राहुल गांधी ने आगे अपने पोस्ट में कहा, “नेतृत्व के अवसरों से वंचित रखने से लेकर वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों तक- यह संस्थागत अन्याय उन जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, जो अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित कर देते हैं। यह सिर्फ करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है।”
उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में कहा, “मैं और कांग्रेस पार्टी आपका पूरा आदर और आपसे मोहब्बत करते हैं और ये मानते हैं कि अपने फोर्स में आपकी तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका हक है। हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और सीएपीएफ जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा। देश आप वीरों का ऋणी है। अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।”





