-1.5 C
New York

Supreme Court Open Jails Solution Update | Delhi News | SC बोला- ओपन जेल कैदियों की भीड़ का समाधान: दिन में काम करके शाम को जेल लौट सकते हैं बंदी, इससे साइकोलॉजिकल प्रेशर कम होगा

Published:


नई दिल्ली4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 मई) को कहा कि जेलों में भीड़भाड़ और राहत की समस्या का समाधान हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि खुली या आधी खुली जेलों को जेल परिसर से बाहर काम करने और शाम को जेल में वापस आने का पद दिया जाता है।

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि ओपन जेल जेल को समाज में थपथपाएं-मिलें और उनके साइकोलॉजिकल म्यूजिक म्यूजिक को भी कम करने में मदद करें। साथ ही दस्तावेज़ की वैधता में भी सुधार।

देश भर में हो खुली जेल का विस्तार – सर्वोच्च न्यायालय

जेल और कैद की स्थिति से जुड़ी एक फाइल में अदालत ने कहा कि राजस्थान ओपन जेल की व्यवस्था पर स्थिर दौर में अच्छी तरह से काम हो रहा है। कोर्ट चाहता है कि देश भर में खुली जेल का विस्तार हो।

हालाँकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अदालत के माध्यम से अन्य अदालतों में चल रही जेल और हिरासत से जुड़े साझे मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि एजेंसी ने सभी राज्यों को लेकर जेल खोलने के बारे में अपने विचार रखे थे। जिस पर अब तक 24 राज्यों ने अपना जवाब भेजा है।

कोर्ट ने ई-प्रजनन आर्किटेक्चर की आवश्यकता पर दिया जोर

मामले में न्यायमित्र के तौर पर काम कर रहे वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने लॉ अवेयरनेस की कमी का हवाला देते हुए कहा कि दोषियों को सूचित नहीं किया गया है कि वे कानूनी सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अपीलीय अदालत में संपर्क करके अपने मामले से जुड़े हुए हैं। कमियों को दूर करवा सकते हैं और सजा से बचा सकते हैं।

हंसरिया के इस तर्क पर कोर्ट ने देश में यूनीफॉर्म ई-प्रिजन आर्किटेक्चर की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ई प्रिजन आर्किटेक्चर इस तरह की समस्याओं से आसानी से जुड़ा जा सकता है।

अदालत ने एनएएलएसए के वकील और वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया से मामले में आगे भी न्यायमित्र को अदालत की सहायता करने की पेशकश की है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।

ये खबर भी पढ़ें…

ED ने SC में किया स्ट्राइकर की जमानत का विरोध; कहा- प्रचार करना मूल अधिकार नहीं; कोर्ट ने कहा- चुनाव 5 साल में होते हैं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ज़मानत का विरोध किया। मीडिया अर्थशास्त्री के मुताबिक, ईडी ने कोर्ट में फिडेविट फाइल की। एजेंसी ने कहा कि वे चुनाव लड़ रहे हैं और इससे पहले किसी भी नेता को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक न्याय से ज़मानत नहीं मिली है। प्रचार करना मूल अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 30 क्रू-मेंबर्स को रवाना किया: 200 श्रमिक एक साथ छुट्टी पर गए, सभी कार्रवाई की तैयारी; आज भी 85 उड़ानें कैंसिल

65 साल में 7.8% घाटी हिंदू आबादी:सरकार की रिपोर्ट में दावा- मुस्लिम 43.15%; ओवैसी ने वॉट्सएप रिपोर्ट में बताया

भारत में 1950 से लेकर 2015 तक जनसंख्या में 7.8% की गिरावट आई है। जबकि मुस्लिमों की आबादी में 43.15% की गिरावट आई। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है।

रिलीज़ियस मिनॉरिटीज: ए क्रॉस-कंट्री एना बसी (1950-2015) रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैनों के नामांकन में भी गिरावट आई है। 1950 में जैनों की जनसंख्या 0.45% थी, जो 2015 में 0.36% रह गयी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img