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- पुणे पोर्श केस: जुवेनाइल बोर्ड ने पुलिस को नाबालिग से पूछताछ की अनुमति दी
पुणे52 मिनट पहले
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18-19 मई की रात नाबालिग लड़की ने कार से बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी थी, जिससे दोनों की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद राहगीरों ने बादलों की पिटाई की थी।
पुणे पोर्श केस में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने शुक्रवार को पुलिस को नाबालिग से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। 19 मई को पुणे के कल्याणी नगर में इस हादसे में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। पुलिस ने जेजेबी को लेटर लिखकर 17 साल के मुकदमे के खिलाफ जांच की थी।
पुलिस ने कहा कि बोर्ड की खबरें सुनी गईं और उसने हमारी याचिका स्वीकार कर ली। नाबालिग अभी सुधार घर में है। किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार, किसी नाबालिग से पूछताछ उसके माता-पिता की सहमति में की जाएगी।
पिता-दादा की न्यायिक हिरासत भी 14 दिन बढ़ी
पुणे कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और दादा सुरेंद्र अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन दोनों पर ड्राइवर का अपहरण करने और उस पर दुर्घटना की जिम्मेदारी खुद लेने का दबाव बनाने का आरोप है। पुणे क्राइम ब्रांच ने कहा- सबूत मिटाने के लिए सबूत की जिस तीसरे व्यक्ति ने मदद की उसकी पहचान की जा रही है।

नाबालिग अवतार के पिता और दादा पर ड्राइवर का अपहरण करने और उस पर एक्सीडेंट की जिम्मेदारी खुद लेने का दबाव बनाने का आरोप है।
पूर्व आईएएस की मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी, कमिश्नर के स्थानांतरण की मांग
पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस की जांच को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गुरुवार को पूर्व आईएएस अधिकारी अरुण भाटिया ने महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी लिखकर पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है।
उन्होंने कहा- पोर्श केस ने हमें झकझोर दिया है। केस की जांच ने हमारे डेमोक्रिट का सुपर फेस शो है। भ्रष्ट अधिकारी अब रोज़ की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं।
भाटिया ने कहा कि माइनर ने शराब पी है या नहीं, इसके लिए पुलिस ने टेस्ट के लिए 6 घंटे तक की देरी की। पुलिस ने टेस्ट से पहले नाबालिग को पुलिस स्टेशन में पिज्जा खिलाया। गवाहों और कार में बैठे लोगों के बयान दर्ज करने में भी देरी हुई।
जब मामला तूल पकड़ा तो पुलिस कमिश्नर ने ब्लड टेस्ट में देरी को कुछ हद तक गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने के लिए कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। अगर ऐसा था तो दो नेता घटना के बाद पुलिस स्टेशन क्यों पहुंचे थे।
पुलिस की जांच में देरी से पता चलता है कि जांच के बुनियादी नियमों को निर्धारित किया गया है। आवेदकों को बचाने के लिए उन्हें समय दिया गया, इससे प्रभावित हुई।
भाटिया ने कहा- ब्लड सैंपल बदलने वाले सासून अस्पताल के डॉक्टर भी भ्रष्ट थे। एक नेता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में भ्रष्ट डॉक्टर की नियुक्ति की सिफारिश की थी। ऐसा करके स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

ससून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ तावरे, चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ श्रीहरि हलनोर और स्टाफ अतुल घाटकांबले को ब्लड सैंपल बदलने के आरोप में 27 मई को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पुलिस की हिरासत में हैं।
माँ से बदला गया नाबालिग का ब्लडड्रम
पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में बताया कि नाबालिग लड़की के ब्लड सैंपल को किसी महिला के सैंपल से बदला गया था, ताकि यह पता चल सके कि घटना के वक्त वह नशे में नहीं थी।
नाबालिग कांड को उसके मां-पिता की सहमति में लिया गया था। जहां नाबालिग का ब्लड सैंपल लिया गया वहां सीसीटीवी कैमरा लगा था, लेकिन जहां महिला का ब्लड सैंपल लिया गया वहां सीसीटीवी नहीं लगा था।
हालांकि, सैंपल की जांच के लिए बनाई गई समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पीसीआई ने माइनरबेसबॉल लीग के अपने सदस्य का ब्लड सैंपल से ही बदला लिया था।
पुलिस ने पुणे कोर्ट से आरोपी को बदलने वाले दोनों डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी। इसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए तीनों की कस्टडी 5 जून तक बढ़ा दी।
कार में नाबालिग के अलावा उसके 3 और दोस्त सवार थे। तीनों के ब्लड टेस्ट देखे गए, लेकिन तीनों नमूनों में ऐल्कोहॉल नहीं पाया गया। हम जांच कर रहे हैं कि सभी के ब्लड टेस्ट अल्कोहल युक्त पदार्थ कैसे आ सकते हैं।
ब्लड सैंपल बदलने के लिए 50 लाख में हुई थी डील
वीपी डॉक्टर में शामिल डॉ. हलनोर ने पूछताछ में बताया कि ब्लड सैंपल बदलने के लिए मॉडल के पिता विशाल अग्रवाल थे और उनके बीच 50 लाख रुपये की डील हुई थी।
विशाल अग्रवाल ने डॉ. अजय टावरे से संपर्क किया गया था। दुर्घटना के बाद दोनों के बीच 15 बार वॉट्सऐप पर बातचीत हुई। टावरे के कहने पर विशाल अग्रवाल ने पहली किस्त के 3 लाख रुपए दिए थे।
पुलिस ने बताया कि अब तक डॉ. हेलनोर के घर से 2.5 लाख रुपये और अस्पताल के कर्मचारियों के घर से 50 लाख रुपये वसूल किए गए हैं। डॉ. टावरे के टुकड़ों पर अभी भी खोज की गई है।
साथ ही पुलिस ने कहा कि पहले माना जा रहा था कि नाबालिग का ओरिजनल ब्लडस्टैंड डस्टबिन फेंक दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डॉ. हेल्नोर नेडल किसी व्यक्ति को स्थापित किया था। हम उसकी तलाश कर रहे हैं।

डॉ. अजय तावरे और श्रीहरि हलनोर 30 मई तक पुलिस हिरासत में हैं।
दोस्त बोले- नाबालिग लड़की ने शराब पीकर तेज रफ्तार में कार चलाई
इधर, पुलिस सूत्रों से पता चला है कि नाबालिग पीड़िता के दोस्तों ने कहा है कि घटना वाली रात वे दोनों कार की पिछली सीट पर बैठे थे और नाबालिग पीड़िता शराब पीकर तेज रफ्तार गाड़ी चला रही थी। खैर का कहना है कि अब पुलिस इस मामले में नाबालिगों के दोनों दोस्तों को गवाह बनाएगी।
हालांकि, इस संबंध में पुणे पुलिस का बयान नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, इसके बाद ही कोई फैसला लेगी।
पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस क्या है?

ये तस्वीर एक पब के सीसीटीवी फुटेज की है। दुर्घटना से पहले नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ शराब पी और कार लेकर निकल गया।
पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 18-19 मई की रात 17 साल 8 महीने के एक लड़के ने आईटी सेक्टर में काम करने वाली बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई।
घटना के समय नशे में था। वह 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था। नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। उसके पिता-दादा समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मंत्री मुश्रीफ ने माना- एनसीपी विधायक ने डॉ. तावरे की सिफारिश की थी
एनसीपी (अजित गुट) के नेता मुश्रीफ ने यह भी माना है कि पार्टी विधायक सुनील टिंगरे के रिकमंडेशन लेटर के आधार पर डॉ टावरे की नियुक्ति की गई थी। मुश्रीफ ने कहा, ‘सुनील टिन्डे ने डॉ. टावरे की नियुक्ति की सिफारिश की थी और मैंने इसकी मंजूरी दे दी।’ मुझे टावरे के पिछले अभिलेखों के बारे में पता नहीं था। जब सिफारिश की गई थी, तो डीन को उसके बारे में बताना चाहिए था।’
हालांकि, डीन डॉ विनायक काले ने दावा किया कि मंत्री मुश्रीफ के आदेश पर ही डॉ टावरे को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का प्रोडक्शन चार्ज दिया गया था। उन्होंने बस मंत्री के आदेश का पालन किया।

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पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस में लगातार नए खुलेसे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइनर्मूव्ट के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने ही उन्हें पोर्श कार के जन्मदिन पर गिफ्ट दिया था। सुरेन्द्र अग्रवाल के दोस्त अमन वाधवा ने बताया कि 2 महीने पहले सुरेन्द्र ने वाट्सएप ग्रुप में पोर्श कार की तस्वीर शेयर की थी। साथ में लिखा था- यह कार उपहार में दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
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