
न्यूज़क्लिक के.एस
सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए के तहत जेल में बंद न्यूज क्लिक के संस्थापक और एसोसिएट इन प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ की रिहाई का आदेश दिया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने फैसला सुनाया। राष्ट्र विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए चीनी फंडिंग को लेकर यूएपीए के तहत अपने अपराधियों को चुनौती देते हुए पुरकायस्थ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट ने बिल्डरों से पूछताछ की
इससे पहले कोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके अपराधियों पर कई सवाल उठाए थे। अदालत ने जो संदेश दिया उसमें कहा गया कि दिल्ली पुलिस ने पुरकायस्थ के अपराधी को उसके वकील को सूचित करने के बाद बिना मजिस्ट्रेट के सामने पेशी पर बुलाया, क्यों? जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि पुरकायस्थ के वकील को आवेदन देने से पहले ही आवेदन कैसे जारी कर दिया गया था?
शीर्ष अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था
पुरकायस्थ की याचिका पर सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।
पिछले साल अक्टूबर में हुई थी गिरफ़्तारी
प्रबीर पुरकायस्थ पर आरोप है कि वे न्यूज पोर्टल के जरिए राष्ट्रविरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए चीन से फंडिंग हासिल कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। वह अस्थायी रूप से बौद्ध धर्म में हैं। सुनवाई के दौरान पुरकायस्थ के वकील कपिल सिब्बल की सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रखा गया।
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