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Summer Health Drink: महंगे सप्लीमेंट को टक्कर दे रहा है बिहार का यह देसी प्रोटीन पाउडर. गर्मी की दस्तक के साथ मधुबनी के बाजारों में सत्तू की डिमांड बढ़ी. जानिए डॉ. सुमन कुमार से कि कैसे महज एक गिलास सत्तू आपको लू से बचाने, वजन घटाने और दिन भर ऊर्जावान रखने में जादुई असर दिखाता है.

मधुबनी: जैसे-जैसे सूरज के तेवर तल्ख हो रहे हैं और गर्मी ने दस्तक दी है. मधुबनी के बाजारों में एक खास चीज की डिमांड तेजी से बढ़ गई है वह है सत्तू. बिहार की संस्कृति और खान-पान का अभिन्न हिस्सा रहे सत्तू को न केवल स्वाद बल्कि सेहत के लिहाज से भी सुपरफूड माना जाता है. स्थानीय चिकित्सक डॉ.सुमन कुमार के अनुसार सत्तू वर्तमान समय में मांसपेशियों की रिकवरी और गर्मी से बचाव का सबसे सस्ता और प्रभावी विकल्प है.

गरीबों का प्रोटीन पाउडर और इसके गुण
सत्तू को अक्सर गरीबों का प्रोटीन पाउडर कहा जाता है. लेकिन इसके फायदे किसी भी महंगे सप्लीमेंट से कम नहीं हैं. डॉ.सुमन बताते हैं कि सत्तू फाइबर, आयरन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है. यह मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक होता है. शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. इसमें मौजूद हाई-फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. वजन घटाने की चाहत रखने वालों के लिए यह एक वरदान है.

गर्मी में क्यों है सबसे ज्यादा कारगर?
डॉ.सुमन कुमार के मुताबिक गर्मी के मौसम में सत्तू का सेवन कई कारणों से विशेष है. इसकी तासीर ठंडी होती है. ये चिलचिलाती धूप में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है. लू लगने के खतरे को कम करती है. अगर आप सुबह काम पर निकलते समय कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन जैसे चावल या रोटी खाते हैं, तो वह जल्दी पच जाता है. कुछ ही घंटों में फिर से भूख लगने लगती है. यदि आप एक-दो गिलास सत्तू पीकर निकलते हैं. तो यह 4 से 5 घंटे तक पेट को भरा रखता है. यह शरीर को हल्का महसूस कराता है. लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है. जब सत्तू के घोल में नींबू का रस मिलाया जाता है, तो शरीर को विटामिन-सी की भरपूर खुराक मिलती है. जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है.

सर्दियों में परहेज क्यों?
डॉक्टर का कहना है कि ठंड के मौसम में सत्तू के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए. क्योंकि इसकी तासीर बहुत ठंडी होती है. जिससे सर्दी-जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि, मौजूदा समय में जब मधुबनी के हर चौक-चौराहे, स्टेशन और घरों में सत्तू की मांग बढ़ी है. तो यह सेहत बनाने का सबसे सही समय है.

अन्य पौष्टिक विकल्प
डॉ.सुमन कुमार सलाह देते हैं कि सत्तू के अलावा इस मौसम में काबुली चना, राजमा और विभिन्न प्रकार की दालों को भी भोजन में शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सके. सत्तू को चाहें आप लिट्टी के रूप में खाएं या नमक, प्याज और नींबू के साथ घोल बनाकर पिएं, यह हर रूप में सेहत की जान है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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