
वैश्विक निवेशकों की बात करें तो कैपिटल ग्रुप, सिंगापुर सरकार के इनवेस्टमेंट फंड जीआईसी, ब्लैकरॉक, नोमुरा एसेट कंपनी, टीमसेक, फिडिलिटी और गोल्डमैन सैक्स एसेट एमिरेट्स जैसे दिग्गज निवेशकों ने स्विगी के क्यूआईपी में हिस्सा लिया। कंपनी के मुताबिक, कुल 80 से ज्यादा लोगों ने बोली लगाई थी, जिसमें से 61 को अलॉटमेंट मिला और इसमें 15 से ज्यादा नए शेयरधारक शामिल हैं।
स्विगी के सहायक उपकरण और समूह के सीईओ श्रीहर्षा माजेटी ने कहा कि वैश्विक और घरेलू उपभोक्ताओं से मिली मजबूत प्रतिक्रिया कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स, अनुशासित सामेरिक प्लानिंग और लार्ज-टर्म फर्म क्रिएशन रोडमैप में मजबूत हिस्सेदारी को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त इक्विटी कंपनी को अपने कोर बिजनेस को मजबूत करने, इंस्टामार्ट को स्कैन करने और वित्तीय अनुशासित बनाने के लिए इनोवेंस में निवेश करने की सलाह देती है।
QIP सेलेक्टेड राइस का सबसे बड़ा हिस्सा, करीब ₹4,475 करोड़, स्विगी ने अपने क्विक-कॉमर्स नेटवर्क का विस्तार और ऑपरेशन में प्लेसमेंट किया। इसमें इंस्टामार्ट को सपोर्ट करने वाले डार्क स्टोर्स और वेयरहाउस शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि 30 नवंबर 2025 तक उसका फुलफिलमेंट फुटप्रिंट करीब 50 लाख वर्ग फुट का है, जबकि दिसंबर 2028 तक लगभग 67 लाख वर्ग फुट का लक्ष्य है।
इसके अलावा, स्विगी ने तकनीक और वीडियो आर्किटेक्चर के लिए ₹985 करोड़ अलग रखे हैं। कंपनी ने खुलासा किया कि उनका स्थिर क्लाउड एग्रीमेंट फरवरी 2026 में समाप्त हो रहा है और उन्होंने 6 साल के करीब ₹1,820 करोड़ के प्रस्तावित वीडियो कमेंट को लेकर एक गैर-बाइंडिंग लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले आने वाले प्राचीन काल में प्रौद्योगिकी पर बड़े खर्च का संकेत मिलता है।
ब्रांड मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन के लिए स्विगी ने ₹2,340 करोड़ का कारोबार किया है। कंपनी ने बताया कि दिसंबर 2025 से नवंबर 2027 की अवधि के लिए उसने पहले ही मार्केटिंग फिलाडेल्फिया को ₹1,961 करोड़ का खरीद ऑर्डर जारी कर दिया है, जिससे यह साफ होता है कि अगले दो साल तक ग्राहक अधिग्रहण और ब्रांड पर भारी निवेश जारी रहेगा।
कुल 1.2 अरब डॉलर की इस QIP राशि में से करीब 1 अरब डॉलर यानी करीब ₹8,800 करोड़ घरेलू फंड फंड्स के पास आए हैं, जबकि शेष करीब 200 मिलियन डॉलर विदेशी निवेशकों (FIIs) से मिले हैं।
इस फ़ंडरेज़िंग के बाद स्विगी का कैश का मार्जिन ₹14,000 करोड़ से ऊपर पहुंच गया है, जो सितंबर तिमाही के अंत में चल रहे इटरनल (एटरनल) का ₹18,314 करोड़ का कैश के करीब है। वहीं क्विक-मॉइसेक्टर ज़ेप्टो ने हाल ही में बताया था कि उसकी करीब ₹7,900 करोड़ की कैश-कैश वैल्यू है।
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