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Bhagalpur Best Tourist Spot : भागलपुर के शाहकुंड में पहाड़ प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर है. यहां प्राचीन शिव मंदिर, काली मंदिर और पुरातात्विक अवशेष हैं. इसे पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग है. यहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं.
बिहार के भागलपुर जिले का इतिहास काफी स्वर्णिम रहा है. ऐसे में यहां पर कई ऐसे चीजें हैं, जिसको जानने के बाद आपका भी मन प्रफुल्लित हो उठेगा. यहां कई ऐसे धरोहर हैं, जिसको देखने के बाद उसको जानने की रोचकता आपकी बढ़ जाएगी. आज हाम भागलपुर के एक ऐसे ही धरोहर के बारे में जानेंगे. यहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.

भागलपुर के शाहकुंड में बसा यह पहाड़ एक अनोखा और आकर्षक पर्यटन स्थल है. भागलपुर-सुल्तानगंज मार्ग पर स्थित यह पहाड़ प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर है. यहां प्राचीन शिव मंदिर, काली मंदिर और पुरातात्विक अवशेष जैसे प्राचीन मूर्तियां, शिवलिंग और बौद्ध विहार के खंडहर मौजूद हैं, जो इसकी प्राचीनता की गवाही देते हैं. लुभावनी हरियाली, शांत वातावरण और ऊंचाई से नजर आने वाला मनोरम दृश्य पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ता है. दूर-दूर से सैलानी यहां पहुंचते हैं, खासकर धार्मिक और ऐतिहासिक रुचि रखने वाले हैं. स्थानीय लोग इसे पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि बेहतर सुविधाएं मिल सकें. शाहकुंड पहाड़ प्रकृति प्रेमियों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है.

भागलपुर के जब इस पहाड़ पर आप आएंगे, तब आपको कई ऐसे दृश्य मिलेंगे, जिसको देख मन प्रफुल्लित हो उठेगा. इस पहाड़ पर घूमने विदेशी सैलानी भी पहुंचते है. नया साल में यह पहाड़ सैलानियों से पटा रहता है. यहां बिहार ही नहीं, यूपी, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.
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इस पहाड़ को संरक्षित करने के लिए पुरातत्व विभाग लगातार प्रयास कर रहा है. इसके साथ जिले के पर्यटन स्थल और धरोहर को संरक्षित करने के लिए जिलाप्रशासन भी लगातार पहल कर रहा है. इसको और विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे यहां आने के बाद पर्यटकों का मन प्रफुल्लित हो उठे.

यहां भागलपुर के इस सुंदर वादियों का विकास किया जाएगा. यहां अभी भी रोजाना पूजा करने वाले श्रद्धालु पहुंचते है. कई बार पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने इसकी जांच की है. जल्द ही इसको संरक्षित करने के तरफ पहल की जाएगी. हालांकि यहां आज भी लोग बड़े पैमाने पर घूमने पहुंचते हैं.





