✍️ टीवी 1 इंडिया न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़
गरियाबंद _(छत्तीसगढ़)धर्मनगरी गरियाबंद एक बार फिर रामभक्ति और मानस परंपरा के रंग में रंगने जा रही है भगवान श्री भुतेश्वरनाथ महादेव, माँ शीतला एवं प्रभु श्रीरामचन्द्र जी की असीम कृपा से नगर में भव्य एवं दिव्य राज्यस्तरीय श्रीरामचरित मानसगान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है यह आयोजन 19 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक गांधी मैदान, गरियाबंद में संपन्न होगा श्री रामराज युवा संगठन एवं समस्त नगरवासी गरियाबंद के तत्वावधान में आयोजित इस राज्यस्तरीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की ख्यातिप्राप्त मानस मण्डलियाँ संगीतमय रामकथा की प्रस्तुति देंगी। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से सहपरिवार पधारकर इस पुण्य आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया है कलश यात्रा से होगा शुभारंभ सम्मेलन का शुभारंभ 19 जनवरी 2026, सोमवार को 12बजे मूर्ति स्थापना एवं पूजन दोपहर 02 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा, जो गायत्री मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करेगी इसके पश्चात सायं 06 बजे आरती के पश्चात् मानस मण्डलीयों की प्रस्तुति प्रारम्भ होगी।20, 21 एवं 22 जनवरी 2026 को प्रतिदिन साम 07 बजे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि प्रतिदिन दोपहर 02 बजे से संगीतमय मानसगान की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।प्रभात फेरी से घर-घर पहुंच रहा आमंत्रणपूरे नगर को जिस शुभ घड़ी का इंतज़ार था, वह अब आ चुकी है। आयोजन को लेकर समिति के सदस्य प्रतिदिन प्रातः प्रभात फेरी निकालकर घर-घर आमंत्रण पहुंचा रहे हैं नगरवासियों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है।आयोजन समिति के सदस्यप्रकाश सोनी, अनुपम मालवीय दुर्गेश तिवारी, खीर सिंह यादव, आकाश तिवारी, शुभम भोसले, भानु प्रकाश सिंह राजपूत, मुरली सिन्हा, रोमी सिन्हा, अनुपम मालवीय, गोलू भट्ट, नवीन सिन्हा, आयुष सोनी, कुणाल देवांगन, प्रवीण सिन्हा, गजानन नागेश, मुकेश सोनी, राहुल साहू, रूपनारायण, सौरभ भुआर्य, निखिल विश्वकर्मा, दुष्यंत यादव, ओमप्रकाश ध्रुव, प्रकाश राजपूत, आदित्य साहू, नितेश सिन्हा, विक्रांत निषाद, जय नायक, मानस, आशीष यादव, विरेंद्र पात्र, वैभव सोनी, तेज नाथ, गगन सिन्हा, योगराज एवं भीम साहू।संपर्क सूत्रप्रकाश सोनी – 9993939252खीरसिंह यादव – 8462850009आकाश तिवारी – 7000847629भानुप्रकाश सिंह राजपूत – 7999627484यह राज्यस्तरीय श्रीरामचरित मानसगान सम्मेलन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का अनुपम संगम सिद्ध होगा।



