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Pluto 9th Planet: 10 साल की बच्ची कायला ने नासा को एक इमोशनल चिट्ठी लिखकर प्लूटो को फिर से ग्रह बनाने की मांग की है. इस नन्ही अंतरिक्ष प्रेमी की दलीलों ने सोशल मीडिया पर सबका दिल जीत लिया है. सबसे चौंकाने वाली बात नासा चीफ जेरेड इसाकमैन का जवाब रहा, जिन्होंने कहा कि वे इस मामले को देख रहे हैं. 2006 में ग्रह का दर्जा खोने वाले प्लूटो पर अब नई बहस छिड़ गई है.
क्या प्लूटो फिर से बनेगा हमारे सौर मंडल का 9वां ग्रह? (Photo : NASA)
नई दिल्ली: सौर मंडल के बारे में पढ़ने वाले हर बच्चे को प्लूटो से अलग ही लगाव रहा है. पुराने समय में हम नौ ग्रहों के नाम रटते थे, लेकिन 2006 में प्लूटो से ग्रह का दर्जा छीन लिया गया था. अब एक 10 साल की बच्ची कायला ने नासा को ऐसी चिट्ठी लिखी है जिसने वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. कायला ने अपनी चिट्ठी में बड़े ही मासूम और ठोस अंदाज में प्लूटो की वकालत की है. इस चिट्ठी ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है और लोग अब नासा से जवाब मांग रहे हैं. कायला ने नासा को लिखे अपने लेटर में भावुक अपील की है. उसने लिखा कि प्लीज प्लूटो को फिर से ग्रह बना दीजिए, यह मुझे और मेरे दोस्तों को बहुत खुश कर देगा. कायला ने इसके पीछे तर्क दिया कि प्लूटो हमारे सौर मंडल का हिस्सा है और पहले भी ग्रह रह चुका है.
इस नन्ही बच्ची की मेहनत और रिसर्च तब दिखी जब उसने प्लूटो के पांच चंद्रमाओं और उसकी खोज से जुड़े फैक्ट्स भी लिखे. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने इस पर रिप्लाई करते हुए लिखा, ‘कायला, हम इस पर गौर कर रहे हैं.’
प्लूटो को ग्रहों की लिस्ट से बाहर क्यों किया गया था?
साल 2006 में इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन ने ग्रहों की परिभाषा बदल दी थी. किसी भी खगोलीय पिंड को ग्रह कहलाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं. पहली यह कि वह सूरज के चक्कर लगाता हो, दूसरी उसका आकार गोल हो और तीसरी वह अपने ऑर्बिट के आसपास के इलाके को साफ रखता हो. प्लूटो पहली दो शर्तें तो पूरी करता है, लेकिन तीसरी में फेल हो गया. वह काइपर बेल्ट में मौजूद दूसरे मलबे और पिंडों के बीच घूमता है. इसी वजह से उसे ड्वार्फ प्लेनेट यानी बौना ग्रह घोषित कर दिया गया था.
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