अखिलेश और राहुल ने मंच पर दी थोड़ी देर की बात। फिर दोनों नेता चले गए।
राहुल गांधी और अलोकतांत्रिक यादव की संयुक्त रैली में मतभेद हो गए। राहुल-अखिलेश के मंच पर ही उम्मीदवार बन गए। उन्होंने घेराबंदी की सुरक्षा दी। मंच की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस ने रोक की कोशिश की तो धक्का-मुक्की की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो
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यह हो गया कि मंच पर सीता अलोकताव ने शांति से रहने की अपील की। लेकिन, डेट ने अपनी एक भी बात नहीं बताई। बंद करें 15 मिनट तक चक्रवर्ती सम्राट रही। अखिलेश के साथ राहुल ने भी हाथ मिलाया लोगों से शांत रहने की अपील।

भीड़ यूनिवर्सल स्टार मंच पर पहुंच गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग पर रोक लगाने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की हो गई।
जब दोनों नेताओं की ताजपोशी ने नहीं सुनी तो सपा के पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश राय नी लल्लन राय ने मंच संभाला। उन्होंने भीड़ से हाथ जोड़कर अपील की। कहा- हमारे राष्ट्रीय नेता और कांग्रेस के राहुल गांधी मंच पर आ गए हैं। आप लोग संयम बरतिए। प्रतिबंध रखो। उन्हें बोलने का मौका मिलेगा।
भीड़ ने अपनी भी एक नहीं सुनी। यह देखकर नाराज हो गए। समाजवादी विचारधारा और मंच से जुड़ें। मंच पर मौजूद नेताओं ने अलोकतांत्रिक गठबंधन पर रोक लगाने की कोशिश की। लेकिन, वह नाराज होकर मंच के पीछे बने हेलिपैड की तरफ चल पड़े। अखिलेश के साथ राहुल भी मंच से उतरे।
दोनों नेता बिना रैली को मंच पर दिखाते हुए किले पर पहुंचे और वहां से अतिक्रमण किया। कांग्रेस में नीतीश और राहुल गांधी के समर्थकों का प्रचार-प्रसार देश भर में किया जा रहा था। यहां से बीजेपी ने केसरीनाथ त्रिमूर्ति के बेटे नीरज त्रिमूर्ति को उतारा है।
