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Sikar Tourism News: सीकर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. स्मृति वन, लव कुश वाटिका, हर्ष पर्वत और नानी पक्षी विहार में नए टूरिज्म सेंटर विकसित किए जाएंगे. इन केंद्रों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और वन्यजीव विशेषज्ञों को गाइड के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिससे लोग प्राकृतिक जैव विविधता और वन्यजीवों की जानकारी प्राप्त कर सकें. यह योजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी.
Sikar News: सीकर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने स्मृति वन, लव कुश वाटिका, हर्ष पर्वत और नानी पक्षी विहार को इको टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी की है. इन स्थानों पर पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग अप्रैल से इस परियोजना पर काम शुरू करेगा और मानसून सीजन में वन्यजीव विशेषज्ञों को गाइड के रूप में नियुक्त किया जाएगा.

वन विभाग के अनुसार इन चारों पर्यटन स्थलों से जुड़ी सभी सुविधाओं और जानकारियों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि पर्यटक पहले से जानकारी प्राप्त कर सकें. इससे पर्यटकों को मार्गदर्शन मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा सकेगा.

सीकर के एसीएफ सौरभ कुमार ने बताया कि वन विभाग ने बताया कि लव कुश वाटिका को हर्ष पहाड़ी की तलहटी में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है . यहां इको ट्रेल, बच्चों के लिए झूले, पंचवटी, वन्यजीवों के स्टेच्यू, पेयजल सुविधा, बैठने की व्यवस्था और व्यू पॉइंट जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं. साथ ही एनवायरमेंट सेंटर में शेखावाटी क्षेत्र की वनस्पति, वन्यजीव और भौगोलिक स्थिति की जानकारी ग्राफिक माध्यम से यहां पर्यटकों को दिखाई जाएगी.
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इसके अलावा नानी पक्षी विहार और स्मृति वन को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. नानी झील को पक्षी विहार के रूप में तैयार किया गया है, जहां इको ट्रेल, बच्चों के लिए झूले, पंचवटी, वन्यजीव स्टेच्यू, पेयजल सुविधा, सिटिंग व्यू पॉइंट, ओपन जिम और योगा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा शहर के स्मृति वन के विकास पर लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

हर्ष पर्वत को पर्यटन सर्किट में जोड़ने के लिए हर्ष और लव कुश वाटिका को इको ट्रेल के जरिए जोड़ा गया है. यहां व्यू पॉइंट, वॉच टावर, रॉक पेंटिंग, फायर लाइन, झूले, साइन बोर्ड, संकेतक और सुरक्षा चौकी जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. इसके अलावा पुरानी बावड़ियों की मरम्मत भी करवाई गई है.

हर्ष पर्वत क्षेत्र में कैंटीन और रेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा चुकी हैं, जिससे पर्यटकों को ठहरने और खाने-पीने में सुविधा मिलेगी. इन सभी प्रयासों से सीकर जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे.





