Last Updated:
तेल संकट के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक राहत भरी खबर देते हुए पेट्रोल की कीमतों में गिरावट की भविष्यवाणी की है. वेंस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप का इरादा ईरान में लंबे समय तक युद्ध लड़ने का नहीं, बल्कि ‘काम खत्म कर जल्द बाहर निकलने’ का है, ताकि ईरानी नौसेना की दादागिरी को खत्म कर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित किया जा सके.
पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों पर बोले जेडी वेंस
वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में बरसते बारूद ने पूरी दुनिया का तेल पी लिया है. कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और अमेरिका जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. हर कोई सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है कि ये जंग कब खत्म होगी और कब ईंधन के दाम गिरेंगे? इस सवाल का जवाब हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दे दिया है. उन्होंने बताया है कि गैस के दाम कब गिरेंगे और जंग को लेकर उनका प्लान आखिर क्या है?
वेंस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर क्या कहा?
वेंस का कहना है कि अमेरिका का मकसद ईरान पर कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे इतना ‘शक्तिहीन’ कर देना है कि वह दोबारा कभी चुनौती न बन सके. जेडी वेंस ने एक हालिया इंटरव्यू में अमेरिकी जनता को बड़ी राहत देने की कोशिश की.
उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान में एक या दो साल तक नहीं रुकने वाला है. राष्ट्रपति ट्रंप का मिशन साफ है, काम खत्म करो और बाहर निकलो. उन्होंने यह भी दावा किया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की समस्या सिर्फ कुछ समय के लिए है और जैसे ही ऑपरेशन सफल होगा, गैस के दाम फिर से नीचे आ जाएंगे.
ईरानी नौसेना पर आखिरी अटैक
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुछ ऐसे वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें ईरानी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका का कहना है कि दशकों से ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जो दादागिरी मचा रखी थी, अब उसका अंत हो चुका है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों को खंडहर बना दिया है जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे.
जहां अमेरिका अपनी जीत के दावे कर रहा है, वहीं ईरान की तरफ से आने वाली खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि उन्होंने दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ‘सैकड़ों’ अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं और घंटों तक एम्बुलेंस और राहत दल शवों और घायलों को ढोते रहे.
About the Author

Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें





