पवन खेड़ा ने आगे कहा कि बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी मुझे और मेरी पार्टी को चुप क्यों कराना चाहती है, बजाय इसके कि उनको सवालों का जवाब देने में क्या परेशानी है। अगर उनको लगता है कि हम डर जाएंगे तो यह उनका मुगालता है। मैं मेवाड़ का रहने वाला हूं, कांग्रेसी हूं और राहुल गांधी का सिपाही हूं। ऐसे में डरने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि क्योंकि मुझे बोलते रहना है और सवाल पूछते रहना है, इसलिए मैं आपकी पुलिस को जरूर अवॉइड कर रहा हूं। लेकिन जो कागज हमारे पास आए और लोगों ने हमें बताए… वो हमने आप सबके साथ साझा किए हैं। हालांकि माना जा रहा था कि आप जांच बैठाएंगे, लेकिन आपने पुलिस छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष, जिनका राजनीतिक अनुभव आपकी उम्र से ज्यादा है… उनके खिलाफ ऐसे अपशब्द असम के लोग बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि रिनिकी सरमा के नाम से कुछ और संदेहास्पद जानकारियां निकलकर आई हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। जो-जो जानकारियां हमारे पास आ रही हैं, हम उन्हें आपके साथ साझा कर रहे हैं।





