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प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं.
आर्या झा/मधुबनी: महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी आसान नहीं होती है. इस दौरान उनकी सेहत, शरीर और सोच-विचार में तमाम तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खान-पीन का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए. आमतौर पर परिवार के लोग भी घर की गर्भवती महिला की सेहत और खान-पान का ध्यान रखते हैं लेकिन, सबसे जरूरी खुद से अपना ध्यान रखना. दरअसल, कब क्या महसूस हो रहा है यह तो गर्भवती महिला को ही पता चलेगा और उनके बताने के बाद ही परिजनों को कुछ भी पता चलेगा. डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं क्योंकि इस दौरान उनकी सेहत के लिए तमाम तरह के विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है. सेहत दुरुस्त रखने के लिए फलों का भी सेवन करते हैं लेकिन, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो कई बार गर्भवती महिलाओं की सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. इनमें पपीता जैसा फल भी है जो वैसे तो सेहत और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन, ये गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है.
गर्भवती महिला को पपीता नहीं खाना चाहिए. इस बारे में महिला विशेषज्ञ गायनकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुमन कुमार ने कहा कि पपीता खाने से बच्चे की ग्रोथ रुक सकती है या फिर प्रेगनेंसी में बहुत सारी दिक्कतें आ सकती हैं. डॉक्टर ने बताया कि पपीता में मिलने वाले मल्टीविटामिन को किसी दूसरे तरीके से भी लिया जा सकता है लेकिन, पपीता खाना नुकसानदायक हो सकता है. सदर अस्पताल मधुबनी में कार्यरत डॉक्टर सुमन कुमार कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती के तीन से चार महीने गर्भवती महिला को कच्चा या पका किसी भी तरह का पपीता नहीं खाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के 3-4 महीने बाद जब गर्भवती महिलाओं को पेट में कब्ज या फिर पेट, गैस और पाचन से जुड़ी कोई दिक्कत होती है तो पका पपीता खा सकती हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन-चार महीने पपीते का सेवन नहीं किया जाता.
पपीता खाने से हो सकते हैं ये नुकसान
पपीता को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. इसलिए प्रेग्नेंसी की शुरुआत में पपीता खाने से गर्भपात का डर बना रहता है. वह आगे कहते हैं कि मिडिल फेज और लास्ट के समय पपीता खाया जा सकता है लेकिन, शुरुआत में हम डॉक्टर प्रेग्नेंट महिला को पपीते से दूर रखने की सलाह देते हैं.
ये करें सेवन
प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं.
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