वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,636 अंक लुढ़का, निफ्टी में भी गिरावट
स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार का चालू वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र में तेज गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,636 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 488 अंक के नुकसान में रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी रहने और कच्चे तेल के दाम में तेजी से निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
एशियाई बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर पूंजी निकासी ने भी घरेलू शेयर बाजारों में नरमी के रुख को बढ़ाया है।
बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,635.67 अंक यानी 2.22 प्रतिशत टूटकर 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 1,809.09 अंक तक लुढ़क गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 3,563 नुकसान में, जबकि 876 लाभ में रहे। वहीं 154 के भाव अपरिवर्तित रहे।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 488.20 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, “पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में गिरावट आई। तनाव बढ़ने के साथ संघर्ष थमने की उम्मीद टूटी है और कच्चे तेल की कीमत में तेजी आई है। इससे भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति और वृहद आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट सहित कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर निकासी और रुपये के कमजोर होने से बाजार की धारणा पर और भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा।”
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे अधिक नुकसान में रहीं। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड लाभ में रहें।





