Muzaffarpur Kisan Chachi success story: कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाली और समाज के ताने सहने वाली राजकुमारी देवी आज देश के लिए मिसाल बन चुकी हैं. मुजफ्फरपुर के आनंदपुर गांव की रहने वाली राजकुमारी देवी उर्फ किसान चाची की कहानी केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि एक महिला के आत्मनिर्भर बनने के अटूट आत्मविश्वास की है. 1990 के दशक में पारिवारिक विवाद और तंगहाली के बीच उन्होंने हार नहीं मानी. बस का किराया बचाने के लिए साइकिल चलाना सीखा और खेतों की उपज खुद बाजार तक पहुंचाने लगीं. 2002 में शुरू हुआ अचार का छोटा सा कारोबार आज एक बड़े ब्रांड में तब्दील हो चुका है. वर्ष 2019 में राष्ट्रपति द्वारा देश के प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया. आज उनके पास 30 से 60 महिलाएं नियमित काम कर रही हैं. बिहार के सरकारी मॉल्स के बाद अब उनका अचार दूसरे राज्यों की रसोई तक पहुंचने को तैयार है. किसान चाची का जीवन यह साबित करता है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो खेत की पगडंडियों से राष्ट्रपति भवन तक का रास्ता तय करना नामुमकिन नहीं है.





