PM Modi can End US Iran War | पीएम मोदी इकलौते ‘संकटमोचक’: ईरान-US जंग में ट्रंप के करीबी ने मांगी मदद


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ट्रंप प्रशासन के पूर्व पेंटागन सलाहकार कर्नल डगलस मैक्ग्रेगर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश को ‘बेतुका और बकवास’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का इकलौता संकटमोचन बताया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अकेले ऐसे लीडर हैं जिनकी बात पुतिन, ट्रंप से लेकर नेतन्याहू और ईरान भी सुनते हैं.

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पीएम मोदी ही रुकवा सकते हैं जंग : ट्रंप के पूर्व सलाहकार

वॉशिंगटन: ईरान-अमेरिका के बीच जारी महायुद्ध के बीच पाकिस्तान के ‘खलीफा’ बनने के अरमानों पर अमेरिका ने ठंडा पानी डाल दिया है. ट्रंप प्रशासन के पूर्व पेंटागन सलाहकार कर्नल डगलस मैक्ग्रेगर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश को ‘बेतुका और बकवास’ करार दिया है. उन्होंने पाकिस्तान के हालातों पर तंज कसते हुए कहा कि जो देश खुद ‘कंगाल’ हो और जलती हुई इमारत में खड़ा हो, वो दूसरों को रहने के लिए कमरा नहीं दे सकता’. मैक्ग्रेगर ने जोर देकर कहा कि इस वैश्विक संकट को सुलझाने की ताकत सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है, क्योंकि उनकी बात पुतिन से लेकर ट्रंप और ईरान तक सब सुनते हैं.

दिवालिया पाकिस्तान की बात कौन सुनेगा?

कर्नल मैक्ग्रेगर ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी. उन्होंने कहा कि इजरायल कभी भी पाकिस्तान को एक निष्पक्ष देश के रूप में नहीं देखेगा. उन्होंने पाकिस्तान की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से की जिसकी अपनी इमारत जल रही है और वो दूसरों को सलाह दे रहा है. उन्होंने साफ कहा कि आर्थिक रूप से ‘दिवालिया’ हो चुका पाकिस्तान, जिसे खुद कई मोर्चों पर दूसरे देशों की मदद की जरूरत पड़ रही है, वो शांति वार्ता की मेजबानी करने के लायक ही नहीं है.

पीएम मोदी: दुनिया के इकलौते ‘संकटमोचन’

पूर्व अमेरिकी सलाहकार ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें इस समय का सबसे प्रभावशाली नेता बताया. उनकी दलील है कि पीएम मोदी के मॉस्को में पुतिन के साथ अच्छे रिश्ते हैं. ईरान का नेतृत्व उनकी बात को गंभीरता से लेता है और इजरायल के साथ उनके मजबूत संबंध जगजाहिर हैं. उन्होंने ये भी कहा कि ‘अगर इस समय ट्रंप किसी की बात सुनेंगे, तो वो सिर्फ पीएम मोदी हैं’.

‘US-Iran जंग जल्दी खत्म नहीं होगी’

मैक्ग्रेगर ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध हफ्तों या महीनों में खत्म होने वाला नहीं है. ईरान पहले ही अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को ठुकरा चुका है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है. उन्होंने अमेरिकी निगोशिटर्स स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें इजरायली एजेंट के रूप में देखा जाता है, इसलिए भारत का हस्तक्षेप करना अब बेहद जरूरी हो गया है.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें





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