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Assam Tea Garden : अपनी चाय की भीनी-भीनी खुशबुओं को दुनिया भर में बिखरने वाला असम इन दिनों चुनाव प्रचार में व्यस्त है. इसी व्यस्तता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनोहारी चाय बागान में वहां की स्थानीय महिलाओं के साथ चाय की पत्तियां तोड़ते नजर आए. आपको जानकर हैरानी होगी जिस चाय बागान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गए थे वहां दुनिया की बेशकीमती चाय का उत्पादन होता है. इतना ही नहीं यहां के आसपास के इलाकों में दुनिया की सबसे महंगी चाय उपजाई जाती है. 800 से अधिक बागानों के साथ असम दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र है, जहां की चाय अपने गहरे रंग, कड़क स्वाद और मनमोहक खुशबू के लिए जानी जाती है. अगर आप पर्यटन के हिसाब से यहां जाना चाहते हैं तो आपको यहां जन्नत जैसे नजारे मिलेंगे. यहां इन 10 चाय बागानों के बारे में जानिए.
असम में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मशहूर मनोहारी टी एस्टेट दौरे के बाद राज्य के चाय उद्योग पर खास ध्यान गया है. असम में 800 से ज्यादा चाय बागान हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र माना जाता है. यहां की चाय अपने शानदार स्वाद, गहरे रंग और खुशमिजाज खुशबू के लिए जानी जाती है. इस कारण यहां की चाय की दुनिया में अपना नाम है और यह दुनिया के बाजारों में बेहद पॉपुलर है. मनोहारी 1800 के दशक के पुराने बागानों से लेकर आधुनिक ऑर्गेनिक और खास तरह की चाय उगाने वाले एस्टेट भी हैं. आइए जानते हैं असम के 10 सबसे प्रसिद्ध चाय बागानों के बारे में, जहां घूमना भी एक खास अनुभव हो सकता है.

Manohari Tea Estate मनोहारी टी एस्टेट: डिब्रूगढ़ में स्थित यह चाय बागान दुनिया भर में मशहूर है. यहां से कल्टीवेट की गई चाय मनोहारी गोल्ड नाम स से दुनिया भर में भेजी जाती है और खासा प्रसिद्ध है. मनोहारी चाय दुनिया की सबसे महंगी चायों में गिनी जाती है. यह चाय हाथ से बनाई जाती है और अपनी दुर्लभता व स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है. यह एस्टेट अपने मजदूरों के कल्याण पर भी खास ध्यान देता है, जिससे यह असम के चाय उद्योग में एक प्रगतिशील उदाहरण माना जाता है.

Monabari Tea Estate:मोनाबारी टी एस्टेट : मोनाबारी टी एस्टेट असम जिले के विस्वनाथ जिले में स्थित है. यह चाय बागान एशिया के सबसे बड़े चाय बागानों में से एक है, जो 1,300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. यह McLeod Russel India Limited के स्वामित्व में है और कई हिस्सों में बंटा हुआ है. यह अपनी अच्छी तरह से विकसित संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए भी जाना जाता है. हालांकि यहां पर्यटकों की पहुंच सीमित है, फिर भी इसका विशाल आकार, प्राकृतिक सुंदरता और चाय उत्पादन में बड़ा योगदान इसे बेहद खास और प्रसिद्ध बनाता है. यहां के सुंदर दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे.
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Halmari Tea Estate: हॉलमारी टी एस्टेट: मोरन में स्थित यह चाय बागान पिछले 100 वर्षों से प्रीमियम क्वालिटी की चाय के लिए मशहूर है. यह डागा परिवार के स्वामित्व में है और चाय नीलामी में अक्सर रिकॉर्ड कीमत हासिल करता है. यहां CTC और ऑर्थोडॉक्स दोनों तरह की चाय बनाई जाती है. हॉलमारी की चाय लग्जरी होटलों में परोसी जाती है और दुनिया के कई देशों में निर्यात की जाती है, जिससे यह असम के प्रमुख चाय बागानों में गिना जाता है.

Mangalam Tea Estate: मंगलम टी एस्टेट: मंगलम टी एस्टेट शिवसागर में स्थित है. यह चाय बागान अपनी मुलायम और संतुलित स्वाद वाली चाय के लिए खास पहचान रखता है. यह एस्टेट व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है, जहां बागान साफ-सुथरे और अच्छी तरह से प्रबंधित हैं. यहां की ऑर्थोडॉक्स चाय यूरोप, खासकर जर्मनी में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, यहां की गोल्डन-टिप्ड ब्लैक टी इसे प्रीमियम श्रेणी में खास बनाती है और इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बनी रहती है.

Corramore Tea Estate: कोरामोर टी एस्टेट: उदलगुड़ी में स्थित यह ऐतिहासिक चाय बागान है जिसे 1860 के दशक में रॉबर्ट लोगन द्वारा स्थापित किया गया था. यह बागान आसपास की पहाड़ियों के सुंदर नज़ारों से घिरा हुआ है जिसकी वजह से यहां का मनोरम दृश्य दिल को झंकृत कर देता है. यहां जाकर जन्नत जैसी सुकून महसूस होती है. कोरामारो टी एस्टेट अपनी विरासत के साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता की चाय उत्पादन के लिए जाना जाता है. यह असम के औपनिवेशिक दौर की चाय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है. हालांकि, इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए संरक्षण (कंजर्वेशन) की जरूरत भी बताई जाती है.

Amchong Tea Estate:अमचोंग टी एस्टेट : गुवाहाटी से थोड़ी दूरी पर स्थित अमचोंग टी एस्टेट असम के सबसे आसानी से पहुंचने वाले एस्टेट्स में से एक है. शुरुआत में यहां मुख्य रूप से CTC चाय बनाई जाती थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसने ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन भी शुरू किया है, जिसकी नीलामी में अच्छी मांग होती है. यह एस्टेट स्थानीय विकास, खासकर सड़क कनेक्टिविटी सुधारने में अपने योगदान के लिए भी जाना जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों को काफी लाभ मिला है. आसानी से पहुंचने के कारण यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है.

Sapoi Tea Estate:सपोई टी एस्टेट: सपोई टी एस्टेट सोनितपुर में ब्रह्मपुत्र नदी के पास स्थित है. सपोई चाय बागान सिर्फ चाय उत्पादन ही नहीं बल्कि एक खास अनुभव भी देता है. यहां का मनोरम दृश्य और दूर तक चाय बगानों की हरियाली मन को दीवाना बना देता है. यहां आने वाले लोग खूबसूरत बंगलों में ठहर सकते हैं, चाय तोड़ने की प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं और ऑर्गेनिक खेती के तरीके भी देख सकते हैं. यह एस्टेट चाय उत्पादन के साथ-साथ इको-टूरिज्म और ग्रामीण जीवन के अनुभव को शानदार तरीके से जोड़ता है, जिससे यह पर्यटकों के लिए एक आकर्षक जगह बन जाता है.





