिए लड़ेंगे. लेकिन इन चुनावों की शुरुआत ठीक उसी समय हो रही है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है. चार दिन पहले शुरू हुए इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. ईरान में कम से कम 787, अमेरिकी सेना के 6 जवान और खाड़ी इलाके में कई आम लोग मारे गए हैं. ये युद्ध अब अमेरिकी राजनीति को हिला रहा है. खासकर डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये पहली बड़ी परीक्षा है. क्या ये हमला उनकी पार्टी को और मजबूत बनाएगा या लोगों में गुस्सा बढ़ेगा और डेमोक्रेट्स को फायदा होगा?
दूसरी तरफ, कांग्रेसवुमन जैस्मिन क्रॉकेट ने ट्रंप पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा – कितनी और जानें जाएंगी? राष्ट्रपति ने कानून तोड़कर ये युद्ध शुरू किया है और इसका नुकसान हम अमेरिकियों को ही भुगतना पड़ेगा. टेक्सास में बहुत सारे पूर्व सैनिक रहते हैं, इसलिए उनकी बात वहां असर कर सकती है. रिपब्लिकन तरफ से अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने ट्रंप का बचाव किया, लेकिन कहा कि ट्रंप जल्दी युद्ध खत्म करना चाहते हैं. सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा – युद्ध शुरू करना आसान है, खत्म करना मुश्किल. ट्रंप ने साहस दिखाया है.
टेक्सास की लड़ाई दिलचस्प
लेकिन टेक्सास में ही एक और लड़ाई है – रिपब्लिकन डैन क्रेंशॉ बनाम स्टीव टोथ. क्रेंशॉ ट्रंप की कई नीतियों के समर्थक हैं, लेकिन ट्रंप के कुछ साथियों की आलोचना भी करते हैं. ट्रंप ने उन्हें समर्थन नहीं दिया है. अगर क्रेंशॉ हार गए तो ये ट्रंप की पार्टी पर कमजोर पकड़ का संकेत होगा. नॉर्थ कैरोलाइना में नीदा अल्लाम बनाम वैलेरी फौशी की लड़ाई भी गरम है. अल्लाम प्रोग्रेसिव हैं. उन्होंने ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर बमबारी (165 मौतें) का विज्ञापन निकाला और खुद को शांति पसंद नेता बताया. उन्होंने फौशी पर आरोप लगाया कि वो डिफेंस कंपनियों, AI ग्रुप्स और AIPAC से पैसे लेती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक फौशी ने ट्रंप की हमले की शक्ति पर रोक लगाने का बिल साथ दिया और कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान तोड़ा है. कोई साफ मकसद या खत्म करने का रास्ता नहीं है. नॉर्थ कैरोलाइना सीनेट सीट (रिटायरिंग थॉम टिलिस की) भी खाली है. डेमोक्रेट्स में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर आगे चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये महंगा और लंबा युद्ध हमारे सैनिकों को खतरे में डाल रहा है और घरेलू जरूरतों से ध्यान हटा रहा है.
रिपब्लिकन में माइकल व्हाटले (ट्रंप समर्थित) कह रहे हैं कि वो सीनेट में ट्रंप के साथी रहेंगे. ये प्राइमरी ट्रंप की असली ताकत की जांच है. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में आमतौर पर सत्ताधारी पार्टी को नुकसान होता है. लोग ट्रंप की इमिग्रेशन नीति, अर्थव्यवस्था और वेनेजुएला-ईरान युद्ध से नाराज दिख रहे हैं. अगर युद्ध से ट्रंप के समर्थक और जोर पकड़ते हैं और उनकी पार्टी के उम्मीदवार जीतते हैं, तो ट्रंप को और ताकत मिलेगी. लेकिन अगर लोगों में गुस्सा बढ़ा और डेमोक्रेट्स ज्यादा वोट डालते हैं, तो ट्रंप को झटका लग सकता है. युद्ध कितने दिन चलेगा, कितने अमेरिकी मारे जाएंगे और तेल की कीमतें क्या होंगी – ये सब तय करेगा कि ट्रंप मजबूत होते हैं या कमजोर. अभी तो शुरुआत है. अगले हफ्तों में इलिनॉय, मिशिगन जैसे राज्यों में और साफ तस्वीर आएगी.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें





