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Sandeshkhali Viral Video Case Update; TMC Sheikh Shahjahan Vs BJP | Supreme Court | संदेशखाली वायरल वीडियो केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: याचिकाकर्ता ने SIT जांच की मांग की, कहा- वीडियो की सच्चाई का पता लगाया जाए

Published:


कोलकाता14 मिनट पहले

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22 फरवरी को बीजेपी ने 20 मिनट 41 मिनट तक का फॉलोवर का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था।  संदेशखाली की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और हिंसा के मामले में अपनी आपबीती बताई।  हालाँकि, अब कई कट्टरपंथियों का कहना है कि कम्युनिस्ट नहीं थे, भाजपा नेताओं ने कोरे कागज़ पर सिने अर्थशास्त्री थे।  - दैनिक भास्कर

22 फरवरी को बीजेपी ने 20 मिनट 41 मिनट तक का फॉलोवर का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। संदेशखाली की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और हिंसा के मामले में अपनी आपबीती बताई। हालाँकि, अब कई कट्टरपंथियों का कहना है कि कम्युनिस्ट नहीं थे, भाजपा नेताओं ने कोरे कागज़ पर सिने अर्थशास्त्री थे।

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में जमीन हड़पने और महिलाओं के खिलाफ अपराध (यौन शोषण) के मामले में वायरल वीडियो का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। एक महिला ने एसआईटी जांच की मांग को लेकर अंतिम आपत्ति दर्ज कराई है।

एक महिला वकील उदयादित्य बनर्जी ने कोर्ट से कहा कि मैसेजखाली मामले में लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक पर्सनल पोस्ट में कहा जा रहा है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख के खिलाफ रेप के आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ़ आरोप लगाए गए भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निर्देश दिए गए।

वहीं, संदेशखाली की कई पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनके कोरे स्ट्रॉंगर्स पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद शाहजहाँ शेख के खिलाफ़ क्रांति की मुद्राएँ बनीं।

गुड़गांव ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए जांच होनी चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी की जांच की जाए।

इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्लॉस्टेस्ट के लिए 70 महिलाओं को 2-2 हजार रुपए मिलेंगे।  डेली भास्कर इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्लॉस्टेस्ट के लिए 70 महिलाओं को 2-2 हजार रुपए मिलेंगे। डेली भास्कर इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

दावा- 70 महिलाओं के लिए 2-2 हजार रुपए मील का प्लान
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में 12 मई को नया वीडियो सामने आया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस वीडियो में बीजेपी मंडल (बूथ) के अध्यक्ष गंगाधर कायल टीएमसी नेता शाहजहाँ शेख के खिलाफ प्रोटेस्ट करने वाली 70 महिलाओं को 2-2 हजार रुपए देने की बात कहते नजर आ रहे हैं।

45 मिनट के इस वीडियो में बीजेपी नेता ने कहा- हमें 50 बूथों के लिए 2.5 लाख रुपये कैश की जरूरत होगी। इन बूथों पर 30 प्रतिशत अधखुली महिलाएं हैं। हमें यहां एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों को अच्छा वेतन मिलेगा। महिलाओं की लाइन में साथ पुलिस से मुकाबला स्कोर।

वीडियो वायरल होने के बाद न्यूज एजेंसी पीटीआई ने कायल से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन उनका कॉन्टैक्ट नहीं मिला। हालाँकि, डेली भास्कर इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

वीडियो को लेकर टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा- बीजेपी के फर्जी नैरावेटिव की सच्चाई सबके सामने आ रही है। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने बेबुनियाद और पोस्ट किए गए वीडियो को पोस्ट किया। उन्होंने कहा- चुनाव से पहले टीएमसी फर्जी वीडियो रिलीज कर नैरेटिव रिवाइवल चाहती है।

इसके अलावा 10 मई को भी मैसेजखाली केस से जुड़ी एक महिला का इंटरव्यू वायरल हुआ था। उन्होंने बताया कि ब्लैंक पेपर में साइन साइन्स का इस्तेमाल किया गया था, जिसका इस्तेमाल बलात्कार की शिकायत दर्ज करने के लिए किया गया था।

टीएमसी के चुनाव आयोग से थी शिकायत, कहा- फर्जी केस दर्ज, NCW प्रमुख भी शामिल

टीएमसी ने 12 मई को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

टीएमसी ने 12 मई को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

टीएमसी ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी की याचिका चुनाव आयोग में दर्ज कराई है।

टीएमसी ने कहा- 10 मई को संदेशखाली की एक महिला रेखा ने एक इंटरव्यू में बताया कि एनसीडब्ल्यू के चेयरपर्सन शर्मा और बीजेपी नेता पियाली दास ने साइना गंगा पर एक ब्लैंक पेपर रखा था।

इसके बाद इस साइन का उपयोग करते हुए उन्होंने केश फ़ाइल को रद्द करने का प्रयास किया। जब महिला ने केस लेना चाहा तो पियाली दास और स्थानीय भाजपा नेताओं ने उन्हें धमाका दिया।

टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और एनसीडब्ल्यू ने चुनाव से पहले वोटर्स के साथ मिलकर ये साजिश रची है. रेखा शर्मा और पियाली दास सहित सभी भाजपा नेताओं के खिलाफ साजिश में केस दर्ज होना चाहिए।

4 मई को रिलीज़ हुआ था सबसे पहला वीडियो

4 मई को वायरल वीडियो में बीजेपी नेताओं ने कहा था- सुवेंदु ने बीजेपी नेताओं से स्थानीय महिलाओं को उकसाने के लिए कहा था.

4 मई को वायरल वीडियो में बीजेपी नेताओं ने कहा था- सुवेंदु ने बीजेपी नेताओं से स्थानीय महिलाओं को उकसाने के लिए कहा था.

मैसेजखाली मामले को लेकर अब तक कुल 4 वीडियो वायरल हो चुके हैं। सबसे पहले 4 मई को सोशल मीडिया पर मैसेजखाली केस का स्टिंग वीडियो जारी हुआ था। इसमें गंगाधर कायल समेत यह दावा किया गया था कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने शाहजहां शेख पर उनके 3 नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

वीडियो में बीजेपी नेताओं ने कहा था- सुवेंदु ने बीजेपी नेताओं से स्थानीय महिलाओं को उकसाने के लिए कहा था. सुवेंदु ने कहा कि टीएमसी के मजबूत नेताओं को तब तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, जब तक उन्हें बलात्कार के आरोप में फंसाया नहीं जाएगा।

जिन महिलाओं के साथ बलात्कार नहीं हुआ, उन्हें पीड़िता के रूप में पेश किया गया। सुवेंदु ने एक घर में खुद बंदूकें रखने वाला संदेशखाली में दिया था, जिसे बाद में सीबीआई ने डकैती के रूप में दिखाया था।

इसके अलावा दूसरा वीडियो रेप केस का रिकॉर्ड वाली महिला का था। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने उन्हें सबसे पहले साइना में खाली पेपर दिया था। इसके बाद उन्होंने दुकान के मालिक के प्रवेश द्वार के लिए कहा था।

तीसरा वीडियो बशीरहाट से बीजेपी उम्मीदवार और शाहजहाँ के खिलाफ प्रोटेस्ट करने वाली रेखा पाटला का था। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वह उन रैपर्स को नहीं देखा, जो दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले थे।

बीजेपी नेता कायल बोले- आर्टिफिशियल वैज्ञानिकों से मेरा वीडियो बनाया गया
4 मई को जारी वीडियो के बाद बीजेपी नेता गंगाधर कायल ने सफाई दी थी। उन्होंने मामले की जांच कर रही सीबीआई के निदेशक लेटर राइटिंग ने कहा था कि कथित स्टिंग वीडियो आर्टिफिशियल सोसायटी (एआई) की मदद से बनाया गया है।

गंगाधर ने कहा- मुझे विलियम्स नाम के एक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया गया है। इसमें AI की मदद से मेरे चेहरे और आवाज का इस्तेमाल किया गया है। ताकि संदेशखाली घटना के खिलाफ जनता को अनादर किया जा सके।

ममता बोलीं- बीजेपी ने संदेशखाली की कहानी लिखी थी
सीएम ममता बनर्जी ने स्टिंग वीडियो शेयर कर कहा कि मैं काफी पहले से कह रही हूं कि पूरी घटना प्री-प्लांड थी। अब सच सामने आ गया है. ममता ने नादिया जिले के चकदह में एक रैली में कहा कि बीजेपी ने संदेशखाली की पूरी कहानी लिखी थी। उन्होंने सत्य की चाह में हमारी मां-बहनों की सीतियां बेच दी।

बीजेपी बोली- मामले को लेकर ऐसा हो रहा है
टीएमसी का दावा पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा- ममता बनर्जी ने मैसेजखाली में जो पाप किया है, उसे हिलाया के लिए वे ये सब कर रही हैं. क्या आप वीडियो पर विश्वास करेंगे या आपबीती सूना महिलाओं पर? ममता बनर्जी को वहां के लोगों से बात करनी थी।

क्या है संदेशखाली मामला?

खली में टीएमसी नेता शेख शाहजहां संदेश और उनके दो साथियों शिबू हजारा और उत्तम सरदार पर महिलाओं के गिरोह और लोगों की जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। शाहजहाँ शेख टीएमसी के आम आदमी पार्टी के नेता हैं। राशन घोटालेबाज ईडी ने 5 जनवरी को अपने घर रेड की थी।

तब शाहजहाँ के 200 से अधिक समर्थकों ने टीम पर हमला कर दिया। इंजीनियर को जान बचाकर भागना पड़ा। इस मामले में 55 दिनों तक रहने के बाद बंगाल पुलिस ने उसे 29 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था। शाहजहाँ शेख के अलावा शिबू हाजरा और उत्तम सरदार 13 मई तक कस्टडी में हैं।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 10 अप्रैल को संदेशखाली मामले की जांच सी.बी.आई. को सौंपी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई अदालत की निगरानी में जांच और रिपोर्ट तैयार करेगी। बंगाल सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई से जांच के निर्देश दाखिल किए गए हैं।

सीबीआई ने संदेशखाली मामले में 25 अप्रैल को 5 आरोपियों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की थी। 26 अप्रैल को एजेंसी ने मैसेजखाली में कई जगहों पर सर्चिंग की थी। इस दौरान विदेशी हथियार समेत कई हथियार, बम और गोला-बारूद बरामद किया गया।

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कलकत्ता हाईकोर्ट में गुरुवार (2 मई) को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारी उसे जांच में सहयोग नहीं दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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