4.4 C
New York

Patna Ayush Kumar Murder Eyewitness Story; Victim Sister On School Teachers | Bihar News | पटना में प्रिंसिपल ने आयुष का गटर में डाला था: बच्चे के सिर पर चोट लगी, खून देखकर डरीं तो गटर में फेंका; बेटे समेत गिरफ्तार – Patna News

Published:


पटना के टिनी टॉट एकेडमी स्कूल में 4 साल पुराने आयुष की हत्या के मामले में पुलिस ने छात्रा और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। बेटा स्कूल टीचर है। पुलिस पूछताछ में सुपरमार्केट वीणा झा नी पुतुल झा ने बताया कि स्कूल में एंकर वीणा झा से गिर गई थी

.

उन्होंने कहा कि खून बहुत बह रहा था। हम डर गए थे। मैंने अपने बेटे धनराज झा (21) को पढ़ाया। हम दोनों ने मिलकर सबसे पहले खून के ‍तारीखें निकाले फिर आयुष को गटर में फेंक दिया। हमें किसी को कुछ पता नहीं चला। हम बच जायेंगे।

गुरुवार देर रात करीब तीन बजे आयुष का शव मिला। क्लास रूम के अंदर ही गेटर में उसकी डेड बॉडी तैर रही थी। वो इसी स्कूल में और इसी क्लास रूम में आशियाने में था। बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। माँ बताती है कि उसने चीनी-भाटकर खिलाड़ी को स्कूल भेजा था।

गुरुवार सुबह 7 बजे स्कूल देखने गया, तुम आज मत जाओ। दादी को बाग दे दो। आज वो मुझे छोड़ेगी। दादा-दादी उसे बस तक छोड़ गए थे।

कक्षा के समान गेटर से बच्चे का शव मिला था।

कक्षा के समान गेटर से बच्चे का शव मिला था।

रात 12 बजे आयुष का स्कूल खत्म हुआ, फिर वह उसी स्कूल में रुका। 3 बजे के बाद वह घर लौट आया, लेकिन उस दिन भी नहीं लौटा। साढ़े तीन बजे स्कूल से पिता को फोन आया कि आपका बच्चा नहीं मिल रहा है। बस के ड्राइवर ने कहा कि मैं स्कूल बंद कर रहा हूं। प्रिसिंपल ने परिवार के सामने सीसीटीवी कैमरे रखे दिए। जिसमें 10 मिनट का सावेजी मिलाप शामिल है।

आयुष की 5 साल की बहन भी उसके साथ एक ही स्कूल में पढ़ती थी। उन्होंने घटना की संपूर्ण दृष्टि से अवलोकन किया। बच्ची का कहना है कि धनराज सर ने गैटर का सुपरमार्केट भाई को शामिल कर लिया फिर से अपार्टमेंट दे दिया। 4 साल के आयुष के साथ गुरुवार को स्कूल जाने के बाद क्या-क्या हुआ। इस रिपोर्ट में पढ़ें

आयुष की उम्र 4 साल थी जब वह पटना के टिनी टुट एकेडमी स्कूल में थे।

आयुष की उम्र 4 साल थी जब वह पटना के टिनी टुट एकेडमी स्कूल में थे।

सबसे पहले आयुष के साथ स्कूल में पढ़ने वाली बहन की नजर
आयुष की बहन प्रिया ने बताया कि मैंने देखा कि धनराज सर आयुष को गटर में लकड़ी का पात्र रखते हुए नीचे दिया गया था। इसके बाद उस पर प्लास्टिक का बोरा रख दिया और वहां पर बने मेन गेट को बंद कर दिया।

हम लोग आयुष को फिर से पाने लगें। हम लोगों ने कहा कि तुमने ही मेरे भाई को रखा है। मेरे भाई को वापस लाओ। इस पर धनराज सर क्लास की ओर जाने से मन करने लगे।

मैंने कहा कि मैं अपने पिता को घटना के बारे में बताऊंगा। इसके बाद धनराज सर ने खतरनाक भी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कुछ कहा तो तुम्हें देखना कि क्या हाल होता है। इसके कारण मैंने किसी को कुछ नहीं कहा।

आयुष की बहन ने बताया कि सर ने उसे गैटर में डेमोक्रेट लगाया था।

आयुष की बहन ने बताया कि सर ने उसे गैटर में डेमोक्रेट लगाया था।

पिता ने कहा- स्कूलवालों को कुछ नहीं बताया
आयुष के पिता के अनुसार स्कूल में 12 बजे दोपहर हुई। ऊँट के बाद वो स्कूल में खेल रहा था। इसके बाद वह दोपहर 12 बजे स्कूल में ही कोचिंग जाना था। दोपहर 12 बजे से तीन रन वाली बोतल में आयुष नहीं पहुंचा।

स्कूल वालों ने हमें इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी। 4 से साढ़े 4 के बाद स्कूल से कॉल आया कि आयुष नहीं मिल रहा है। सभी लोग स्कूल क्षेत्र। काफी खोज के बाद भी आयुष नहीं मिला।

आयुष के पिता ने बताया कि स्कूल वालों ने 10 मिनट का सीसीटीवी डिलीट कर दिया है।

आयुष के पिता ने बताया कि स्कूल वालों ने 10 मिनट का सीसीटीवी डिलीट कर दिया है।

मैंने सीसीटीवी फुटेज के लिए बोला, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से नहीं दिखाया गया। कैमरा ख़राब होने की बात कही गयी। रात दो बजे क्लास रूम वाले कैमरे को बंद करने की जिद की तो देखा कि आयुष खेलता दिख रहा है।

इसके बाद का वीडियो कट हुआ है। कुछ देर बाद के वीडियो में दाई उस कमरे को साफ कर रही थी, लेकिन वहां कोई बच्चा नहीं था

शुक्रवार दोपहर 3 बजे पुलिस को शक हुआ तो गेटर का अपार्टमेंट हटा दिया गया
शुक्रवार सुबह पुलिस ने स्कूल के सभी सीसीटीवी कैमरे चेक किए। शक हुआ तो उस क्लास रूम में गया, जहां गेटर था। पुलिस ने गैटर का अपार्टमेंट हटाया तो अंदर आयुष का शव था। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। शव देखकर परिवार आपा खो दिया था। शव ही स्कूल से सभी शिक्षक भी भाग गए थे।

आयुष की मां ने कहा- मेरे बेटे ने मुझसे कहा था कि आज बैग में किताब नहीं रखना, आज कॉपी से ही पढ़ाई होती है।  यही आखिरी बातचीत थी।

आयुष की मां ने कहा- मेरे बेटे ने मुझसे कहा था कि आज बैग में किताब नहीं रखना, आज कॉपी से ही पढ़ाई होती है। यही आखिरी बातचीत थी।

माँ ने चावल-चीनी खिलाकर भेजा था
आयुष की माँ ने कहा कि मैंने उसे गोद में चीनी-भात की दुकान दी थी। स्कूल के लिए टिफ़िन में भी चीनी चावल दिया गया था। उसका बैग और टिफिन घर आया तो वो खाली हो गया। इसका मतलब चीनी-भात खान था। उसने दादी को बोला कि स्कूल बैग दादी को दे दो माँ। दादा-दादी दोनों स्कूल बस पर चले गए।

स्कूल बैग में किताब रखने से माँ को आयुष ने मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि रविवार और शनिवार को किताब से पढ़ाई होती है। आज सिर्फ कॉपी करना चाहिए। माँ ने स्कूल बैग में कॉपी रख दी। मां और आयुष की ये आखिरी बात थी।

चार दिन पहले आयुष के लिए दोस्ती थी बुक
कारखानों में काम करने वाले आयुष के पिता शैले ने बताया कि 2-4 दिन पहले नई किताब खरीदकर लोहा खरीदा गया था। कभी कोई स्कूल की फ़ेक कागजात नहीं रहती थी। कभी-कभी शास्त्र भी हो जाते थे तो दे देते थे। इसके बाद भी क्या दुश्मनी थी, पता नहीं।

दूसरे पेरेंट्स भी बोले- यहां नहीं पढ़ेंगे बच्चों को
इस घटना के बाद इस स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के बेस भी हैं। उनसे एक ने कहा- मेरी दो भतीजी पढ़ती हैं। एक ब्रांड और दूसरी यूकेजी में है। लेकिन, अब डर लग रहा है। अब कभी भी यहां नहीं पढ़ेंगे।

पुलिस बोली- पुरालेख ने जुर्म को मान्यता दी है
सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश ने कहा कि उस दौरान यूवी को चोट लगी थी। अधिकांश ख़ून अहाता लगा, तो निर्माता और उसका बेटा डर गया। उन्होंने बच्चे को अस्पताल नहीं भेजा, बल्कि गटर में डाल दिया। इससे उनकी मृत्यु हो गई। दोनों ने इवेंट में अपनी-अपनी सहमति स्वीकार की है।

भीड़ ने स्कूल में पढ़ाई की

शव मिलने के बाद गुस्साए लोगों ने स्कूल की मूर्ति में आग लगा दी। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर दानापुर-गांधी मैदान मुख्य मार्ग पर बाटागंज पेट्रोल पंप के पास जाम लगा दिया। सड़क पर भी चला गया।

पुलिस ने काफी संकट के बाद लोगों की भीड़ और भीड़ को स्कूल से हटा दिया। फायर ब्रिगेड ने स्कूल में लगी आग पर फिजियोलॉजी पा लिया है। साथ ही पुलिस ने स्कूल प्रशासन से जुड़े 3 लोगों को हिरासत में लिया है।

सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश ने कहा- यूवी को उस दौरान चोट लगी थी

सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश ने कहा कि उस दौरान यूवी को चोट लगी थी। इसके बाद ख़ून अहाता लगा, तो डर से अस्पताल के बाकी हिस्सों में सैपटिक टैंक में डाल दिया गया। इसके कारण आयुष की मौत हो गई और पुतले के लिए खून के धब्बे लगा दिए गए।

इस मामले में धनराज झा (21) और मां वीणा झा नीना पुतुल झा ने घटना में अपनी सहमति स्वीकार की है। गिरफ्तार महिला वीणा झा नी पुतुल झा स्कूल की कार्यशाला का संचालक है और धनराज झा संचालक है।

दीघा थाने में दो एफआईआर दर्ज
आयुष हत्याकांड मामले में दीघा थाने में दो एफआईआर दर्ज हैं। एक मामला हत्या का है, वहीं दूसरा हत्या का मामला है। नरसंहार मामले में अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

ये खबर भी पढ़ें…
पटना में बच्चे का शव स्कूल के गेटर में मिला: बाजार में थी भूख, भीड़ ने स्कूल में लगाई आग; 10 मिनट का सीसीटीवी फुटेज

पटना के टिनी टोट एकेडमी स्कूल के गटर से 4 साल के एक बच्चे का शव रात 3 बजे बरामद हुआ। वह इसी प्रकार स्कूल में था। शव मिलने के बाद गुस्साए लोगों ने स्कूल की मूर्ति में आग लगा दी। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर दानापुर-गांधी मैदान मुख्य मार्ग पर बाटागंज पेट्रोल पंप के पास जाम लगा दिया। सड़क पर भी दिखाया गया है।

पुलिस ने काफी संकट के बाद लोगों की भीड़ और भीड़ को स्कूल से हटा दिया। करीब 3-4 घंटे के लिए कर्मचारियों के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। फायर ब्रिगेड ने स्कूल में लगी आग पर फिजियोलॉजी पा लिया है। साथ ही पुलिस ने स्कूल प्रशासन से जुड़े 3 लोगों को हिरासत में लिया है। आपकी पूछताछ जारी है। स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ें



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img