- हिंदी समाचार
- आजीविका
- एमबीए के लिए रोजगार दर में गिरावट आई है, जिससे गैर तकनीकी और डिप्लोमा धारकों के लिए बिना डिग्री के भी नौकरी ढूंढना आसान हो गया है।
- कॉपी लिंक

इंडिया स्टडीज रिपोर्ट 2026 में कुछ क्राफ्ट्स वाले बदलाव सामने आए हैं। नौकरी भर्ती के मामले में सबसे ज्यादा एमबीए की डिग्री सबसे पीछे हो गई है। कॉमर्स और वोकेशनल डिग्रीज नौकरी बिक्री के मामले में बेहतर हैं।
11 नवंबर 2025 को इंडिया आर्किटेक्ट्स रिपोर्ट 2026 रिलीज हुई थी। इस रिपोर्ट को एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) ने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई), एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) और टैग के साथ मिलकर जारी किया था। Tagged एकलैप्सहैपरिंग और जॉब मार्केट एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म है।
रिपोर्ट में सामने आया डेटा से साफ है कि अब देश की डिजिटल इंडस्ट्री की ओर से बढ़ोतरी हो रही है और इसी वजह से कंपनी की कंपनी में भी बदलाव आ रहा है।

कोडर्स के सहयोगी डेटा और इंजीनियरिंग वैज्ञानिकों को तरजीह
रिपोर्ट में साफा पर साफ तौर पर कहा गया है कि सीएस और आईटी कंपनियां लगातार बढ़ रही हैं। इसका कारण यह है कि उद्योग बहुत तेजी से एआई अपना रहे हैं। इसी के साथ एडवांस्ड एनालिटिक्स और क्लाउड टेक्नोलॉजीज के डिजाइन में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
असल में, आज के डिजिटल युग में कंपनी को ऐसे ग्रेजुएट्स को शामिल करना चाहिए जो पारंपरिक कोडिंग से हटकर इंजीनियरिंग और डेटा को समग्र रूप से काम कर सकें। रिपोर्ट में सामने आया कि फ्रेशर्स आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा काम करते हैं। 35% फ्रेशर्स को आईटी रोल्स में जॉब मिल जाती है। यही कारण है कि आईटी और सीएस के क्षेत्र में रोजगार कर्मचारी लगातार अच्छा बने हुए हैं। यही वजह है कि इन डिग्री में वर्तमान में सबसे ज्यादा फ्यूचर ड्रूम बनी हुई हैं। टेक्नॉलॉजी क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए तकनीशियन सबसे सुरक्षित है। दृढ़ संकल्प पर टैब जब वो एआई, डेटा या वीडियो में से कुछ चुनें।
ऑनलाइन मार्केट के साथ घट रही एमबीए की समीक्षा
रिपोर्ट के अनुसार एमबीए की डिग्री को लेकर जो सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले साल तक एमबीए का रोजगार प्रतिशत 78% था, जो इस साल 72.76% रह गया है।
इसकी एक बड़ी वजह ये है कि अब सिर्फ किसानों के लिए किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अब उन्हें केवल इम्प्लांट ग्रेजुएट्स नहीं चाहिए। अब सहयोगियों को ऐसे लोगों को पास होना चाहिए जिनके पास मजबूत के साथ-साथ बिजनेस बिजनेस और डिजिटल बिजनेस भी हों। इंजीनियरिंग के बाद एमबीए करने वाले लोगों को सिर्फ एमबीए के ग्रुप में ज्यादा तरजीह मिल रही है। अब पारंपरिक एमबीए काफी नहीं है।
एमबीए अब भी एक मजबूत डिग्री है लेकिन आज के समय में जनरल एमबीए से बेहतर स्पेशलाइजेशन वाला एमबीए है।
टेक्निकल और वोकेशनल कोर्सेज में लगातार बढ़ रहा रोजगार
कॉमर्स डिग्री का रोजगार प्रतिशत पहले से बेहतर हुआ है। बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस और ऑपरेशंस पार्टनर्स की सजावट है। अब कॉमर्स में सिर्फ काम करने वाला प्लेसमेंट नहीं हो रहा है। यह अब क्रिएटिविटी की सीरियस राह है फिल्म पर अगर डिजिटल और एना लिटिकल्स के साथ बिजनेस की पढ़ाई की जाए।
इसके अलावा नॉन-आईटी साइंस साइंसेज का रोजगार प्रतिशत भी 61% हो गया है। वहीं आर्ट्स आर्ट्स का रोजगार प्रतिशत भी 55.55% है। इससे साफ है नॉन-टेक्निकल इंटरेक्शन लोगों की मांग में है।
प्लास्टिसिटी-फर्स्ट हैरिंग का बढ़ा हुआ चलन
रिपोर्ट में एक अच्छा ट्रेंड भी सामने आया है. आईटीआई स्नातकों का रोजगार प्रतिशत 45.95% और पॉलिटेक्निक स्नातक करने वालों का रोजगार प्रतिशत 32.92% हो गया है। साफ है कि अब व्यापारी किसी को जॉब ऑफर या प्रमोशन ऑफर से पहले डिग्रियन नहीं बल्कि कर्मचारियों की कोचिंग कर रहे हैं।
डीजल इंडिया रिपोर्ट 2026 में साफ है कि सिर्फ डिग्री भर से कुछ नहीं होगा। बल्कि सही डिग्री के साथ आपको अपनी कोचिंग भी विकसित करनी होगी।
———————————
ऐसी ही और खबरें पढ़ें…
कहीं पैंट में बिचैलू डाला, कहीं आखिरी तक उठक-बैठक फोटोग्राफर:टीचर पीटे तो 10 साल तक की सजा का कानून; साइकोलॉजिकल ने कहा-टीचर्स का साइकोमैट्रिक टेस्ट हो

उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में बच्चों के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। प्रकरण के आरोप मनिहारन क्षेत्र के चुनाहेटी गांव के प्राथमिक विद्यालय का है। पूरी खबर पढ़ें…
