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Sanchar Saathi APP Apple iPhones Controversy; Data Leak | Business News | एपल अपने फोन में संचार एप प्री-इंस्टॉल नहीं करेगा: कहा- यूजर्स का डेटा लीक होने का खतरा, सरकार से बात कर बीच का रास्ता निकालेंगे

Published:


नई दिल्ली5 मिनट पहले

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अमेरिकन टेक कंपनी एपल भारत सरकार के उस ऑर्डर को नापसंद से खारिज कर दिया गया है, जिसमें हर नए फोन में ‘संचार मित्र’ एप सार्वभौम करने को कहा गया है। मंगलवार (2 दिसंबर) को पीटीआई ने रिपोर्ट में बताया कि, एपल इस फैसले से सहमत नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह संचार मित्र एप और पोर्टल उपभोक्ता के सिम कार्ड को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन एपल इसे निजी तौर पर यात्री मान रहा है।

कंपनी का कहना है कि, ‘आदेश पर सरकार के साथ बातचीत की जाएगी और बीच का रास्ता निकाला जाएगा।’ हम वास्तविक प्रारूप में आदेश लागू करने में असमर्थ हैं।’

फ्रॉड निषेध का नया टूल मन रही सरकार

सरकार का कहना है कि एप चोरी या गम फोन को ट्रैक करना, ब्लॉक करना और उनके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने का काम आता है। यानी साइबर फ्रॉड प्रतिबंध में मदद मिलेगी। संचार मित्र एप की मदद से अब तक 7 लाख से ज्यादा मोबाइल चोरी या मोबाइल वापस मिल गए हैं।

ऑर्डर में एपल, सैमसंग, वीवो, क्रैक्टर और शाओमी जैसी मोबाइल कंपनियों को 90 दिन का समय दिया गया है। इस ऐप का पब्लिक डिसप्ले महंगा नहीं है। पुराने फोन पर तकनीकी अपडेट के जरिए यह एप प्रदर्शित किया जाएगा।

एपल ने कहा- मॉस्को की प्राइवेटशिप पहली प्राथमिकता

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी के एक प्रवक्ता ने रिपोर्ट में बताया, ‘हम यूनिवर्सल प्राइवेट को सबसे ऊपर रखते हैं। सरकार के इस निर्देश से iOS लाइसेंसधारियों को डेटा शेयरिंग की जरूरत है, जो हमारी मंजूरी के खिलाफ है।’ एपल का तर्क है कि पोर्टल और एप से उपभोक्ता का निजी डेटा, जैसे IMEI नंबर और कॉल कॉल, जैसे होने का खतरा है।

अपील अब सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय में चुनौती देने की अपील कर रही है। कंपनी के वकीलों ने DoT को पत्र लिखा है, जिसमें ऑर्डर को ‘एनरेशनल’ बताया गया है। एपल इंडिया के हेड्स ने टेक्निकल ग्रुप में स्टाफ को ऑर्डर दिया है कि कोई भी डेटा शेयर न करें।

एप्पल की प्रतिभूति क्या है?

  • मित्र का डेटा अपलोड है: ऐपल सिर्फ जरूरी डेटा इकट्ठा करता है, जैसे आपका एनिमेटेड डिटेल्स, डिजिटल इंफो (जैसे आईफोन का मॉडल), कॉन्टैक्ट्स, पैनल इंटेलीजेंस, हेल्थकेयर/फिटनेस डेटा और जो आप खुद शेयर करते हैं। बिना वजह एक्स्ट्रा डेटा नहीं मांगती।
  • कहां इस्तेमाल किया गया: यह डेटा विशेष रूप से सेट किया गया है, डाटाबेस अपलोड किया गया है, मोटोरोला चेक किया गया है, फ़्रॉड प्रतिबंध और लॉक फॉलो करने के लिए उपयोग किया जाता है। सब कुछ लीगल बेस पर, जैसे आपके मिशन से या जरूरी कानूनी वजह से।
  • उत्तर: एपी एडोलिनिस्ट्रेटिव, टेक्निकल और टीलायाजी मेजर्स लगते हैं, जैसे मूर्ति। ये मेजर्स को हमेशा अपडेट किया जाता है ताकि हैकिंग या लाइक का रिस्क कम हो।
  • साझा करें: डेटा केवल एप्पल की सहायक कंपनियों, सेवा प्रदाताओं (जैसे-कॉमेडी स्टोरेज), कोलकाता या कंपनी के और वो भी आपके साथ साझा किया जाता है। अपलोड-पार्टियों को आपके डेटा को बेचने या मार्केटिंग के लिए साझा नहीं करना चाहिए।
  • उपभोक्ता के अधिकार: आप अपना डेटा चेक कर सकते हैं, अपडेट कर सकते हैं, डिलीट कर सकते हैं या पोस्ट कर सकते हैं। कंसेंट बैक भी ले सकते हैं। इसके लिए प्राइवेसी.एप्पल.कॉम पर जाएं। यदि आप रिस्ट यूज़ करते हैं तो एपल डिस्क्रिमिनेशन नहीं होता है।

डेटा को लेकर पहले भी सरकार से हो चुका है मछुआरा

  • 2018 में आरबीआई ने नियम बनाए कि भारत में होने वाले हर भुगतान (जैसे ऐप्पल पे या ऐप स्टोर से) का पूरा डेटा भारत के अंदर ही सर्वर पर रखना जरूरी है।
  • एपल ने 3 साल तक टालमटोल की और कहा, “हमारा सिस्टम ग्लोबल है, हर देश के लिए अलग सर्वर नहीं बनाया जा सकता।”
  • फिर दबाव बढ़ा तो 2021 में हार मान ली। एप्पल ने घोषणा की है कि अब भारतीय ग्राहकों का आईक्लाउड डेटा (फोटोज, बैकअप, फाइल्स) भारत में ही स्टोर होगा। इसके लिए टाटा ग्रुप के साथ मिलकर ग्रेटर शिप भी की।

भारतीय बाजार में एपल की 9% हिस्सेदारी

कंपनी

4

वीवो

24%

कामचोर

16%

सोंग

13%

शाओमी

13%

एपल

9%

अन्य

24%

भारत में तेजी से बढ़ती रही एप्पल की प्रगति

एपल के लिए भारत लगातार महत्वपूर्ण बाजार के रूप में खोजा गया है। मार्केट ट्रैकर आईडीसी के मुताबिक, 2025 में कंपनी देश में 15 करोड़ रुपये बेच सकती है। इससे एपल का मार्केट शेयर पहली बार 10% से ऊपर जा सकता है।

सितंबर तिमाही में एप्पल भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन विक्रेता बना, जहां कंपनी ने 25% वार्षिक वृद्धि के साथ लगभग 5 मिलियन यूनिट की बिक्री की।

कुक ने हाल के कई एनालिस्ट्स को भारत के स्टैंडआउट मार्केट में कॉल करके बताया है, जहां कंपनी ने लगातार 15 तिमाहियों से रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है।

संचार मित्र ऐप क्या है और कैसे काम करता है

  • संचार मित्र एपी सरकार का साइबर निर्मित टूल है, जिसे 17 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था।
  • अभी यह एपल और गूगल प्ले स्टोर पर वॉलेंटरी डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, लेकिन अब नए फोन में यह जरूरी होगा।
  • ऐप यूजर को कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप चैट रिपोर्ट करने में मदद मिलती है।
  • IMEI नंबर चेक करके चोरी या खोए फोन को ब्लॉक करें।
  • इससे संबंधित सिम्स का पता और स्कैमर्स को छोड़ दिया गया।

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क्या संचार ऐप से जासूस हो सकता है: सरकार ने इसे हर मोबाइल के लिए जरूरी किया है; यह ओटीपी पढ़ा जा सकता है, बातचीत सुनी जा सकती है

कल्पना कीजिए… किसी के पास ऐसा सीक्रेट वेपन हो कि वो जब भी आपके फोन में फंस जाए। पर्सनल मैसेज के साथ बैंक ओटीपी जैसे मैसेज पढ़ें। जब आपकी बात सुनो सहायक।

आपकी बेहोशी जान सके और आपके फोन पर मौजूद फोटो-वीडियो देखें। शिक्षकों का मानना ​​है कि कुछ ऐसा ही हो सकता है संचार मित्र मोबाइल एप से, जिसे सरकार ने हर मोबाइल पर प्रसारित करने का निर्देश दिया है।

इस स्टोरी में जानेंगे कि संचार मित्र मोबाइल ऐप क्या है? इसका विरोध क्यों हो रहा है? किससे हो सकती है जासूसी और क्या है इन लोगों की गुप्तचरी पर हमला? पूरी खबर पढ़ें…

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