चीन जाने का प्लान और खर्ग पर कब्जे का इरादा, मौजूदा हालात में क्या ड्रैगन के घर कदम रख पाएंगे ट्रंप?


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Iran US War News: अमेरिका-ईरान के बीच जो संघर्ष चल रहा है, उसे लेकर एक बात तो साफ हो चुकी है कि युद्ध का अंत इतनी जल्दी तो नहीं होने जा रहा. डोनाल्ड ट्रंप भले ही वार्ता की बात कर रहे हैं लेकिन सच ये है कि वे इसके साथ ही ये भी सोच चुके हैं कि वार्ता असफल होने पर उन्हें क्या करना है. तभी तो होर्मुज के बदले वे खर्ग द्वीप पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं.

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चीन यात्रा करेंगे ट्रंप.

US-China Relation amid Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मई में चीन जाने वाले हैं. व्हाइट हाउस ने घोषणा कर दी है कि 14-15 मई को बीजिंग में शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात होगी. यह यात्रा मूल रूप से मार्च के अंत में तय थी, लेकिन ईरान युद्ध के कारण टल गई. अब ट्रंप ईरान के साथ युद्ध के बीच ही चीन की यात्रा पर जाने की तैयारी में हैं, लेकिन इससे पहले ही ट्रंप प्रशासन ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा जमाने की योजना बना रहा है. खर्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है.

यहां से ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का करीब 90 प्रतिशत गुजरता है. चीन इस तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. चीन रोजाना 14 से 17 लाख बैरल तक आयात करता है, जो ईरान के कुल तेल निर्यात का 80-91 प्रतिशत है. खर्ग द्वीप पर अमेरिका का कब्जा या ब्लॉकेड ईरान पर दबाव बनाने के लिए रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि तेहरान हॉर्मुज स्ट्रेट खोल दे. इसका सीधा असर चीन पर पड़ेगा. चीन को सस्ता ईरानी तेल मिलना बंद हो जाएगा, जिससे उसके तेल आयात पर भारी असर पड़ेगा.

खर्ग द्वीप को कब्जाने की तैयारी

जब से डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन के युद्धविराम की घोषणा की है, तब से सवाल ये उठ रहा था कि ट्रंप करना क्या चाहते हैं. अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत काफी बढ़ा दी है. उत्तरी कैरोलिना बेस से अमेरिकी सेना के 82वें एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 3000-4000 अतिरिक्त सैनिकों को बुलाया जा रहा है. प्रशांत महासागर के दोनों छोरों से दो यूनिट्स पहले ही रास्ते में हैं. इन बैकअप ट्रूप्स के आने से पहले मिडिल ईस्ट में पहले से तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो जाएगी. डोनाल्ड ट्रंप पहले से ही खर्ग द्वीप को कब्जा करने की धमकी ईरान को दे चुके हैं. ऐसे में होर्मुज में हालात बिगड़ने के बाद वे इस प्लान पर काम कर रहे हैं, भले ही वार्ता और समझौते की बात चल रही हो.

कैसे चीन में कदम रखेंगे ट्रंप?

सवाल यह है कि अगर अमेरिका खर्ग पर कब्जा कर लेता है, तो ट्रंप चीन जाएंगे कैसे? शी जिनपिंग से सामना करते वक्त ट्रंप के पास क्या जवाब होगा? एक तरफ युद्ध जीतने की जिद, दूसरी तरफ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से संबंध सुधारने का प्लान. खर्ग पर कदम बढ़ाने से पहले ट्रंप को यह सोचना होगा कि मई की बीजिंग यात्रा बिना तेल युद्ध के टकराव के पूरी हो पाएगी या नहीं. क्या ट्रंप दोनों मोर्चों पर एक साथ खेल पाएंगे या खर्ग का कब्जा उनकी चीन यात्रा को ही बर्बाद कर देगा?

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



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