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रात का भोजन हल्का होना चाहिए. अगर आप देर रात भारी खाना खा लेते हैं तो नींद और पाचन पर असर पड़ सकता है. पोहा, दलिया, सूप, मूंग दाल की खिचड़ी और दही-रोटी जैसे विकल्प न केवल हल्के हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं.
पोहा हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन है. इसमें कम तेल का इस्तेमाल होता है और सब्जियों के साथ बनाने पर यह और भी पौष्टिक बन जाता है. रात में भूख कम होने पर हल्का पोहा खाने से पेट भरता है और भारीपन नहीं होता. यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन को भी आसान बनाता है.

गेहूं का दलिया रात के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यह फाइबर से भरपूर होता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. इसे सब्जियों के साथ नमकीन या हल्का मीठा भी बनाया जा सकता है. दलिया हल्का होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है, जिससे यह रात के खाने का अच्छा विकल्प बन जाता है.

अगर बिल्कुल हल्का खाना चाहते हैं तो वेजिटेबल सूप सबसे बेहतर विकल्प है. इसमें कई तरह की सब्जियां शामिल की जा सकती हैं, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं. सूप गर्म और हल्का होता है, जिससे पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. रात में भूख कम हो तो एक कटोरी सूप काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.
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मूंग दाल की खिचड़ी पाचन के लिए सबसे हल्का भोजन माना जाता है. इसमें चावल और मूंग दाल का संतुलन होता है, जो शरीर को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों देता है. हल्के मसालों के साथ बनाई गई खिचड़ी रात के लिए आदर्श भोजन है. यह पेट को आराम देती है और नींद भी बेहतर करती है.

दही-रोटी भी हल्का और आसान डिनर विकल्प है. दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन को बेहतर बनाते हैं. अगर भूख कम हो तो एक-दो रोटी के साथ दही लेना काफी होता है. यह पेट को ठंडक देता है और रात में भारीपन नहीं होने देता. बहराइच मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला के अनुसार, भोजन का समय रात 8:00 बजे से 9:00 बजे के बीच रखना चाहिए और सोने जाने से कम से कम 2 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार भी सूर्यास्त के बाद भोजन करना उचित माना जाता है. ऐसा करने से पाचन सुचारू रहता है और लंबे समय तक कोई समस्या नहीं होती.





