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Supreme Court says this is not Joke over relief to MLA who broke EVM | EVM तोड़ने वाले विधायक को राहत पर सुप्रीम कोर्ट नाराज: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक्शन न लेने का आदेश दिया, SC ने कहा- मजाक है क्या

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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आंध्र प्रदेश के मचेरला के एक बूथ पर 13 मई को हिंसा हुई थी।  - दैनिक भास्कर

आंध्र प्रदेश के मचेरला के एक बूथ पर 13 मई को हिंसा हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक रामकृष्ण रेड्डी के खिलाफ केंद्र पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कांग्रेस चुनाव के चौथे फेज के दौरान 13 मई को विधायक रेड्डी का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक मतदान केंद्र पर आखिरी ईवीएम और वीवीपैट मशीन जमीन पर पटकते हुए देखी गई।

मामले को लेकर दर्ज होने पर उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में अंतरिम राहत की याचिका लगाई थी। 23 मई को सुप्रीम कोर्ट ने विधायक को अंतरिम राहत देते हुए पुलिस को कहा था कि विधायक के खिलाफ 5 जून तक कोई कार्रवाई न करें और गिरफ्तार न करें। टीडीपी के खिलाफ इस फैसले के लिए एक पोलिंग एजेंट को सुप्रीम कोर्ट पहुंचाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सोमवार को न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और संदीप मेहता की वेकेशन बेंच ने वायरल वीडियो देखने के बाद कहा कि यह क्या मजाक है।

ईवीएम को जमीन पर पटकना सिस्टम की खिल्ली उड़ने जैसा है। यदि अंतरिम राहत देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो यह पूरी न्याय प्रणाली का मजाक उड़ाने जैसा होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह अंतरिम राहत देने के अपने फैसले से प्रभावित हुए बिना, मामले में अग्रिम जमानत की याचिका पर विचार करें।

रामकृष्ण रेड्डी मचेरला विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रह चुके हैं।

रामकृष्ण रेड्डी मचेरला विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रह चुके हैं।

कोर्ट ने कहा- जो वोटिंग के दौरान हुआ, वह काउंटिंग के दौरान भी हो सकता है
​​​​​​बेंच ने रेड्डी की ओर से पेश हुए वकील विकास सिंह से कहा- पहले दृष्टया विधायक पर लगे आरोप सच होते हैं। जब आप वीडियो देखेंगे तो पाएंगे कि सुप्रीम का ऑर्डर पूरी तरह से गलत है। बेंच ने फिर कहा कि यह न्याय प्रणाली का गंदा मजाक है। विधायक ने जो किया वह 4 जून के दौरान मतगणना को फिर से हो सकता है। हम विधायकों को केंद्र के आसपास भी नहीं रहने दे सकते।

टीडीपी पोलिंग एजेंट ने याचिका में कहा- पुलिस ने शिकायत की
तेलुगू देशम पार्टी के पोलिंग एजेंट शेषगिरी राव नंबूरी ने मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं लगाई थीं, जिसमें विधायक को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने की मांग की गई थी। याचिका के जरिए नंबूरी ने दावा किया कि वीडियो होने के बावजूद पुलिस ने भी कार्रवाई करने में देरी की थी और घटना के बाद विधायक पर कार्रवाई करने के बजाय अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

8 लोगों के साथ बूथ में घुसा था विधायक रेड्डी
आंध्र प्रदेश में कांग्रेस चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी हुए। रामकृष्ण रेड्डी मचेरला विधानसभा सीट से वाईएसआरसीपी के उम्मीदवार हैं। अगर वह पांचवीं बार विधायक की शपथ लेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 मई को वह मचेरला के ही एक बूथ पर अपने 8 साथियों के साथ भ्रष्टाचार के इरादे से घुसा था। ईवीएम पटकने का वीडियो वायरल होने के बाद उसके खिलाफ हिंसा की साजिश के तीन मामले दर्ज किए गए। यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उसने क्यों कुचला था।

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