पंखा करने लगा है खट-खट की आवाज? तकनीकी गड़बड़ी या आपकी गलती, जानें मिनटों में ठीक करने का तरीका


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अगर आपका पंखा खट-खट या कट-कट की आवाज कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें. ढीले स्क्रू, गंदे ब्लेड या मोटर की समस्या इसकी वजह हो सकती है. जानें घर पर पंखे की सफाई, बैलेंस और ऑयलिंग के आसान उपाय, और कब एक्सपर्ट को बुलाना जरूरी होता है, ताकि बड़ा खर्च बचाया जा सके….

गर्मियों में अगर पंखा अचानक कट-कट या खट-खट की आवाज करने लगे, तो ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यह छोटी-सी समस्या आगे चलकर बड़ा खर्च बढ़ा सकती है. कई मामलों में इस समस्या को घर पर ही आसानी से ठीक किया जा सकता है. अगर आप सही समय पर कदम उठाते हैं, तो पंखे पर होने वाला बड़ा खर्च बचाया जा सकता है.

पंखा खडखडाट आवाज का करतो? : पंख्याच्या आवाजाची अनेक कारणे आहेत. सर्वात सामान्य कारणे म्हणजे सैल स्क्रू, वाकलेले ब्लेड किंवा मोटरमधील घर्षण. धूळ साचणे आणि दीर्घकाळ साफसफाईचा अभाव यामुळे देखील आवाज येऊ शकतो. कधीकधी, पंख्याचे संतुलन बिघडते, ज्यामुळे कंपन आणि खडखडाट आवाज होतो. म्हणून, या आवाजाकडे दुर्लक्ष करू नये.

पंखा खड़खड़ाहट की आवाज क्यों करता है? पंखे की आवाज के कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारणों में ढीले स्क्रू, मुड़े हुए ब्लेड या मोटर में घर्षण शामिल हैं. धूल जमना और लंबे समय तक सफाई न होने के कारण भी आवाज आ सकती है. कभी-कभी पंखे का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे कंपन और खड़खड़ाहट की आवाज होती है. इसलिए, इस आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

प्रथम, स्क्रू आणि फिटिंग्ज तपासा : पंखा आवाज करत असेल तर प्रथम फिटिंग्ज तपासा. कधीकधी, ब्लेड किंवा कव्हर स्क्रू सैल होतात, ज्यामुळे आवाज येतो. स्क्रूड्रायव्हरने सर्व स्क्रू हलके घट्ट करा. लक्षात ठेवा की जास्त घट्ट केल्याने थ्रेड खराब होऊ शकतात. हा सर्वात सोपा आणि प्रभावी उपाय आहे.

सबसे पहले, स्क्रू और फिटिंग्स जांचें : अगर पंखा आवाज कर रहा है, तो सबसे पहले उसकी फिटिंग्स जांचें. कई बार ब्लेड या कवर के स्क्रू ढीले हो जाते हैं, जिससे आवाज आती है. स्क्रूड्राइवर की मदद से सभी स्क्रू को हल्के से कस दें. ध्यान रखें कि ज्यादा कसने से थ्रेड खराब हो सकते हैं, यह सबसे आसान और प्रभावी उपाय है.

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ब्लेडची स्वच्छता आणि बॅलेन्स आवश्यक : धूल आणि घाण जमा झाल्यानेही पंख्याची ब्लेड बॅलेन्स खराब होते. अशावेळी ब्लेडला कोरड्या किंवा हलक्या ओल्या कपड्याने स्वच्छ करता. एखादी ब्लेड थोडी वाकलेली असेल तर हळूच सरळ करा. बॅलेन्स योग्य झाल्यावर कंपन कमी होते आणि आवाज आपोआप बंद होतो. हे मेंटेंनेंस काही महिन्यांत करणे फायदेशीर ठरते.

ब्लेड की सफाई और बैलेंस जरूरी है : धूल और गंदगी जमा होने से पंखे के ब्लेड का बैलेंस बिगड़ जाता है. ऐसे में ब्लेड को सूखे या हल्के गीले कपड़े से साफ करें. अगर कोई ब्लेड थोड़ा मुड़ा हुआ है, तो उसे धीरे से सीधा करें. बैलेंस सही होने पर कंपन कम हो जाता है और आवाज अपने आप बंद हो जाती है. यह मेंटेनेंस हर कुछ महीनों में करना फायदेमंद होता है.

मोटरमध्ये ऑयलिंगची आवश्यकता समजून घ्या : जुन्या पंख्यांमध्ये मोटरच्या आत ऑइल सुकल्याने घर्षण वाढते. यामुळे कट-कट किंवा खट-खट असा पंख्याचा आवाज येतो. अशावेळी योग्य ग्रेडचा लुब्रिकेंट किंवा मशीन ऑइल टाकणे फायदेशीर ठरते. पण तुम्हाला अनुभव नसेल तर टेक्निशियनची मदत घेणं फायदेशीर ठरेल. जेणेकरुन मोटरला नुकसान पोहोचणार नाही.

मोटर में ऑयलिंग की जरूरत समझें : पुराने पंखों में मोटर के अंदर का तेल सूख जाने से घर्षण बढ़ जाता है. इससे पंखा कट-कट या खट-खट की आवाज करने लगता है. ऐसे में सही ग्रेड का लुब्रिकेंट या मशीन ऑयल डालना फायदेमंद होता है. लेकिन अगर आपको एक्सपीरिएंस नहीं है, तो टेक्नीशियन की मदद लेना बेहतर रहेगा, ताकि मोटर को कोई नुकसान न पहुंचे.

एक्सपर्टला कधी बोलवावे : स्क्रू टाइट करायचे असेल, स्वच्छता आणि ऑइलिंगनंतरही आवाज बंद झाला नाही तर समस्या मोटर किंवा बेयरिंगमध्ये असू शकते. अशा परिस्थितीत वारंवार पंखा चालू राहणे मोठं नुकसान पोहोचवू शकते. यामुळे एखाद्या विश्वासार्ह इलेक्ट्रिशियनकडून तपास करुन घ्या. योग्यवेळी रिपेयर केल्याने नवी पंखा खरेदी करायची गरज पडत नाही.

एक्सपर्ट को कब बुलाएं : अगर स्क्रू टाइट करने, सफाई और ऑयलिंग के बाद भी आवाज बंद नहीं होती है, तो समस्या मोटर या बेयरिंग में हो सकती है. ऐसी स्थिति में पंखे को बार-बार चलाते रहना बड़ा नुकसान कर सकता है. इसलिए किसी भरोसेमंद इलेक्ट्रिशियन से जांच करवा लें. समय पर रिपेयर कराने से नया पंखा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती.

नियमित मेंटेंनेंस का आवश्यक : पंख्याची वेळोवेळी स्वच्छता आणि तपासणी केल्याने त्याची लाइफ खुप वाढते. मेंटेंनेंस न केल्यास छोटीशी खराबी मोठी समस्या बनू शकते. दर 3 ते 4 महिन्यात एकदा पंखा चेक करा आणि वर्षात किमान एकदा सर्व्हिस करणे समजदारीचा निर्मय मानला जातो.

नियमित मेंटेनेंस जरूरी है : पंखे की समय-समय पर सफाई और जांच करने से उसकी लाइफ काफी बढ़ जाती है. मेंटेनेंस न करने पर छोटी-सी खराबी भी बड़ी समस्या बन सकती है. हर 3 से 4 महीने में एक बार पंखे को चेक करें और साल में कम से कम एक बार सर्विस कराना समझदारी भरा फैसला माना जाता है.

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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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