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सोचिए एक ऐसी सब्ज़ी जो सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहत के लिए पावरहाउस भी हो. बाकला (बकला बींस) फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के साथ-साथ खून बढ़ाने, वजन घटाने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करती है. प्रेग्नेंसी में महिलाओं के लिए भी यह बेहद लाभकारी है. लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर जिले के किसान इसे बड़े पैमाने पर उगाते हैं और बाजार में इसकी मांग हमेशा उच्च रहती है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान बाकला की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली इस खेती से किसान अच्छी आय कमाते हैं. बाकला की सब्जी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है और इसे अंग्रेज़ी में ब्रांड बीस (Broad Beans) के नाम से जाना जाता है. बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है और 50 से 60 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती है.

बाकला की फली बाजारों में केवल तीन महीने के लिए उपलब्ध होती है, लेकिन इस दौरान लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं. कुछ लोग इसे सुखाकर भी रख लेते हैं और बाद में इसकी सब्जी बनाते हैं. बाकला की सब्जी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, इसलिए इसकी मांग हमेशा अधिक रहती है. बाकला केवल एक सब्जी ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है.

बाकला सब्जी पोषक तत्वों का पावरहाउस मानी जाती है. यह न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को जरूरी प्रोटीन और मिनरल्स देने में भी बहुत प्रभावी है. शाकाहारियों के लिए बाकला प्रोटीन का एक शानदार विकल्प है, जो मांसपेशियों की मरम्मत और शरीर के विकास में मदद करता है. बाकला सब्जी को दाल के साथ खाने से फाइबर और प्रोटीन का संतुलन बनता है, जिससे ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है. प्रोटीन शरीर को ताकत देता है, वहीं फाइबर गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है.
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बाकला सब्जी में आयरन और मैंगनीज का भंडार होता है, इसलिए यह शरीर में खून बढ़ाने और ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाने में मदद करती है. इसमें मौजूद मैंगनीज हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है, जिससे हड्डियां फौलाद जैसी मज़बूत बनती हैं. साथ ही, बाकला मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी योगदान देती है.

बाकला सब्जी का सीजन फरवरी से मार्च-अप्रैल तक रहता है. बाकला खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं और यह सब्जी विशेष रूप से महिलाओं के लिए फायदेमंद मानी जाती है. बाकला शरीर में वजन कम करना, हृदय रोग से बचाव, हड्डियों को मजबूत बनाना और त्वचा को स्वस्थ रखना जैसी समस्याओं में मदद करती है. इस सब्जी में बहुत आयरन होता है, जो शरीर को हीमोग्लोबिन बनाने में सहायक है. डॉक्टर नसीमुद्दीन बताते हैं कि रोजाना बाकला खाने से खून की कमी दूर होती है. प्रेग्नेंसी में महिलाओं के लिए भी यह बेहद लाभकारी है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम मौजूद होते हैं, जो गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक हैं.

अगर आप मोटापे से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं, तो बाकला बींस आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. यह फाइबर से भरपूर होने के कारण खाने के बाद घंटों तक भूख नहीं लगने देता, जिससे लोग देर तक भोजन नहीं करते और वजन कम करने में मदद मिलती है. एक कप बाकला बींस में 13 ग्राम प्रोटीन और 9 ग्राम फाइबर होता है, यानी यह शरीर को प्रोटीन भी देता है और वजन कम करने में फाइबर की भूमिका निभाता है.





