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Roya Karimi escaped from Afghanistan to become Europes Top Bodybuilder Check Complete Profile | अफगानिस्तान से भागकर बनीं यूरोप की टॉप बॉडीबिल्डर: 15 की मां बनीं, नर्सिंग का करियर छोड़ा; अब नॉर्वे के लिए वर्ल्‍ड चैंपियनशिप खेलेंगी रोया करीमी

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  • यूरोप की शीर्ष बॉडीबिल्डर बनने के लिए रोया करीमी अफगानिस्तान से भाग निकलीं, पूरी प्रोफ़ाइल देखें
23 मिनट पहले

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13 नवंबर से स्पेन के बार्सिलोना में शुरू हो रही है वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा चर्चा नॉर्वे की रोया करीमी है। इसकी वजह यह है कि वो मूल रूप से फ़ारस के नोटमैन से हैं और एक बेटे की मां हैं। 30 साल की रोया करीमी यूरोप की टॉप बॉडीबिल्डर्स में से एक हैं।

यूरोपियन चैंपियनशिप नॉमिनल चैंपियनशिप के लिए फ़्रैक्वालिफ़ाई काइया

रोया ने अप्रैल में ही स्टॉपरिएट ओपन बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में वेलनेस क्लास में गोल्ड मेडल जीता था। इस क्लास में प्लांट के बजाय नैचुरल क्वालिटी, क्लासमेट लुक और एसेबिलिटी लुक को प्राथमिकता दी जाती है।

इसके तुरंत बाद उन्होंने नॉर्वे क्लासिक 2025 में जीत हासिल की। पूरे स्कैंडिनेविया में एथलीटों का जमावड़ा होता है। उन्होंने यूरोपियन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और कहीं से वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया।

14 साल की उम्र में शादी, 15 साल में बन गई मां

रोया करीमी का जन्म अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुआ। उनका परिवार, उस दौर के कई रिश्तेदारों की तरह, रूढ़िवादी और कठोर निर्धारण वाला था। जब वह 14 साल की थीं, तब उनकी शादी हो गई। अगले ही साल, 15 साल की उम्र में, वह माँ बन गयी।

अफ़ग़ानिस्तान से भागकर नॉर्वे

2011 में अफगानिस्तान में तालिबान का शासन तो नहीं था, लेकिन महिलाओं को अभी भी कई तरह के किस्से और शान का सामना करना पड़ा था। उस समय भी महिलाओं के अधिकार सीमित थे और उन्हें सामाजिक/सांस्कृतिक रूप से कई पाबंदियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में, रोया ने अपने बेटे को साथ ले लिया और अफगानिस्तान से दूर जाने का फैसला किया। उन्हें यूरोप के देश नॉर्वे में शरण मिली।

ऑफिस की पढ़ाई कर नौकरी शुरू की

नॉर्वे में रहने के दौरान, रोया ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। सोसायटी की पढ़ाई पूरी तरह से और स्वास्थ्य सेवा में ही काम करना शुरू कर दिया। कई सालों तक उन्होंने एक नर्स के रूप में काम किया।

एक इंटरव्‍यू में रोया ने बताया, कि वॉइससाइज के बिजी स्‍थल के अलावा, अपनी कसरत में कसरत, योग और दौड़ को जगह-जगह कहा जाता है। शुरुआत में यह सिर्फ एक शौक था।

उनके लिए यह फिजिकल सर्जरी केवल वजन कम करने या फिट रहने के लिए नहीं थी। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सहारा बन गया था। जिम ने उन्हें धीरे-धीरे बॉडीबिल्डिंग की दुनिया की तरफ दिखाया।

कोच से लाइफ़ तेलंगाना बने कमल जलालुद्दीन

नॉर्वे में रोया की मुलाकात कमल जलालुद्दीन से हुई, जो खुद भी एक जाने-माने बॉडीबिल्डिंग कोच और एथलीट थे। कमल ने रोयाकी लगन, डिसिप्लिन और कैपेसिटी को हराया। कमल ने रोया को मानसिक और धार्मिक दोनों तरह का समर्थन दिया और बाद में दोनों ने शादी कर ली।

स्वास्थ्य व्यवसाय छोड़ें पूरा ध्यान खेल पर दिया

2024 की शुरुआत में, रोया ने निर्णय लिया कि अपनी पूरी ताकत, समय और ध्यान पेशेवर बॉडीबिल्डिंग पर छोड़ दें। रोया ने 18 महीने की कड़ी ट्रेनिंग में लोगों को दिखाया कि वह कितने लोगों से मिलते हैं।

बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्डन मेडल रॉकेट वो यूरोप के टॉप एथलीट्स की लिटरशिप में शामिल हो गए। वे भले ही नॉर्वे का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की, लेकिन उनकी पहचान हमेशा के लिए एक महिला की रही रही। ऐसे में इस जीत ने उन्हें दुनिया भर में बंधक महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बनाया।

बिकिनी पर जान से मारने की धमकियां मिलें

रोया के, ‘एक मुस्लिम देश से आई महिला के लिए बिकनी बिजनेस स्टेज पर खड़ा होना किसी जंग से कम नहीं था, भले ही वह खेल का हिस्सा हो। मुझे अपनी सफलता की भारी कीमत चुकानी पड़ी।’

जैसे ही रोया की बिकनी ज्वेलरी प्रतियोगिता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं, एफ़एफ़ और अन्य रूढ़िवादी कोलम में एक धमाका हुआ। लोगों ने उन्हें गैर-इस्लामी और संस्कृति को तोड़ने वाला कहना शुरू कर दिया।

सबसे बड़ी आलोचना यह थी कि वह एक बाल वधू रहती हैं और एक आदमी हैं, और अपनी हैसियत के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करती हैं।

आलोचना जल्द ही धमकियों में बदल गई। रोया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन माध्यमों से जान से मारने की गंभीर धमकियां मिल रही हैं। उनसे कहा गया कि अगर वह अफगानिस्तान आए तो उनसे मार डालेंगे।

रोया ने इन धमाकियों के सामने झकझोरने से साफ मना कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-

‘मैं अपनी पसंद के लिए माफ़ी नहीं मांगता। यह मेरा शरीर है, और इसे मजबूत बनाना मेरा है। ‘मुझे दुनिया में बमबारी की कोशिश करने वाली, मेरा हर सांस लेने वाला एक विरोध है।’

दुनिया को फिटनेस के लिए जागरूक करना चाहती हैं रोया

यूरोपियन चैंपियन बनने के बाद, अब रोया का अगला लक्ष्य विश्व मंच पर नॉर्वे का प्रतिनिधित्व और अफगानिस्तान की पहचान को मजबूत करना है। वह अपनी ट्रेनिंग के साथ-साथ कोचिंग भी कर रही हैं।

उन्होंने पोषण (पोषण) और फिटनेस में पेशेवर सर्ट का पालन किया है और अब वह अपने अनुभव का उपयोग करके अन्य लोगों को फिटनेस की यात्रा में मदद कर रही हैं।

वार्शी मिश्रा

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