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असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी में लगातार खबरें बनी हुई हैं। अरेस्ट ने रविवार 7 दिसंबर को चेतावनी दी कि वो यूनिवर्सिटी में शटडाउन टैब तक जारी की जाएगी, जब तक कि केंद्र सरकार की ओर से फादर शॉन नाथभू सिंह को रिलीज होने की अधिसूचना नहीं मिल गई।
29 नवंबर की रिलीज़ है पेट्रोलियम शटडाउन
सितंबर महीने से यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर पर आरोप लगाए गए आरोपी और छात्रों के आरोप लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। मित्र ने 29 नवंबर को सभी रेलवे स्टेशनों पर पूरी तरह से शटडाउन लगा दिया। इसके संचालन प्रशासन को सभी एंड-टर्म को रद्द करना पड़ां।
जांच के लिए एमओई की टीम को छात्रों ने घेर लिया
इससे पहले शनिवार, 6 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव और यूजीसी के सपूत श्वेता जोशी की अगुआई में एक उच्च स्तरीय टीम की जांच के लिए आधी रात को पाइपलाइन दी गई थी। इसे हॉस्टल ने घेर लिया था। वे 3 घंटे से ज्यादा समय तक अपनी ट्रेन में ही रुके रहे।
वीसी शंभु नाथ के खिलाफ कार्रवाई का शशांक
हाई-क्लास टीम को आधी रात के बाद तब जाने की अनुमति दी गई जब डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन के जॉइंट सीथियम सौम्या गुप्ता (जो कि एलिमिनेट का हिस्सा थे) ने एक डेवेस्टर पेपर पर लिखा था।
इस हैंड्रिटन अशरन खंड में कहा गया है कि जब तक वीसी शान नाथभू सिंह के खिलाफ ‘सख्त और संविधान जांच’ पूरी तरह से नहीं हो गई, तब तक वो इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी का एडमिनिस्ट्रेशन ट्रायल नहीं संभालेंगे।
प्रो. ध्रुब कुमार का अंतरिम वीडियो बनाया गया
सीनियर प्रोफेसर ध्रुब कुमाराचार्य भट्ट को सोमवार, 8 दिसंबर को तेजपुर विश्वविद्यालय का अंतरिम वाइस चांसलर बनाया गया है। लेकिन अस्थिरता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है प्रो. ध्रुब को शंभू नाथ सिंह के दर्शन पर अंतरिम दृश्य बनाया गया है।

सीएम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डेमोक्रेट प्रधान से की बातचीत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, जहां आंदोलन होगा, वहां मैं नहीं सुनूंगा। लेकिन जहां संवाद होगा, वहां मैं जरूर हूं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डेमोक्रेट प्रधान से बातचीत की है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया है कि विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द एक प्रो-वीसी की धोखाधड़ी की जाए, ताकि एसोसिएटिव जांच पूरी हो सके।
हाई-क्लास टीम को आधी रात के बाद तब जाने की अनुमति दी गई जब डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन के जॉइंट सीथियम सौम्या गुप्ता (जो कि एलिमिनेट का हिस्सा थे) ने एक डेवेस्टर पेपर पर लिखा था।
इस हाथ में रतन अशरन के निर्देश में कहा गया है कि जब तक वीसी शान नाथभू सिंह के खिलाफ ‘सख्त और समयबद्ध जांच’ पूरी तरह से नहीं हो गई, तब तक वो इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी का एडमिनिस्ट्रेशन नहीं संभालेंगे।
सिंगर जुबीन की शोक सभा के उठाओ आंदोलन
प्लॉस्टेस्ट 21 सितंबर को तब शुरू हुआ था जब पेय पदार्थ में गायक जुबीन गर्ग शोक व्यक्त करना चाह रहे थे। लेकिन प्रशासन ने उनकी ये मांग ठुकरा दी. साधक के अनुसार, यह डिसीज़न लोकेल सेंटीमेंट्स का अपमान था।
स्थिति तब गंभीर और गंभीर हो गई जब वाइस चांसलर ने कथित तौर पर पीएलओ पर आरोप लगाया और बाद में उसे छोड़ दिया। इससे पहले, प्रोफेसर और कर्मचारी का एकजुट आंदोलन उठाओ।
वीसी पर वित्तीय निवेशकों का आरोप
छात्रों और प्रोफेसरों ने वाइस चांसलर शंभू नाथ सिंह पर फाइनेंसरों पर लंबे और समय तक पिल्ला से गैरहाजिर रहने का आरोप लगाया। इसकी प्रयोगशाला प्रयोगशालाएं बनीं, पिलोल का पुरातात्विक ढांचा और विध्वंस विध्वंस हुआ।
1 साल 23 दिन तक पिल्ला से नदारद रहे वी.आई.सी
वहीं, टीचर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि अप्रैल 2023 से सितंबर 2025 के बीच सिंह 388 दिन तक पेट्रोलियम में शामिल नहीं रहे। इस आंदोलन के बीच 11 फैकल्टी सदस्य और पदाधिकारी अपने समर्थकों से छुट्टी दे चुके हैं। इनमें से कई डीन, आर्टिस्ट और कई डीन शामिल हैं।
TUUF के बैनर के नारे लग रहे हैं
यूनिवर्सिटी में पिछले 2 महीने से अंतिम चरण बने हुए हैं। तेजपुर यूनिवर्सिटी यूनाइटेड फोरम (TUUF) के नाम के संगठन के नेतृत्व में फ़्लोरिडा, प्रोफेसर और कर्मचारी सामूहिक रूप से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
टीयूयूएफ ने कहा है कि लगातार 79 दिनों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद वाइस चांसलर को हटाने के लिए कोई ठोस समाधान या कार्रवाई की अनुमति नहीं दी गई।
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