नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने विरासत कर पर भारत की विविधता को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारत में पूर्व में रहने वाले लोग चीनी और पश्चिम में रहने वाले लोग अरबी भाषा के लोग हैं। उत्तर के लोग श्वेत और दक्षिण के लोग अफ़्रीकी जैसे दिखते हैं।
पित्रोदा ने अंग्रेजी द स्टेट्समैन को इन बातों का एक साक्षात्कार दिया। उन्होंने कहा- हम 75 साल बहुत ही शांत माहौल में रह रहे हैं। लोग इधर-उधर के कुछ झगड़ों को ठीक करके एक साथ रह सकते हैं। हम भारत जैसे विविधता वाले देश को एक साथ रख सकते हैं। यहां हम सब भाई-बहन हैं।
नेता कांग्रेस ने आगे कहा- हम सभी अलग-अलग समुद्रों, धर्मों, रीति-रिवाजों और भोजन का सम्मान करते हैं। यही वह भारत है जिसमें मेरा विश्वास है, जहां हर किसी के लिए एक जगह है। यहां हर कोई एक-दूसरे के लिए थोड़ा-बहुत समझौता करता है।
सैम पित्रोदा के 5 सामान्य कथन…
1. विरासत कर
सैम पित्रोदा ने 23 अप्रैल को भारत में अमेरिका की तरह विरासत कर जमा करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसी भी व्यक्ति के जन्मदिन पर उसकी संपत्ति का 55% हिस्सा सरकार ले लेती है, जबकि उसके बच्चों को सिर्फ 45% हिस्सा मिलता है।
पित्रोदा ने यह भी कहा कि भारत में इस तरह का कानून नहीं है। इस तरह की सलाह पर बहस और चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक नीतिगत बर्बादी है और कांग्रेस पार्टी एक ऐसी नीति बनाएगी, जिससे माध्यम से धन का लाभ बेहतर होगा।
विपक्ष चुनाव के बीच पित्रोदा के बयान से बीजेपी को बैठी-बैठी एक बर्बादी मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र अपनी हर रैली-सभा और इंटरव्यू में कांग्रेस के विरासत कर की बातें करते हैं। वे कहते हैं कि कांग्रेस की सरकार आई है तो वे लोगों की जमीन-जायदाद और महिलाओं के मंगलसूत्र के दो हिस्से हैं और इसे अल्पसंख्यकों में विभाजित किया गया है। कांग्रेस का लूट “जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी।” कांग्रेस ने पित्रोदा के बयान को विपक्ष से लिया और प्रधानमंत्री के दावे को झूठा बताया।
2. सिखविरोधी दंगा
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान ही सिख हॉस्टल पर एक बयान में पित्रोदा फंस गए थे। असल में, बीजेपी ने 1984 के सिख विरोध के लिए राजीव गांधी को मास्टरमाइंड कहा था।
इस पर पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी रहे पित्रोदा ने 10 मई 2019 को कहा था- अब 84 का क्या है? बीजेपी ने 5 साल में क्या किया, अपनी बात करें. 84 हुआ तो हुआ, आपने क्या किया? कांग्रेस को इस बयान से भी पीछे हटना पड़ा और पित्रोदा को माफ़ी मांगनी पड़ी।
3. मिडिल क्लास को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए
पित्रोदा ने 6 अप्रैल 2019 को कहा था कि मिडिल क्लास में नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। उन्हें कमर के लिए अधिक टैक्स देना चाहिए। इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी आ सकती है। पार्टी को सफाई का सामान दिया गया कि अगर कांग्रेस सत्ता में है तो वो मध्यम वर्ग के लोगों पर कोई अतिरिक्त टैक्स का बोझ नहीं डालेगी।
4. बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सवाल
आतंकियों के हमलों के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इस पर पित्रोदा ने 22 मार्च 2019 को दिए गए सवाल में कहा था कि ऐसे हमले होते रहते हैं। कुछ कार्टून ने किया हमला, इसकी सजा पूरे पाकिस्तान को क्यों दी जा रही है?
पित्रोदा ने कहा कि मुंबई में भी हमला हुआ था और हमारी सरकार भी जवाब दे सकती थी। हम भी अपना विमान भेज सकते थे, लेकिन यह नजरिया सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गलत है कि हम पाकिस्तान के हर नागरिक को दोषी ठहराते हैं।
5. मंदिर से रोजगार नहीं मिलेगा
6 जून 2018 को राम मंदिर पर पित्रोदा ने कहा था कि भारत में बेरोजगारी, बेरोजगारी और शिक्षा जैसी समस्याओं के बारे में कोई बात नहीं करता। हर कोई राम, हनुमान और मंदिर की बात करते हैं। मंदिर बनाने से आपको नहीं मिलेगी नौकरी।
